घरेलू शेयर बाजार में लगातार चार सत्रों की जोरदार तेजी के बाद आभूषण निर्माता कंपनी पीसी ज्वैलर लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार, 24 सितंबर को गिरावट दर्ज की गई। पिछले कारोबारी दिन 52 हफ्तों के नए शिखर को छूने के बाद निवेशकों ने तेजी का फायदा उठाते हुए मुनाफावसूली का रुख अपनाया। इसके अलावा, व्यापक बाजार में चौतरफा बिकवाली और प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी ने भी स्टॉक पर अतिरिक्त दबाव बनाने का काम किया।
गुरुवार के सत्र में कैसा रहा शेयरों का हाल
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान पीसी ज्वैलर के शेयर 14.61 रुपये पर खुले। कारोबार के दौरान खरीदारी के सहारे यह शेयर 14.65 रुपये के इंट्राडे उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहा। मुनाफावसूली के भारी दबाव के चलते सत्र के दौरान स्टॉक फिसलकर 14.01 रुपये के निचले स्तर तक चला गया। कारोबार की समाप्ति पर कंपनी का शेयर 0.21 रुपये अथवा 1.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14.26 रुपये पर बंद हुआ। इससे पहले बुधवार के सत्र में स्टॉक 14.47 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
यह गिरावट उस समय सामने आई है जब शेयर ने पिछले चार लगातार कारोबारी सत्रों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया था। बुधवार, 23 सितंबर को जोरदार खरीदारी के दम पर पीसी ज्वैलर के शेयर ने लगभग 14.87 रुपये का 52 हफ्तों का नया उच्चतम स्तर छुआ था और दिन के अंत में मजबूत बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा था।
मुनाफावसूली और बाजार की सुस्ती बनी गिरावट की वजह
बाजार के जानकारों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद तत्काल स्तर पर निवेशकों द्वारा मुनाफा लॉक करना इस गिरावट की प्रमुख वजह रही। पिछले कुछ सत्रों में स्टॉक ने काफी तेज चाल दिखाई थी, जिसके कारण नए 52-सप्ताह के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते ही कई निवेशकों ने अपनी पूंजी पर मुनाफावसूली शुरू कर दी।
इसके साथ ही समग्र बाजार के कमजोर माहौल ने स्थिति को और नाजुक बना दिया। गुरुवार को बेंचमार्क सूचकांकों में आई तेज गिरावट के कारण स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में जोखिम लेने की क्षमता कमजोर पड़ गई। व्यापक बाजार में जोखिम से बचने की धारणा के चलते हाल ही में तेज दौड़ लगाने वाले काउंटरों के लिए अपनी बढ़त को बरकरार रखना मुश्किल साबित हुआ।
99 प्रतिशत से ज्यादा बैंक कर्ज का निपटारा
कंपनी के बुनियादी मोर्चे पर कर्ज कटौती की प्रक्रिया काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। पीसी ज्वैलर ने जानकारी दी है कि उसने अपने कंसोर्टियम बैंकों के साथ हुए सेटलमेंट समझौते के तहत एक और ऋणदाता के पूरे बकाये का भुगतान कर दिया है। इस ताजा भुगतान के बाद कंपनी ने अब अपने 14 कंसोर्टियम लेंडर्स में से 13 लेंडर्स के साथ अपने कर्ज का पूरा निपटारा कर लिया है।
इस कदम के साथ ही कंपनी द्वारा चुकता किए गए कुल बैंक कर्ज का अनुपात 99 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। आभूषण कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह बची हुई शेष राशि का भुगतान भी सितंबर महीने के भीतर ही पूरा करने की उम्मीद कर रही है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने उल्लेख किया है कि ऋणदाताओं को किए गए ये सभी पुनर्भुगतान उनकी संबंधित तय देय तिथियों से पहले ही पूरे कर लिए गए हैं। बैंक कर्ज में यह निरंतर कमी ही हाल के दिनों में स्टॉक की तेजी का सबसे बड़ा आधार रही थी।
बैलेंस शीट में सुधार और इक्विटी शेयरों का आवंटन
बैंक ऋणों में इस बड़ी कटौती से पीसी ज्वैलर की बैलेंस शीट को मजबूती मिलने और समय के साथ वित्तीय दबाव काफी हद तक घटने की संभावना है। हालांकि, केवल कर्ज का पुनर्भुगतान ही कंपनी के भविष्य के वित्तीय और कारोबारी प्रदर्शन का एकमात्र पैमाना नहीं होता है, क्योंकि आने वाले समय में परिचालन क्षमता और मांग भी अहम भूमिका निभाएगी।
कंपनी से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में 23 सितंबर को वारंट कन्वर्जन के जरिए इक्विटी शेयरों के आवंटन की घोषणा की गई थी। इसके तहत कंपनी ने 1.18 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए, जिसके एवज में कंपनी को लगभग 16 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस पूंजी और कर्ज मुक्ति के कदमों से कंपनी अपने पूंजी ढांचे को पुनर्गठित करने में जुटी हुई है।

















