मिजोरम में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को नया विस्तार देने की दिशा में राज्य सरकार ने मिजोरम स्टेट यूनिवर्सिटी के संचालन का लक्ष्य वर्ष 2028 तय किया है। राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री वनलालथ्लाना ने हाल ही में इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं, शीर्ष पदों की नियुक्तियों और परिसरों के चयन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शीर्ष नेतृत्व और पदों पर भर्ती की प्रक्रिया
विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने कुलपति (वाइस चांसलर) और कुलसचिव (रजिस्ट्रार) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, समिति के एक नामित सदस्य के हटने के बाद चयन प्रक्रिया को नए सिरे से पुनर्गठित करना पड़ा। इसके बाद सरकार ने एक नई खोज समिति (सर्च कमेटी) का गठन किया, जो अब इन दोनों शीर्ष प्रशासनिक पदों पर योग्य अधिकारियों के चयन का काम कर रही है।
प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था को संभालने के लिए सरकार ने मिजोरम स्टेट यूनिवर्सिटी हेतु कुल 71 पदों का सृजन किया है। शुरुआती चरण में इनमें से 21 पदों को भरने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। स्वीकृत पदों में से कुछ पर नियुक्तियां पूरी की जा चुकी हैं, जबकि शेष बचे पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
लुंगलेई में विश्वविद्यालय परिसर का स्थानांतरण
मिजोरम स्टेट यूनिवर्सिटी के स्थान को लेकर राज्य सरकार ने दूरगामी नीतिगत निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए मूल विधेयक 4 मार्च 2025 को राज्य विधानसभा द्वारा पारित किया गया था, जिसमें पहले राजधानी आइजोल को इसके केंद्र के रूप में प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, बाद में प्रशासनिक सुगमता और क्षेत्रीय विकास के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय को लुंगलेई में स्थापित करने का फैसला लिया गया।
स्थान परिवर्तन के इस निर्णय के बाद इस वर्ष फरवरी में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान संशोधित विधेयक दोबारा पारित कराया गया। जब तक लुंगलेई में स्थायी परिसर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक के लिए सरकार लुंगलेई शहर में एक उपयुक्त किराए के भवन की तलाश कर रही है। किराए के परिसर का अंतिम चयन होते ही विश्वविद्यालय के शुरुआती कामकाज को तुरंत गति दी जाएगी।
तकनीकी शिक्षा का विस्तार और नए इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय निर्माण के साथ-साथ राज्य सरकार मिजोरम में तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही है। लुंगलेई जिले के पुकपुई में स्थित मिजोरम इंजीनियरिंग कॉलेज को ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) से सिविल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इन दोनों विभागों में प्रतिवर्ष 30-30 छात्रों के प्रवेश की क्षमता तय की गई है।
लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस इंजीनियरिंग कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कक्षाएं शुरू होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, एनआईटी लेंगपुई परिसर के विकास के लिए वन मंजूरी से जुड़े आवश्यक फंड सरकार ने हासिल कर लिए हैं। वहीं, राज्य में तकनीकी शिक्षा के स्तर में सुधार के उद्देश्य से केंद्र सरकार के साथ 'मेरिट' (MERITE) योजना के तहत एक समझौते ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।



















