अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के विनिमय दर में एक बड़ा ब्रेकडाउन देखा गया है, जहां यह मुद्रा जोड़ा 155.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 154.30 के स्तर पर आ गया है। वैश्विक वित्तीय बाजार में इस समय बैंक ऑफ जापान द्वारा अगले सप्ताह अपनी नीतिगत बैठक में ब्याज दर में 25 आधार अंकों (25bp) की बढ़ोतरी किए जाने की लगभग 100 प्रतिशत संभावनाएं जताई जा रही हैं। वित्तीय संस्थान ओसीबीसी के वरिष्ठ विश्लेषक क्रिस्टोफर वोंग ने स्पष्ट किया है कि 155.00 के स्तर से नीचे लगातार होने वाली ट्रेडिंग पूर्ववर्ती सपोर्ट स्तर को मजबूत रेजिस्टेंस में बदल देती है। इसके चलते इस मुद्रा जोड़े के लिए 152.20 के निचले स्तरों तक गिरावट का नया रास्ता खुल गया है।
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति और घरेलू आर्थिक कारक
जापानी मुद्रा येन को लेकर बाजार की धारणा में व्यापक बदलाव आया है और यह मंदी के रुख से बाहर निकलकर मजबूती की ओर बढ़ रही है। इस मुद्रा की मजबूती के पीछे एक प्रमुख कारण जापानी पूंजी का स्वदेश वापस लौटना (कैपिटल रिपेट्रिएशन) है। इसके साथ ही येन-फंडेड कैरी ट्रेड में निवेशकों की दिलचस्पी में भारी कमी आई है। पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय निवेशक कम ब्याज दर वाली जापानी मुद्रा में उधार लेकर अधिक प्रतिफल वाली विदेशी संपत्तियों में निवेश कर रहे थे। हालांकि, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव के कारण अब कैरी ट्रेड का आकर्षण घट गया है, जिससे ट्रेडर्स को अपनी शॉर्ट पोजीशन बंद करके येन की खरीदारी करनी पड़ रही है।
इसके अतिरिक्त, जापान के घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान को अपनी मौद्रिक नीति को सख्त करने का ठोस आधार प्रदान किया है। हाल ही में जारी आंकड़ों से संकेत मिलता है कि जापान में वेतन वृद्धि की दर में सकारात्मक बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही दूसरी तिमाही (Q2) के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों में भी ऊपर की ओर संशोधन किया गया है। इन मजबूत आर्थिक परिस्थितियों ने यह लगभग तय कर दिया है कि जापानी केंद्रीय बैंक अगले सप्ताह ब्याज दर में 25 आधार अंकों का इजाफा करेगा, जिससे येन की मध्यम अवधि की मजबूती को समर्थन मिला है।
USD/JPY का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से, 155.00 का स्तर टूटना बाजार के रुझान में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। यह 155.00 का स्तर वर्ष 2026 के निचले और ऊपरी स्तरों के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर को दर्शाता था। पिछले कारोबारी बंद 156.20 के मुकाबले 1.21 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ वर्तमान में USD/JPY 154.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह मूल्य ढांचा स्पष्ट करता है कि मुद्रा जोड़ा दीर्घकालिक डाउनट्रेंड के दौर से गुजर रहा है।
दैनिक मोमेंटम संकेतक भी हल्के मंदड़िया रुख का संकेत दे रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 27 के स्तर पर बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बाजार ओवरसोल्ड स्थिति के काफी करीब है। वहीं, एमएसीडी (MACD) इंडिकेटर -0.58 के सिग्नल लाइन के मुकाबले -0.98 पर है, जिसका -0.40 का हिस्टोग्राम लगातार दबाव की पुष्टि करता है। वर्तमान में ऊपर की ओर 154.86 पर R1 और 155.41 पर R2 के रूप में रेजिस्टेंस स्तर मौजूद हैं, जबकि 156.70 का स्तर 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। नीचे की तरफ पहला सपोर्ट 153.32 (S1) पर है और उसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट 152.33 (S2) पर है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि गिरावट जारी रहती है तो अगला प्रमुख लक्ष्य 152.89 से 152.20 का दायरा होगा, जो वर्ष 2026 के निचले स्तर का प्रतिनिधित्व करता है।
गिरावट के इस दबाव के बावजूद, बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अल्पावधि में रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस सप्ताह अमेरिका से जारी होने वाले सीपीआई (CPI) और पीपीआई (PPI) मुद्रास्फीति आंकड़े इस मुद्रा जोड़े के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे। यदि अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत आते हैं, तो अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिल सकता है और USD/JPY निचले स्तरों से एक तेज तकनीकी उछाल दर्ज कर सकता है।
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार: AUD/USD में मजबूती
एशियाई ट्रेडिंग सेशन के दौरान अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी हलचल देखने को मिली। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर कारोबार करती हुई 14 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर में आई चौतरफा कमजोरी ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती प्रदान की, जिसने फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के असर को बेअसर कर दिया।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा चालू माह के अंत में ब्याज दर में एक और बढ़ोतरी किए जाने की उम्मीदें मजबूत हो रही हैं, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बल मिल रहा है। हालांकि, चीन से आए मिश्रित व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) के आंकड़ों के कारण AUD/USD की बढ़त एक सीमित दायरे में सिमटी नजर आई।
कमोडिटी बाजार: सोना $4,400 के पार, डीजल क्रैक स्प्रेड ने बनाया रिकॉर्ड
कीमती धातुओं के बाजार में, सोने की कीमतों में यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले मामूली नरमी देखी गई। इसके बावजूद, हाजिर सोना $4,400 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बना रहा। कमजोर अमेरिकी डॉलर से सोने को सहारा मिल रहा है, हालांकि फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता और सख्त रुख की संभावनाओं ने सोने की तेजी पर सीमित अंकुश लगा रखा है।
दूसरी ओर, ऊर्जा बाजार में रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखा जा रहा है। कच्चे तेल के बाजार में कुछ स्थिरता के बावजूद डीजल बाजार में अभूतपूर्व तेजी है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के मुकाबले प्रीमियम पहली बार इतिहास में $100 प्रति बैरल से ऊपर निकल गया। यह डीजल क्रैक स्प्रेड $102.00 प्रति बैरल के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो वैश्विक स्तर पर रिफाइनिंग क्षमता में भारी कमी और आपूर्ति की तंगी को रेखांकित करता है।



















