गारो हिल्स क्षेत्र में महिलाओं और नवजात शिशुओं की चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को तुरा स्थित जिला मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में 50 बिस्तरों वाले एक नए विंग का उद्घाटन किया। इस नए भवन के शुरू होने से अस्पताल में बिस्तरों की कुल संख्या बढ़कर अब 150 हो गई है। इस विस्तार से अस्पताल में मरीजों की अत्यधिक भीड़ से राहत मिलेगी और क्षेत्रीय स्तर पर जच्चा-बच्चा देखभाल सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती महिला लाभार्थियों को मदर एंड चाइल्ड केयर किट भी वितरित कीं।
स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र के बजट पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि वर्ष 2018 से राज्य सरकार सामाजिक क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य के कुल बजट का लगभग एक-चौथाई हिस्सा अकेले स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण क्षेत्रों पर खर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विकास के पारंपरिक पैमानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रगति का आकलन केवल आवंटित और खर्च किए गए धन से नहीं होना चाहिए, बल्कि इस बात से होना चाहिए कि उस खर्च से जमीनी स्तर पर क्या परिणाम निकल रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्र दीर्घकालिक होते हैं, जहाँ किए गए निवेश के ठोस और स्पष्ट परिणाम सामने आने में अमूमन पाँच से दस साल का समय लग जाता है।
मातृ मृत्यु दर में रिकॉर्ड गिरावट और भविष्य के लक्ष्य
मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में मेघालय की प्रगति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने मातृ मृत्यु दर में 55 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। उन्होंने इसे पूरे देश में मातृ मृत्यु दर में हुई सबसे बड़ी गिरावट बताया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रयासों का अंतिम लक्ष्य केवल आंकड़ों में सुधार करना नहीं, बल्कि मातृ और नवजात शिशु मृत्यु को पूरी तरह समाप्त करना होना चाहिए। कॉनराड के. संगमा ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि तुरा अस्पताल के इस नए विंग में गारो हिल्स की पहली सार्वजनिक नियोनेटरल इंटेंसिव केयर यूनिट यानी एनआईसीयू और एक सुदृढ़ स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट शामिल है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल दवाइयाँ लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानी जान बचाने का पवित्र दायित्व है।
राष्ट्रीय स्तर पर मेघालय मॉडल को मिली पहचान
मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि मेघालय के मदर एंड चाइल्ड हेल्थ मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसी मॉडल की सफलता के आधार पर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष इस योजना की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था। भविष्य की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पीएम-डिवाइन योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाएं कतार में हैं, जबकि तुरा के मातृत्व एवं शिशु अस्पताल के आगे के विस्तार की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव संपत कुमार, पश्चिम गारो हिल्स के डिप्टी कमिश्नर विभोर अग्रवाल, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. पी. चाइन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित थे।
बुनियादी ढांचे और समुदाय की भागीदारी से सुधार
समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव संपत कुमार ने कहा कि सरकार ने पिछले छह से सात वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया है। इन प्रयासों के सकारात्मक नतीजे अब राज्य के मानव विकास सूचकांकों में स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मातृ मृत्यु अनुपात और शिशु मृत्यु दर दोनों को सिंगल डिजिट यानी इकाई अंक में लाने का लक्ष्य बनाकर काम कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अस्पताल के भवनों और उपकरणों के विस्तार के साथ-साथ पारंपरिक स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से सामुदायिक लामबंदी की जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है और आपातकालीन स्थितियों में समय पर मदद पहुँचाने के लिए रेफरल वाहनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. पी. चाइन ने स्वागत भाषण दिया और स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर सहयोग हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।



















