डाकघर के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बड़ी सुविधा सामने आई है। डाक विभाग ने अब आधार पर आधारित e-KYC के जरिए पेपरलेस लेनदेन की शुरुआत कर दी है, जिसके बाद पात्र ग्राहक शाखा डाकघरों में पारंपरिक कागजी फॉर्म भरे बिना ही पैसे जमा और निकाल सकेंगे। यानी अब काउंटर पर लंबे फॉर्म और कागजी झंझट से छुटकारा मिलने वाला है।
यह नई सुविधा उन ग्राहकों के लिए है जिनका आधार e-KYC पूरा हो चुका है और जिनके पास डाकघर बचत खाता, आवर्ती जमा यानी रेकरिंग डिपॉजिट (RD) या सुकन्या समृद्धि खाता है। ऐसे ग्राहक अब आधार ऑथेंटिकेशन के सहारे शाखा डाकघरों में कुछ खास लेनदेन सीधे काउंटर पर पूरे कर सकते हैं।
कैसे काम करेगी यह नई व्यवस्था
डाक विभाग ने एक ऐसी पेपरलेस प्रक्रिया तैयार की है जिसमें ग्राहक आधार आधारित e-KYC की मदद से अपनी पहचान सत्यापित करेंगे और फिर सीधे काउंटर पर ही जमा या निकासी का काम निपटा लेंगे। फिलहाल यह सुविधा डाकघर बचत खाता, डाकघर आवर्ती जमा (RD) और सुकन्या समृद्धि खाते के लिए उपलब्ध कराई गई है।
जमा और निकासी की सीमा
इस अपडेट की सबसे बड़ी बात तय सीमा के भीतर पेपरलेस जमा और निकासी की सुविधा है। ग्राहक अब आधार से सत्यापित पेपरलेस लेनदेन के जरिए शाखा डाकघरों में 50,000 रुपये तक की रकम जमा कर सकते हैं।
वहीं डाकघर बचत खाताधारकों को आधार ऑथेंटिकेशन के सहारे 20,000 रुपये तक की पेपरलेस निकासी की भी इजाजत दी गई है।
हालांकि इन सीमाओं से ऊपर के लेनदेन के लिए पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। यानी तय रकम से ज्यादा के लेनदेन पर अब भी कागजी फॉर्म भरने होंगे और संबंधित अकाउंट्स ऑफिस से मंजूरी लेनी होगी।
किन ग्राहकों को मिलेगा फायदा
यह सुविधा सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को मिलेगी जिन्होंने आधार आधारित e-KYC पूरा कर लिया है और जो डाक विभाग की तय की गई सत्यापन शर्तों को पूरा करते हैं। पेपरलेस लेनदेन का लाभ उठाने के लिए ग्राहक का आधार सही तरीके से लिंक और वेरिफाई होना जरूरी है।
यह सेवा खासतौर पर उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाई गई है जो रोजमर्रा के लेनदेन करते हैं और जमा-निकासी के लिए बार-बार डाकघर के काउंटर पर पहुंचते हैं। ऐसे लोगों के लिए अब हर बार फॉर्म भरने की जरूरत नहीं रहेगी और कामकाज पहले से तेज हो जाएगा।













