इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला ने अपनी बहुप्रतीक्षित रोडस्टर का एक अनोखा प्रदर्शन पेश करके तकनीकी दुनिया में नया कौतूहल पैदा कर दिया है। यह गाड़ी जमीन से कुछ फीट ऊपर उठकर हवा में 360 डिग्री का चक्कर लगाने में सक्षम दिखी, जिसे देखकर यह स्पष्ट संदेश गया कि भविष्य की उड़ने वाली कार अब केवल कल्पना तक सीमित नहीं है। कुछ ही सेकंड की इस क्लिप में एनो-व्हाइट रंग वाली नई रोडस्टर को हवा में उड़ते हुए दिखाया गया, जिसके बाद इस नए प्रयोग को लेकर चौतरफा चर्चाएं शुरू हो गईं। इस कार के बारे में कंपनी का दावा है कि यह सामान्य उत्पादन क्षमता वाली कारों की सीमाओं से बहुत आगे निकल चुकी है और वास्तव में एक कार के भीतर रॉकेट जैसी प्रणाली को समाहित कर दिया गया है।
इस अनावरण के बाद तकनीकी दिग्गजों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इस लॉन्च पर अपनी बधाई देते हुए कहा, 'द एफएसडी वर्जन ऑफ दिस विल बी समथिंग:) कांग्रेट्स!'। इंटरनेट और ऑटोमोबाइल जगत में इस प्रदर्शन को लेकर भारी उत्सुकता देखी जा रही है। 15 अक्टूबर को आयोजित एक लाइव स्ट्रीम के दौरान इस वाहन की पहली झलक दिखाई गई, जिसके बाद से इसके डिजाइन, एयरोस्पेस तकनीक और बाजार पर पड़ने वाले असर को लेकर तरह-तरह के विश्लेषण किए जा रहे हैं।
रॉकेट तकनीक और अंतरिक्षीय डिजाइन का अनूठा मेल
टेस्ला ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट किया है कि पहले उन्होंने रोडस्टर को एक रॉकेट में भेजा था, लेकिन अब उन्होंने रोडस्टर के अंदर ही रॉकेट तकनीक को फिट कर दिया है। कंपनी के अनुसार, अतिरिक्त स्पेसएक्स घटकों के जुड़ने से इस वाहन का सड़क पर प्रदर्शन पूरी तरह से एक क्रांतिकारी अनुभव में बदल जाता है। 15 अक्टूबर की प्रस्तुति में दिखाई गई कार का एनो-व्हाइट चमकदार रंग और टिंटेड काली छत खास तौर पर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से प्रेरित है।
यह बाहरी फिनिश अंतरिक्ष की अत्यधिक कठोर परिस्थितियों में यूवी और क्रायोजेनिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ इलेक्ट्रोस्टैटिक फैलाव और संक्षारण प्रतिरोध भी सुनिश्चित करती है, जो सामान्य तौर पर रॉकेट को लॉन्च से पहले और रिकवरी के समय सुरक्षित रखने के लिए उपयोग की जाती है। कार के हल्के वजन और मजबूती को बनाए रखने के लिए मैग्नीशियम, टाइटेनियम और कार्बन फाइबर जैसी उच्च क्षमता वाली सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से यह वाहन चालक के हर इनपुट पर तुरंत प्रतिक्रिया देता है।
केबिन की बनावट और एयरोडायनामिक्स का ढांचा
गाड़ी के आंतरिक हिस्से में ग्रे माइक्रोसुएड विवरण दिए गए हैं, जबकि सीटों पर मजबूत पकड़ के लिए माइक्रोसुएड बोल्स्टर लगाए गए हैं। कार में पारंपरिक स्टीयरिंग व्हील की जगह एक योक दिया गया है, जिसे खास तौर पर स्टीयर-बाय-वायर सिस्टम के लिए तैयार किया गया है। डैशबोर्ड के केंद्र में एक टचस्क्रीन दी गई है, जिसके साथ दो छोटे फॉरवर्ड डिस्प्ले भी मौजूद हैं जो ड्राइविंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। इसके अलावा, मैनुअल नियंत्रण और एक निश्चित सीट स्थिति के जरिए वाहन के कुल वजन को कम रखने का प्रयास किया गया है।
हवा में टिके रहने और जमीन पर बेजोड़ पकड़ बनाने के लिए रोडस्टर में मल्टी-मोड फैन और ग्राउंड-सीलिंग सिस्टम लगाया गया है, जो डाउनफोर्स जनरेटर के रूप में काम करता है। यह सिस्टम कार के निचले हिस्से से हवा को बाहर खींच लेता है, जिससे इतना अधिक सक्शन पैदा होता है कि स्थिर अवस्था में भी यह वाहन को उल्टा लटकाए रखने में सक्षम है। संचालित पंखे और सक्रिय विंग्स सभी परिस्थितियों में ट्रैक्शन और मोड़ों पर गति को अधिकतम स्तर तक पहुंचाते हैं। ट्रैक मोड को सक्रिय करने पर कार की ऊंचाई कम हो जाती है और सस्पेंशन का रूप बदल जाता है, जिसके बाद ट्रैक पर आवश्यकतानुसार हाई डाउनफोर्स या लो ड्रैग मोड का चयन किया जा सकता है।
स्पेसएक्स थ्रस्टर्स और शेयर बाजार का रुख
हवा में संतुलन साधने के लिए रोडस्टर में स्पेसएक्स द्वारा विकसित उन्नत कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स लगाए गए हैं। यह थ्रस्टर्स पूरी तरह से इलेक्ट्रिक एक्चुएटर्स का उपयोग करते हुए सटीक थ्रस्ट पैदा करते हैं और सेकंड के एक छोटे से हिस्से में माइक्रो-एडजस्टमेंट पूरा कर लेते हैं। इस तकनीक की बदौलत गाड़ी हवा में उड़ान के दौरान भी स्थिर बनी रहती है। 16 अक्टूबर के प्री-मार्केट सत्र में इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला, जहां टेस्ला के शेयर लगभग 3 प्रतिशत की छलांग लगाकर करीब 372.99 डॉलर पर कारोबार करने लगे।
दूसरी ओर, स्पेसएक्स के शेयरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई और वे 148.48 डॉलर प्रति शेयर पर पहुंच गए। इससे एक दिन पहले दोनों ही कंपनियों के शेयरों में 1 से 2.4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी। वेस्टेड के संस्थापक और सीईओ विरम शाह ने बताया कि नई रोडस्टर के अनावरण के बाद टेस्ला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है, क्योंकि इसमें स्पेसएक्स-विकसित थ्रस्टर्स का इस्तेमाल किया गया है और सीमित उड़ान क्षमताओं का प्रदर्शन हुआ है। हालांकि, इसका तात्कालिक उत्पादन जल्द होना थोड़ा मुश्किल लग रहा है और यह निकट भविष्य में टेस्ला के वित्तीय नतीजों में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा, लेकिन यह साफ दिखाता है कि दोनों कंपनियों की तकनीक आपस में कितनी गहराई से जुड़ रही है।
बार्कलेज का यह भी तर्क है कि टेस्ला और स्पेसएक्स का संभावित संयोजन निवेशकों के बीच एक सहमति वाली उम्मीद बनता जा रहा है, जिससे टेस्ला के रोबोटैक्सी और ऑप्टिमस जैसे फिजिकल एआई व्यवसाय को स्पेसएक्स के एआई, बुनियादी ढांचे और सेमीकंडक्टर लक्ष्यों के साथ जोड़ा जा सकता है। हालांकि, फिलहाल यह केवल बाजार का अनुमान है और किसी आधिकारिक सौदे की पुष्टि नहीं हुई है।
उत्पादन की समयसीमा और भारतीय बाजार में कीमतें
रोडस्टर की यात्रा काफी लंबी रही है। इसे पहली बार नवंबर 2017 में प्रदर्शित किया गया था और तब इसकी डिलीवरी 2020 में शुरू होने की उम्मीद थी। कई तरह के व्यवधानों और देरी के चलते यह गाड़ी अपनी शुरुआती समयसीमा पूरी नहीं कर पाई और 15 अक्टूबर 2026 तक यह केवल एक डेमो मॉडल के रूप में सामने आई है। इसका व्यावसायिक उत्पादन अब 2028 में होने की संभावना जताई गई है। हालांकि भारतीय बाजार में इसे औपचारिक रूप से कब उतारा जाएगा, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इसके बावजूद, भारत में टेस्ला के शोरूम की वेबसाइट पर इसके टू-सीटर परफॉर्मेंस मोड के लिए आरक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मॉडल एक्टिव एयरो और मल्टी-मोड सक्शन सिस्टम से लैस होगा। आरक्षण के नियमों के अनुसार, भुगतान पूरा होने से पहले बुकिंग पक्की नहीं मानी जाएगी और यदि 10 दिनों के भीतर पूरी राशि जमा नहीं की जाती है तो आरक्षण रद्द किया जा सकता है। किसी भी संशोधन के लिए रिफंड नहीं दिया जाएगा।
कार का एक थ्रस्ट वेरिएंट भी तैयार किया गया है, जिसमें परफॉर्मेंस एक्टिव, मल्टी-मोड सक्शन सिस्टम और तेजी लाने वाले थ्रस्टर्स शामिल होंगे, जो एक सीमित संस्करण के रूप में आएगा। इसके अतिरिक्त, रॉकेट वेरिएंट केवल एक सीट के साथ पेश किया जाएगा, जिसमें परफॉर्मेंस और थ्रस्ट के सभी फीचर्स के साथ-साथ पूर्ण उड़ान प्रणाली मौजूद होगी। यह वेरिएंट केवल आमंत्रण पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।
कीमतों की बात करें तो परफॉर्मेंस रोडस्टर को 5,01,000 रुपये की शुरुआती राशि देकर आरक्षित किया जा सकता है, जबकि शेष 45,05,000 रुपये का भुगतान 10 दिनों के भीतर करना आवश्यक होगा। इस प्रकार इसकी कुल कीमत 50.06 लाख रुपये बैठती है। थ्रस्ट वेरिएंट का आरक्षण भी 5,01,000 रुपये में शुरू होता है, जिसके बाद शेष राशि 2,45,24,000 रुपये जमा करनी होगी। भारत में थ्रस्ट मॉडल की संभावित कीमत 2.50 करोड़ रुपये होगी, जबकि रॉकेट संस्करण की कीमतों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।



















