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12 लाख तक की इनकम पर जीरो टैक्स, जानिए पुराने और नए दोनों रिजीम में कैसे मिलती है सेक्शन 87ए की रिबेटमनी
26 जून 2026, 1:14 pm (45 दिन पहले)· 3

12 लाख तक की इनकम पर जीरो टैक्स, जानिए पुराने और नए दोनों रिजीम में कैसे मिलती है सेक्शन 87ए की रिबेट

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87ए के तहत पुराने रिजीम में 5 लाख और नए रिजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर लगने वाला पूरा टैक्स माफ हो जाता है। ITR पोर्टल पर यह रिबेट बिना किसी दस्तावेज के अपने आप लागू हो जाती है।

इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने की डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, करदाताओं की चिंता भी बढ़ती जा रही है। कुछ लोग पुराने रिजीम में रहकर हिसाब लगा रहे हैं तो कुछ नए रिजीम में जाने की सोच रहे हैं। लेकिन इस उलझन के बीच एक राहत की बात यह है कि इनकम टैक्स कानून में एक ऐसा प्रावधान है जो दोनों रिजीम के करदाताओं को फायदा देता है। यह है सेक्शन 87ए, जिसके तहत सरकार एक तय सीमा तक की कमाई पर लगने वाला पूरा टैक्स माफ कर देती है।

सेक्शन 87ए क्या है और कैसे काम करता है?

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87ए एक रिबेट प्रावधान है। इसमें आपकी आमदनी पर टैक्स की गणना सामान्य तरीके से होती है, लेकिन अगर कमाई एक तय सीमा के भीतर है तो यह पूरा टैक्स माफ कर दिया जाता है। आपको एक रुपया भी नहीं देना होता। पुराने टैक्स रिजीम में यह सुविधा सीधे धारा 87ए के तहत मिलती है, जबकि नए रिजीम में इसी प्रावधान को अपडेट करके 115BAC(1A) बनाया गया है। दोनों के काम करने का तरीका एक जैसा है, बस छूट की सीमा अलग-अलग है।

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पुराने रिजीम में 5 लाख तक की कमाई पर शून्य टैक्स

पुराने टैक्स रिजीम में रहने वाले करदाताओं के लिए सेक्शन 87ए के तहत 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना होता। इस सीमा पर टैक्स की गणना करने पर कुल 12,500 रुपये का टैक्स बनता है, लेकिन सरकार यह पूरी रकम माफ कर देती है। यानी जिनकी सालाना कमाई 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं, उन्हें पुराने रिजीम में एक पैसा भी टैक्स नहीं देना होगा।

हालांकि इस राहत में एक अहम शर्त है। जैसे ही इनकम 5 लाख रुपये से एक रुपया भी ज्यादा हो जाती है, यह रिबेट पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसके बाद पूरी कमाई पर टैक्स लगता है और वह चुकाना भी पड़ता है। इसलिए जो लोग इस सीमा के करीब हैं, उन्हें अपनी कुल आमदनी का सही हिसाब रखना बहुत जरूरी है।

नए रिजीम में 12 लाख तक की इनकम पर 60,000 रुपये की माफी

नए टैक्स रिजीम में यह राहत काफी बड़ी है। धारा 115BAC(1A) के तहत सरकार ने 12 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर टैक्स से पूरी राहत दी है। इस सीमा पर टैक्स की गणना होती है जो करीब 60,000 रुपये बनती है, लेकिन यह पूरी रकम माफ हो जाती है। यानी नए रिजीम में 12 लाख रुपये तक कमाने वाले करदाता पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती।

यहां भी वही शर्त लागू होती है जो पुराने रिजीम में है। अगर आमदनी 12 लाख रुपये से एक रुपया भी ज्यादा हो जाए, तो पूरी कमाई पर टैक्स की गणना होगी और कोई रिबेट नहीं मिलेगी। उस स्थिति में पूरी टैक्स देनदारी बन जाती है, इसलिए नए रिजीम में भी इस सीमा का खयाल रखना जरूरी है।

कोई कागजात नहीं, पोर्टल अपने आप करता है काम

इस पूरे प्रावधान की सबसे अच्छी बात यह है कि करदाता को इस छूट के लिए अलग से कोई दस्तावेज पेश करने या आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ती। ITR पोर्टल पर जैसे ही आप अपनी कुल आमदनी दर्ज करते हैं और अपना रिजीम चुनते हैं, सिस्टम खुद टैक्स की गणना के साथ-साथ रिबेट भी लागू कर देता है। इससे आपकी पूरी टैक्स देनदारी शून्य हो सकती है। बिना किसी अतिरिक्त कदम के, सामान्य ITR भरने की प्रक्रिया में ही यह छूट अपने आप जुड़ जाती है।

सवाल-जवाब

सेक्शन 87ए क्या है?
यह इनकम टैक्स एक्ट का एक रिबेट प्रावधान है जिसके तहत एक तय आमदनी सीमा तक के पूरे टैक्स को माफ कर दिया जाता है, यानी करदाता को एक रुपया भी नहीं देना होता।
पुराने रिजीम में सेक्शन 87ए के तहत कितनी छूट मिलती है?
पुराने रिजीम में 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर 12,500 रुपये का पूरा टैक्स माफ हो जाता है।
नए रिजीम में टैक्स रिबेट की सीमा क्या है?
नए रिजीम में 115BAC(1A) के तहत 12 लाख रुपये तक की आमदनी पर लगभग 60,000 रुपये का टैक्स पूरी तरह माफ हो जाता है।
अगर आमदनी तय सीमा से एक रुपया भी ज्यादा हो जाए तो क्या होगा?
पुराने रिजीम में 5 लाख और नए रिजीम में 12 लाख की सीमा पार होते ही रिबेट बिल्कुल नहीं मिलती और पूरी कमाई पर टैक्स लग जाता है।
115BAC(1A) और सेक्शन 87ए में क्या फर्क है?
115BAC(1A) नए टैक्स रिजीम में सेक्शन 87ए का अपडेटेड रूप है। दोनों एक ही तरह काम करते हैं, लेकिन 115BAC(1A) में छूट की सीमा 12 लाख रुपये है जबकि सेक्शन 87ए में 5 लाख रुपये है।
क्या इस रिबेट का फायदा उठाने के लिए अलग से कोई दस्तावेज देना होता है?
नहीं, ITR पोर्टल पर आमदनी और रिजीम चुनते ही सिस्टम अपने आप रिबेट लागू कर देता है, कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं चाहिए।
क्या यह रिबेट पुराने और नए दोनों रिजीम में मिलती है?
हां, दोनों रिजीम में यह छूट मिलती है, लेकिन पुराने रिजीम में सीमा 5 लाख रुपये है और नए रिजीम में 12 लाख रुपये, इसलिए नए रिजीम में ज्यादा राहत है।
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