अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी की उम्मीद लगाए बैठे कारोबारी अचानक असमंजस में पड़ गए हैं, जबकि जापानी येन में चल रही तीव्र हलचल ने वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए नए जोखिम खड़े कर दिए हैं। व्यापक मुद्रा बाजार में तीसरी तिमाही के दौरान डॉलर सूचकांक यानी DXY में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जबकि EUR/USD में तिमाही आधार पर करीब 1.1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। वहीं GBP/USD के लिए तीसरी तिमाही काफी सुस्त और उतार-चढ़ाव रहित साबित हुई। इसके विपरीत, USD/JPY जोड़ी में बिल्कुल उल्टी दिशा में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसका सीधा प्रभाव येन कैरी ट्रेड के भविष्य पर पड़ सकता है। यदि यह रुख जारी रहता है, तो इसका दायरा केवल मुद्राओं तक सीमित न रहकर अन्य परिसंपत्ति वर्गों में भी व्यापक उथल-पुथल मचा सकता है।
जापानी येन की मजबूती और बैंक ऑफ जापान की नीतियां
बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY जोड़ी लगातार दबाव में रही और 157.00 के स्तर से नीचे बनी रही। जापानी घरेलू मोर्चे पर औद्योगिक उत्पादन और खुदरा बिक्री के आंकड़े काफी कमजोर दर्ज किए गए, लेकिन बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्त मौद्रिक नीतियों और सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन को ठोस सहारा दिया। केंद्रीय बैंक के आक्रामक रुख की उम्मीदों ने कमजोर घरेलू आंकड़ों के नकारात्मक असर को पीछे छोड़ दिया। इसके अतिरिक्त, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक नरमी ने भी USD/JPY में आई इस गिरावट को और गति प्रदान की, जिससे येन कैरी ट्रेड पर निर्भर निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर पर फिसला
दूसरी तरफ एशियाई कारोबारी घंटों में AUD/USD दो महीने के निचले स्तर के पास लगभग 0.6950 पर संघर्ष करता नजर आया। अगस्त महीने के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI आंकड़े अनुमान से कमजोर दर्ज किए गए, जिससे रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा। इसके साथ ही, चीन के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI के आंकड़ों में भी कोई खास दम नहीं दिखा, जिसके कारण अमेरिकी डॉलर की तेजी थमने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को किसी प्रकार का सहारा नहीं मिल सका और इसमें कमजोरी कायम रही।
सोने में सीमित दायरा और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का प्रभाव
यूरोपीय कारोबारी सत्र में प्रवेश करते समय बहुमूल्य धातु सोने में सीमित दायरे का रुख जारी रहा और यह 4,200 डॉलर के स्तर के ठीक नीचे कारोबार करता रहा। बाजार में मिले-जुले बुनियादी संकेतों के चलते सोने में कोई स्पष्ट दिशा तय नहीं हो सकी। मंगलवार को दो महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में आई गिरावट ने डॉलर को नीचे खींचा, जिसने सोने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीतियों की उम्मीदों ने सोने की बढ़त पर लगाम लगाए रखी। निवेशक किसी भी नई दिशा में दांव लगाने से पहले आगामी अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़ों के सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
क्रिप्टो बाजार में आवे की गिरावट और अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में विकेंद्रीकृत वित्त टोकन आवे यानी AAVE बुधवार को 161 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। इससे ठीक एक दिन पहले इस टोकन में 10 प्रतिशत से अधिक की जबर्दस्त उछाल दर्ज की गई थी, लेकिन ऑन-चेन आंकड़ों के मुताबिक निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से इसमें बिकवाली का दबाव बन गया। दूसरी ओर, आवे के संस्थापक स्टैनी कुलेचोव आवेनॉमिक्स 3.0 योजना के तहत एक टोकन-बर्न तंत्र लागू करने पर विचार कर रहे हैं, जो भविष्य में AAVE के लिए एक सकारात्मक उत्प्रेरक साबित हो सकता है। समूचे बाजार की नजरें अब संयुक्त राज्य अमेरिका के ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस पर टिकी हैं, जो बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर यानी PCE प्राइस इंडेक्स के आंकड़े जारी करेगा। फेडरल रिज़र्व के लिए मुद्रास्फीति मापने का यह सबसे पसंदीदा पैमाना है, इसलिए यह डेटा भविष्य के नीतिगत फैसलों की दिशा तय करने में बेहद अहम माना जा रहा है।



















