मेघालय के सीमावर्ती इलाके में अवैध घुसपैठ के संदेह में दो युवतियों को पकड़े जाने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और निगरानी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिले के नोंगतराई क्षेत्र से पकड़ी गई इन दोनों युवतियों पर बांग्लादेश से बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने का संदेह है। इस घटना के सामने आने के बाद हिनिएवट्रेप यूथ्स काउंसिल ने मामले की निष्पक्ष और समग्र जांच कराए जाने की मांग उठाई है, ताकि सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
प्रतिबंधित क्षेत्र में आवाजाही के दौरान हुई धरपकड़
यह मामला 26 सितंबर का है, जब नोंगतराई इलाके में एक प्रतिबंधित क्षेत्र से संदिग्ध आवाजाही की गुप्त सूचना संगठन की स्थानीय इकाई को मिली थी। इस इनपुट के आधार पर संदिग्धों को रोका गया। पकड़ी गई युवतियों की पहचान 22 वर्षीय झिनुक हिजरानी और 20 वर्षीय प्रियंका कुमारी के रूप में बताई गई है। जिस वक्त उन्हें रोका गया, उस समय वे पंजीकरण संख्या ML 05 AC 5971 वाले एक वाहन में यात्रा कर रही थीं। इसके बाद मामले की जानकारी कानून प्रवर्तन अधिकारियों को दी गई ताकि विधिवत कानूनी कदम उठाए जा सकें।
पासपोर्ट अधिनियम के तहत पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मौसिनराम पुलिस स्टेशन में इस संबंध में पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 12(1)(a) और 12(1)(c) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस पूरे प्रकरण की विस्तृत छानबीन का जिम्मा सब-इंस्पेक्टर रोचेस्टर वारशॉन्ग को सौंपा गया है। जांच अधिकारी अब हिरासत में ली गई दोनों युवतियों के यात्रा दस्तावेजों, उनके आने के वास्तविक उद्देश्य और घटनाक्रम से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।
घुसपैठ के मार्ग और मददगारों की पहचान की मांग
संगठन ने सोमवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में इस बात पर जोर दिया कि केवल अनुमान लगाने के बजाय पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया के जरिए दोनों व्यक्तियों की वास्तविक राष्ट्रीयता और पहचान तय की जानी चाहिए। इसके साथ ही यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि उन्होंने भारतीय सीमा में प्रवेश करने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया था। जांच के दायरे में यह बिंदु भी शामिल होना चाहिए कि क्या इस अवैध आवाजाही में किसी स्थानीय व्यक्ति या गिरोह ने उन्हें कोई मदद या सुविधा पहुंचाई थी। सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों के निवासियों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है, ताकि किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जा सके।



















