लाखों लोग आज उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब केरल की साप्ताहिक धनलक्ष्मी DL-59 लॉटरी का नतीजा सामने आएगा। जिन लोगों ने इस ड्रॉ के टिकट खरीदे हैं, उनकी नजरें अब उन विजेता नंबरों पर टिकी हैं जो किसी भी वक्त घोषित हो सकते हैं।
यह ड्रॉ 1 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजे निकाला जाएगा। इसमें पहला इनाम एक करोड़ रुपये का है, जबकि टिकट धारकों के लिए कई छोटे-बड़े इनामों की भी व्यवस्था है। धनलक्ष्मी लॉटरी का ड्रॉ नियमित रूप से दोपहर 3 बजे तिरुवनंतपुरम के गोर्की भवन में होता है। साप्ताहिक ड्रॉ के लिए केरल राज्य लॉटरी विभाग जिन जगहों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता है, गोर्की भवन उनमें से एक है।
हर बुधवार को निकलता है यह ड्रॉ
धनलक्ष्मी केरल की उन साप्ताहिक लॉटरी योजनाओं में से एक है, जिसका ड्रॉ हर बुधवार को निकाला जाता है। इसके एक टिकट की कीमत 50 रुपये है। DL-59 में सबसे बड़ा इनाम एक करोड़ रुपये का है। इसके बाद दूसरा इनाम 30 लाख रुपये और तीसरा इनाम 5 लाख रुपये का रखा गया है।
प्रतिभागियों के लिए यह समझना जरूरी है कि इनामों का पूरा ढांचा कैसा है। केरल में लॉटरी के टिकट अधिकृत एजेंटों के जरिये बड़ी संख्या में बिकते हैं। हो सकता है कि किसी टिकट धारक को एक करोड़ रुपये का जैकपॉट न लगे, फिर भी वह किसी छोटी श्रेणी के इनाम का हकदार बन सकता है।
कैसे तय होते हैं विजेता नंबर
DL-59 का ड्रॉ तिरुवनंतपुरम में बेकरी जंक्शन के पास स्थित गोर्की भवन में होगा। यहां ड्रॉ निकालने और नतीजे की घोषणा के लिए मंच तैयार है। विजेता नंबर आधिकारिक ड्रॉ प्रक्रिया के तहत चुने जाते हैं। इसके बाद जांच-पड़ताल पूरी होने पर केरल राज्य लॉटरी विभाग अंतिम नतीजों की सूची तैयार करके जारी करता है।
प्रतिभागियों को सलाह है कि वे अपने टिकट का पूरा नंबर, सीरीज की जानकारी समेत, आधिकारिक नतीजे से ध्यान से मिलाएं। यही वह चरण है जिसमें विजेता नंबरों का चुनाव आधिकारिक प्रक्रिया के तहत होता है और सत्यापन के बाद अंतिम सूची जारी की जाती है।
इनाम का दावा 30 दिन के भीतर करना जरूरी
जिन लोगों की लॉटरी लगेगी, उन्हें ड्रॉ की तारीख से 30 दिन के भीतर अपना दावा जमा करना होगा। जैकपॉट समेत सभी श्रेणियों के लिए यह समयसीमा बेहद अहम है। खासकर बड़ी रकम जीतने वालों को कागजी कार्रवाई में देरी नहीं करनी चाहिए। दावे की प्रक्रिया लंबी हो सकती है, क्योंकि इसमें पहचान का सबूत जांचना, टिकट का सत्यापन और तय फॉर्म जमा करना शामिल होता है।
एक लाख रुपये तक के इनाम का दावा संबंधित जिला लॉटरी कार्यालय के जरिये किया जा सकता है। वहीं एक लाख रुपये से ज्यादा के इनाम के लिए विजेताओं को अपना दावा राज्य लॉटरी के निदेशक के पास जमा करना होगा। इसके लिए असली विजेता टिकट पेश करना जरूरी है। दावे की फाइल के साथ टिकट के दोनों तरफ की स्वप्रमाणित प्रति भी लगानी होती है।













