अगर आपने हाल ही में अपने घर में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी का कनेक्शन लगवाया है, तो रसोई में रखे एलपीजी सिलेंडर की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। मई के आखिर में लागू हुए नियम के तहत, पाइप वाली गैस पर स्विच करने वाले परिवारों को अब अपना पुराना इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस कनेक्शन नई पीएनजी लाइन चालू होने के 30 दिन के अंदर बंद कराना होगा।
यह बाध्यता सरकार की ओर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) संशोधन आदेश, 2026 में किए गए बदलाव से आई है। संशोधित आदेश साफ कहता है कि जिस घर में पीएनजी उपलब्ध हो जाए, वहां एलपीजी कनेक्शन को यूं ही बेकार पड़े रहने देने के बजाय उसे लौटाना अनिवार्य होगा।
पीएनजी न होने वाली जगह जाना पड़े तो क्या होगा
यहां घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आप किसी ऐसी जगह शिफ्ट हो रहे हैं जहां अभी पाइपलाइन का ढांचा नहीं है, तो आप दोबारा एलपीजी कनेक्शन ले सकते हैं। चूंकि ग्राहकों से पीएनजी मिलने के 30 दिन के भीतर एलपीजी छोड़ने को कहा गया है, इसलिए सरकार ने इसी के साथ एक व्यवस्था भी दी है जिससे कनेक्शन दोबारा बहाल कराया जा सके।
नए नियम के मुताबिक ग्राहक को एक ट्रांसफर वाउचर लेना होता है। यही वाउचर आगे चलकर तब काम आता है, जब आप किसी बिना पीएनजी वाले इलाके में जाकर अपना एलपीजी कनेक्शन दोबारा शुरू कराना चाहें।
सरकार रसोई को पाइप गैस पर क्यों ले जाना चाहती है
यह मुहिम अकेले किसी गैस कंपनी की नहीं है, बल्कि पेट्रोलियम मंत्रालय भी पीएनजी अपनाने पर लगातार जोर दे रहा है। मंत्रालय का कहना है कि बिना रुकावट वाली सप्लाई, ज्यादा सहूलियत और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर होने के कारण पीएनजी नागरिकों को स्मार्ट रसोई और बेहतर जीवनशैली की ओर ले जा रही है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की, "स्मार्ट और हरित जीवन के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस अपनाइए।"
सिलेंडर को 'रेड कार्ड', एमजीएल का अंदाज
महानगर गैस ने अपने इस संदेश को मौजूदा फीफा वर्ल्ड कप के अंदाज में पेश किया। कंपनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, "एलपीजी सिलेंडर के लिए यह रेड कार्ड है!" कंपनी का कहना है कि सहूलियत, सुरक्षा और स्मार्ट जीवनशैली की बात आए तो अब खेल बदलने का वक्त आ गया है, और लोगों को परंपरागत एलपीजी सिलेंडर छोड़कर एमजीएल पीएनजी पर आ जाना चाहिए।
कंपनी के मुताबिक पीएनजी अपनाने पर ग्राहकों को कई फायदे मिलते हैं
- बिना रुकावट लगातार गैस सप्लाई
- न सिलेंडर बुक कराने का झंझट, न बदलवाने का
- ज्यादा सुरक्षित, साफ-सुथरी और आसान कुकिंग
- स्मार्ट और परेशानी रहित जीवन
इसके साथ ही महानगर गैस ने ग्राहकों को ठगी को लेकर आगाह भी किया है। कंपनी ने सलाह दी है कि किसी के साथ अपना ओटीपी साझा न करें, फर्जी पेमेंट लिंक पर क्लिक न करें और अनजान एपीके फाइलें डाउनलोड न करें। कंपनी ने चेताया कि ऐसी हरकतें आपकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, इसलिए किसी भी असली जानकारी के लिए सिर्फ एमजीएल के आधिकारिक माध्यमों से ही संपर्क करें।
सरेंडर करने पर पैसे का क्या फायदा
पुराना एलपीजी कनेक्शन लौटाने के कई आर्थिक फायदे हैं। सबसे पहले, कनेक्शन लेते समय जो सिक्योरिटी डिपॉजिट आपने जमा किया था, वह आपको वापस मिल जाता है। यह जमा राशि एचपीसीएल, इंडियन ऑयल और बीपीसीएल के सिलेंडरों के हिसाब से अलग-अलग होती है। इसके अलावा, बिना इस्तेमाल के पड़े सिलेंडर की वजह से घर में जो जगह घिरती है, वह भी खाली हो जाती है। और जो सिलेंडर लौटाए नहीं जाते, उन पर लगने वाले खराबी शुल्क का जोखिम भी खत्म हो जाता है।
सुरक्षा के लिहाज से क्यों जरूरी है सरेंडर
पैसे के अलावा घर की सुरक्षा भी इसमें बड़ी वजह है। बिना इस्तेमाल के घर में रखे एलपीजी सिलेंडर से आग लगने का खतरा बना रहता है, और सरेंडर करने पर यह खतरा पूरी तरह टल जाता है। इससे गैस लीक और एलपीजी से जुड़े हादसों की आशंका भी घट जाती है। साथ ही, निष्क्रिय पड़े कनेक्शन के दुरुपयोग की गुंजाइश भी नहीं रहती।
एलपीजी कनेक्शन कैसे करें सरेंडर, स्टेप बाय स्टेप
- सबसे पहले अपने इलाके के एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क करें।
- अपने कनेक्शन की जानकारी के साथ स्वेच्छा से कनेक्शन लौटाने का आवेदन जमा करें।
- अगर आपके पास सिलेंडर और रेगुलेटर हैं तो उन्हें लौटाकर कनेक्शन बंद करा दें। चाहें तो कनेक्शन को सेफ कस्टडी में भी रखवा सकते हैं।
- सरेंडर प्रक्रिया के तहत अपना सिक्योरिटी डिपॉजिट रिफंड ले लें। सेफ कस्टडी की स्थिति में भी यह रिफंड मिलता है।
क्या एलपीजी की कमी तो नहीं पड़ेगी
इस बदलाव के बीच सप्लाई को लेकर उठ रहे सवालों पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भरोसा दिलाया है। उनके मुताबिक सरकार देश के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की 100 प्रतिशत सप्लाई सुनिश्चित कर रही है और किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक खत्म होने जैसी कोई शिकायत सामने नहीं आई है।
उन्होंने बताया कि 23 मार्च के बाद से 10 लाख से ज्यादा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर बिक चुके हैं। इसके साथ ही सरकार ने पीएनजी कनेक्शनों का दायरा भी बढ़ाया है और 4 लाख से ज्यादा नए ग्राहक जुड़े हैं। शर्मा ने यह भी कहा कि देश में कच्चे तेल का भंडार पर्याप्त है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं।




















