अमेरिकी इक्विटी बाजार में नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत बेहद उत्साहजनक माहौल में हुई, जहां तकनीकी कंपनियों के शेयरों में आई आक्रामक खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और दशकों के उच्चतम स्तर पर चल रही ट्रेजरी यील्ड की परवाह न करते हुए निवेशकों ने टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों में भारी निवेश किया। हाल ही में सामने आए उम्मीद से सुस्त रोजगार आंकड़ों ने यह भरोसा जगाया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाली अक्टूबर बैठक में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी से बच सकता है, जिससे बाजार की धारणा को काफी बल मिला है। इसके साथ ही नए कारोबारी सप्ताह में कई अहम कंपनियों के तिमाही नतीजे भी निवेशकों की नजर में रहने वाले हैं।
नैस्डैक का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और तकनीकी शेयरों में उछाल
कारोबारी सत्र के दौरान नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक ने 27,544.06 के नए सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ और अंत में 1.05 प्रतिशत यानी 286.45 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ 27,477.31 पर बंद हुआ। इस शानदार तेजी के चलते नैस्डैक दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला प्रमुख सूचकांक बनकर उभरा। इस पूरे उछाल का नेतृत्व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दिग्गज टेक कंपनियों ने किया।
बाजार के दिग्गज शेयरों की बात करें तो एनवीडिया और टेस्ला दोनों में 2 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में 1.5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। अल्फाबेट ने 1 प्रतिशत का मुनाफा कमाया, जबकि मेटा के शेयरों में 2 प्रतिशत का उछाल आया। इसके अलावा ब्रॉडकॉम के शेयर भी 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर बंद हुए। निजी अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी स्पेसएक्स के मूल्यांकन में 8 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग देखी गई, जिसका मुख्य कारण फ्लोरिडा में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के निर्माण से जुड़ी योजनाएं रहीं। यह पाइपलाइन केप कैनावेरल से स्टारशिप रॉकेट के प्रक्षेपण को समर्थन देने के लिए प्रस्तावित की गई है, जिससे संबंधित क्षेत्र में काफी उत्साह देखा गया।
ट्रेजरी यील्ड और महंगाई की चिंताओं के बीच अन्य सूचकांकों की चाल
तकनीकी शेयरों में जबरदस्त तेजी के बावजूद बाकी बाजार में निवेशक कुछ हद तक सतर्क रुख अपनाए हुए थे। 10-वर्षीय और 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार जारी तेजी ने आर्थिक परिदृश्य पर अनिश्चितता का साया बनाए रखा है। यह यील्ड बढ़कर वर्ष 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच चुकी है। विशेष रूप से 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.33 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
लागत से जुड़े बढ़ते दबावों ने यह संकेत दिया है कि व्यावसायिक गतिविधियों में नरमी आने के बावजूद महंगाई का जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हाल के हफ्तों में बॉन्ड बाजारों ने लगातार बिकवाली का दबाव झेला है। हालांकि पिछले शुक्रवार को आए उम्मीद से कमजोर नौकरियों के आंकड़ों ने बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट लाते हुए निकट भविष्य में फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने की संभावनाओं को कमजोर कर दिया है। अब बाजार का ध्यान बुधवार को जारी होने वाले नीतिगत बैठक के विवरण पर टिका है, जिससे केंद्रीय बैंक के आगामी रुख को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, इस समय बाजार करीब 82 प्रतिशत संभावना जता रहा है कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।
इस मिले-जुले माहौल के बीच डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 90.94 अंक यानी 0.18 प्रतिशत बढ़कर 51,267.90 पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 सूचकांक में 51.23 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 7,773.95 के स्तर पर बंद होने में सफल रहा।
वायदा बाजार का रुख और तिमाही नतीजों पर टिकी नजरें
सत्र के बाद अमेरिकी शेयर वायदा बाजार में भी मजबूती का सिलसिला जारी रहा। डाउ जोंस फ्यूचर्स 69 अंकों की मजबूती के साथ 51,627 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 6 अंक बढ़कर 7,832.25 पर पहुंच गया। तकनीकी दिग्गजों पर आधारित नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 20.75 अंकों की तेजी आई और यह 31,338.50 के स्तर पर पहुंच गया। प्रमुख सूचकांकों द्वारा सप्ताह की मजबूत शुरुआत के बाद वायदा कारोबार में यह हल्की बढ़त निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है, भले ही बॉन्ड यील्ड का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
आगामी कारोबारी सत्र में अमेरिका के व्यापार संतुलन के आधिकारिक आंकड़े जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही कॉर्पोरेट जगत में कई प्रमुख कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणाम चर्चा के केंद्र में रहेंगे। इनमें एपोजी एंटरप्राइजेज इंक (APOG), कॉन्स्टेलेशन ब्रांड्स इंक (STZ), लैम्ब वेस्टन होल्डिंग्स इंक (LW), नियोजेन कॉर्पोरेशन (NEOG), पेंगुइन सॉल्यूशंस इंक (PENG) और आरपीएम इंटरनेशनल इंक (RPM) शामिल हैं। इन कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन से विभिन्न उद्योगों की जमीनी स्थिति का आकलन किया जाएगा।
भू-राजनीतिक जोखिम और कच्चे तेल का बाजार पर असर
एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर के अनुसार, वैश्विक वित्तीय बाजारों के सामने भू-राजनीतिक जोखिम अब भी एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन नौसेना ने यमन के अल-हुदैदाह प्रांत में एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजरानी मार्गों पर हूती खतरों को रोकना था। इसके साथ ही ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर लगातार मंडरा रहे हमलों के खतरे कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट को सीमित कर रहे हैं, जिससे बाजार की धारणा पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों को लेकर बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
पोनमुडी आर ने बताया कि अल्पावधि में बुनियादी आर्थिक दृष्टिकोण सतर्कता के साथ सकारात्मक बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की सुधरती भावना अल्पावधि में बाजार को सहारा दे रही है। हालांकि ऊर्जा और शिपिंग मार्गों में नए सिरे से व्यवधान की आशंका निवेशकों को लगातार सतर्क रहने पर मजबूर कर सकती है। शेयर बाजार में इस सुधार की निरंतरता काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों की स्थिरता और पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।



















