अमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करकक्षा में दांव-पेंच और लंबी उड़ान से चौकन्ना हुआ वॉशिंगटन, ड्रैगन के गुप्त स्पेसप्लेन की पहली स्पष्ट झलक आई सामनेआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेफर्जी हेल्थ कैंप के बहाने ग्रामीणों के आधार जुटाकर ई-सिम रैकेट चलाने वाले दो जालसाज मथुरा से पकड़े गएचीन के रहस्यमयी स्पेसप्लेन की तस्वीर ने खोली गुप्त अंतरिक्ष अभियानों की पोल, अमेरिकी रक्षा रिपोर्ट में बड़े खुलासेगुवाहाटी के ओडीआईएन एक्सपीरियंसेज ने जीता पूर्वी भारत के सर्वश्रेष्ठ नाइटक्लब का राष्ट्रीय खिताबभागलपुर के 12वीं के छात्र प्रिंस का पंचक सिलाट में अंतरराष्ट्रीय चयन, 33 देशों के मुकाबले में उतरेंगेउत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा की शहर पर्ची जारी, जानिए तारीखें और डाउनलोड प्रक्रियाऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
आइजोल टूरिज्म सर्किट के लिए मिजोरम ने केंद्र से मांगी 250 करोड़ रुपये की वित्तीय मददमिजोरम
30 अक्तू॰ 2026, 2:00 am (3 घंटे पहले)· 0

आइजोल टूरिज्म सर्किट के लिए मिजोरम ने केंद्र से मांगी 250 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद

मिजोरम के पर्यटन मंत्री लालरिंगलोवा हमार ने नई दिल्ली में केंद्रीय सचिवों से मुलाकात कर आइजोल और आसपास के क्षेत्रों को 250 करोड़ रुपये के बजट से पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की रूपरेखा रखी।

मिजोरम में पर्यटन क्षेत्र को रफ्तार देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से बड़े वित्तीय सहयोग की मांग की है। राज्य के पर्यटन मंत्री लालरिंगलोवा हमार ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में शीर्ष केंद्रीय अधिकारियों के साथ अहम बैठकें कीं। इन मुलाकातों के दौरान उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने, राजस्व बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए आइजोल क्षेत्र के समग्र विकास का खाका पेश किया।

नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठकें और कार्ययोजना

लालरिंगलोवा हमार, जिनके पास खेल मंत्रालय का प्रभार भी है, ने पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार और सूचना एवं प्रसारण सचिव चंचल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा की। इन बैठकों में उन्होंने लगभग 250 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार की जाने वाली विशेष आइजोल पर्यटन सर्किट परियोजना पर विस्तार से बात रखी। आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य राजधानी आइजोल और उसके नजदीकी दर्शनीय स्थलों को एक समन्वित नेटवर्क से जोड़ना है ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।

ये भी पढ़ें

सीमित उद्योगों के बीच आजीविका का बड़ा आधार

पर्यटन मंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि मिजोरम में बड़े पैमाने पर भारी उद्योगों की स्थापना के अवसर भौगोलिक और पर्यावरणीय कारणों से काफी सीमित हैं। ऐसे में पर्यटन उद्योग राज्य के आर्थिक विकास का एक प्रमुख इंजन साबित हो सकता है। यदि पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूती दी जाए और ज्यादा संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया जाए, तो इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के टिकाऊ अवसर मिलेंगे और राज्य का राजस्व आधार भी मजबूत होगा।

कार्यबल प्रशिक्षण और आतिथ्य सत्कार पर जोर

चर्चा के दौरान केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने रेखांकित किया कि केवल भौतिक संरचनाओं का निर्माण पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि एक सक्षम और कुशल कार्यबल तैयार करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने पर्यटकों की बढ़ती तादाद को देखते हुए टूर गाइडों के व्यापक प्रशिक्षण और उच्च गुणवत्ता वाले आवासीय परिसरों के विस्तार पर बल दिया। बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि अधोसंरचना में पूंजीगत निवेश के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार की गुणवत्ता और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से ही पर्यटकों का अनुभव पूरी तरह सुखद बन सकेगा।

सवाल-जवाब

मिजोरम ने केंद्र सरकार से किस परियोजना के लिए सहायता मांगी है?
मिजोरम ने आइजोल और उसके आसपास के क्षेत्रों में 250 करोड़ रुपये की लागत वाले पर्यटन सर्किट के विकास के लिए केंद्र से सहयोग मांगा है।
मिजोरम की ओर से केंद्र के साथ बैठक किसने की?
राज्य के पर्यटन और खेल मंत्री लालरिंगलोवा हमार ने नई दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यह बैठक की।
बैठक में केंद्र सरकार के कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे?
बैठक में केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार और सूचना एवं प्रसारण सचिव चंचल कुमार शामिल थे।
केंद्रीय पर्यटन सचिव ने किन सुधारों पर विशेष जोर दिया?
पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने टूर गाइडों को प्रशिक्षित करने और ठहरने की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
मिजोरम के लिए पर्यटन विकास क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?
मिजोरम में बड़े उद्योगों के अवसर सीमित हैं, इसलिए पर्यटन से राजस्व बढ़ाने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने में मदद मिलेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·11 मिनट पहले

अरे वाह, 250 करोड़ में आइजोल का कायापलट! अगर सच में बढ़िया गाइड मिल जाएं तो मजा आ जाए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·28 मिनट पहले

पिछلی बार जब मैं आइजोल गया था, तो सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ महसूस हुई थी। अगर यह प्रोजेक्ट पूरा हुआ, तो पहाड़ियों की इस खूबसूरती को देखना और भी आसान हो जाएगा।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·28 मिनट पहले

अ अर्जुन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। वहां कनेक्टिविटी सच में एक बड़ी दिक्कत है, 250 करोड़ का यह फंड अगर सही जगह लगा तो सफर वाकई आसान हो जाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

मिजोरम में पर्यटन बढ़ाने के लिए ढाई सौ करोड़ रुपये मांगे गए हैं, पर क्या इतनी बड़ी रकम से स्थानीय लोगों को सच में रोजगार मिल पाएगा?

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

करण भाई, रोजगार की बात तो सही है, पर क्या इतनी रकम से आइजोल में सच में पर्यटकों के रुकने की सही व्यवस्था बन पाएगी?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp