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जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापतामध्य पूर्व
19 जुल॰ 2026, 1:48 am (68 दिन पहले)· 0

जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता

जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है और एक लापता है, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं।

जॉर्डन में ईरानी सेना द्वारा किए गए एक घातक ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य सैनिक अभी भी लापता है। इस गंभीर हमले के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे अमेरिकी सेना और पड़ोसी देशों की रक्षा प्रणालियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। इस घटना ने दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है।

हताहतों की स्थिति और चिकित्सा सहायता

यूएस सेंट्रल कमांड, जिसे सेंटकॉम के नाम से भी जाना जाता है, ने अमेरिकी सैनिकों पर हुए इस हमले के बाद की स्थिति पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। सैन्य कमांड के अनुसार, इस हमले में घायल हुए चार अमेरिकी सैनिकों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। आवश्यक उपचार और डॉक्टरों की देखरेख के बाद, इन चारों सैनिकों को अब अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इसके अलावा, जिन अन्य सैनिकों को हमले के दौरान मामूली चोटें आई थीं, वे प्राथमिक उपचार के बाद अपनी ड्यूटी पर वापस लौट आए हैं।

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जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली की कार्रवाई

इस सैन्य टकराव के दौरान जॉर्डन की सेना भी सक्रिय भूमिका में नजर आई। जॉर्डन के सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने रात भर में जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में दागी गई 10 ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। जॉर्डन की सेना ने स्पष्ट किया है कि इन मिसाइलों को रोके जाने और उनके मलबे के गिरने से जमीन पर किसी भी तरह के नुकसान या किसी नागरिक के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

राजनयिक समझौते का टूटना और अमेरिकी हवाई हमले

यह ताजा सैन्य टकराव दोनों देशों के बीच चल रहे राजनयिक प्रयासों के पूरी तरह से विफल होने के बाद हुआ है। इससे पहले, वॉशिंगटन और तेहरान ने इस युद्ध को समाप्त करने के लिए जून के महीने में एक प्रारंभिक समझौता किया था। हालांकि, यह राजनयिक प्रयास लंबे समय तक नहीं चल सका और हस्ताक्षर होने के महज एक महीने के भीतर ही यह समझौता पूरी तरह से टूट गया। दोनों देशों के बीच स्थिति तब और गंभीर हो गई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अस्थायी युद्धविराम समझौते को आधिकारिक तौर पर "समाप्त" घोषित कर दिया। राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी और ईरान के भीतर विभिन्न ठिकानों पर लगातार सातवीं रात हवाई हमले किए।

दोनों पक्षों में बढ़ती मौतों की संख्या

इस संघर्ष में मानवीय नुकसान का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। जॉर्डन में हुए इस ताजा हमले में दो सैनिकों की मौत के बाद, इस पूरे संघर्ष में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैन्य कर्मियों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है। अमेरिकी सेना के हताहतों की संख्या में यह इस सप्ताह की दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले, इसी महीने की शुरुआत में लापता हुए अमेरिकी नौसेना के एक पायलट को आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद यह आंकड़ा बढ़ा था।

दूसरी ओर, ईरान के भीतर अमेरिकी हमलों के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ईरानी सरकारी मीडिया ने देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया है कि पिछले तीन हफ्तों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इन तीन हफ्तों की बमबारी में 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

बंदरगाहों की नाकाबंदी और समुद्री मार्ग बंद

पिछले एक सप्ताह के दौरान दोनों देशों के बीच शत्रुता और अधिक बढ़ गई है, जिसका मुख्य कारण समुद्री सीमा पर की गई रणनीतिक कार्रवाई है। ईरान पर आर्थिक और रणनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर फिर से सख्त नाकाबंदी लागू कर दी है। अमेरिका की इस नाकाबंदी के जवाब में, तेहरान के अधिकारियों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की घोषणा कर दी है। इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर पड़ने की आशंका है, जिसने इस क्षेत्रीय संघर्ष को और अधिक गंभीर बना दिया है।

सवाल-जवाब

जॉर्डन में हुए हमले में कितने अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचा है?
इस ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है और एक सैनिक अभी भी लापता है।
क्या जॉर्डन की सेना ने हमलावर मिसाइलों को रोकने में सफलता पाई?
हां, जॉर्डन की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली 10 ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और इससे जमीन पर कोई नुकसान नहीं हुआ।
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ युद्धविराम समझौता क्यों टूटा?
जून में हुआ प्रारंभिक समझौता एक महीने के भीतर ही विफल हो गया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस समझौते को समाप्त घोषित करने के बाद युद्ध दोबारा शुरू हो गया।
दोनों देशों ने व्यापार और समुद्री मार्गों को लेकर क्या कदम उठाए हैं?
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर दी है, जिसके जवाब में ईरान ने महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की घोषणा की है।
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