गुजरात के राजकोट शहर में हुई सनसनीखेज लूट और हत्या के मामले में राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजकोट स्थित एक रिफाइनरी के कर्मचारी की गोली मारकर हत्या करने के बाद बदमाश करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के सोने और चांदी के साथ फरार हो गए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राजस्थान की सीमा में दाखिल हो गए थे, जिसके बाद गुजरात पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। सिरोही और उदयपुर जिलों में सघन नाकाबंदी कर हर आने-जाने वाले संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच की जा रही थी। इसी अभियान के दौरान उदयपुर पुलिस ने गुरुवार की सुबह एक संदिग्ध वाहन को रोककर उसमें सवार दो लोगों को डिटेन किया, जिनके पास से लूटा गया पूरा कीमती सामान बरामद हो गया।
लाखों के जेवरात और चांदी का पाउडर बरामद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस पूरी कार्रवाई में बरामद किए गए माल की कुल बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 55 लाख 7 हजार रुपये आंकी गई है। इस जब्ती में करीब 946 ग्राम शुद्ध सोना और 2.870 किलोग्राम चांदी का पाउडर शामिल है, जिसे बदमाशों ने वारदात के बाद बैग में भरकर छिपाया था। उदयपुर पुलिस ने इस बड़ी सफलता की आधिकारिक सूचना तुरंत राजकोट पुलिस को दे दी है। अब गुजरात पुलिस के उदयपुर पहुंचने के बाद इन आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी की जाएगी और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बरामद किए गए माल को उनकी कस्टडी में सौंप दिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कर रही उदयपुर की पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने मामले से जुड़ी जानकारियों की पुष्टि की है।
रिफाइनरी कर्मचारी पर की गई थी गोलीबारी
यह गंभीर घटना 14 अक्टूबर की शाम को गुजरात के राजकोट शहर के भीतर घटी थी। शहर के आजी जीआईडीसी इलाके में संचालित तन्वी एक्सपोर्ट्स इंडिया लिमिटेड की रिफाइनरी से कर्मचारी लालजीभाई सरपरा अपना काम खत्म कर बाहर निकल रहे थे। ठीक उसी समय दो अज्ञात बदमाशों ने उन्हें अपना निशाना बनाया और उनके पास मौजूद कीमती सामान से भरा बैग छीनने की कोशिश की। जब कर्मचारी लालजीभाई ने इसका विरोध किया और बदमाशों को ललकारा, तो उनमें से एक आरोपी ने उन पर सीधी गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में लालजीभाई को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर सोना और चांदी से भरा बैग लेकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए थे।
कीमती सामान का पूरा गणित और आंकड़े
जांच एजेंसियों द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, इस दुस्साहसिक वारदात में लूटे गए माल में लगभग 946 ग्राम सोना शामिल था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 48 लाख 90 हजार रुपये बैठती है। इसके अलावा बदमाशों ने 2.870 किलोग्राम चांदी का पाउडर भी लूटा था, जिसकी कीमत करीब 6 लाख 17 हजार रुपये आंकी गई है। इन दोनों कीमती धातुओं को मिलाकर कुल लूट की राशि 1 करोड़ 55 लाख 7 हजार रुपये बनती है। इतनी भारी रकम और कीमती माल हाथ लगने के बाद अपराधी तुरंत गुजरात से निकलकर राजस्थान की तरफ भाग निकले थे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें। जैसे ही गुजरात पुलिस ने इस रूट पर आरोपियों के भागने की आशंका जताई, राजस्थान के सीमावर्ती जिलों की पुलिस ने अपनी चौकसी कई गुना बढ़ा दी।
सिरोही और उदयपुर में कड़े सुरक्षा पहरे
गुजरात की सीमा से सटे राजस्थान के सिरोही और उदयपुर जिलों में आरोपियों के प्रवेश करने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। दोनों ही जिलों के तमाम मुख्य मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में विशेष नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की तलाशी का अभियान छेड़ा गया। इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान सबसे पहले सिरोही पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को अपनी गिरफ्त में लिया। इसके ठीक बाद उदयपुर में गुरुवार की सुबह की गई नाकाबंदी के दौरान दूसरी संदिग्ध गाड़ी को भी रोक लिया गया। उदयपुर में पकड़े गए वाहन के भीतर दो शातिर आरोपी सवार थे, जिन्हें पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया और उनकी गाड़ी की तलाशी लेकर सारा लूटा हुआ सोना और चांदी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच
राजस्थान पुलिस द्वारा की गई इस मुस्तैद कार्रवाई और बरामदगी की पूरी जानकारी राजकोट पुलिस को आधिकारिक रूप से दे दी गई है। अब राजकोट पुलिस के दल के जल्द ही उदयपुर पहुंचने की पूरी संभावना जताई जा रही है, जिसके बाद आगे की विधिक प्रक्रिया को बल मिलेगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ बरामद किए गए सोने और चांदी के जखीरे को गुजरात पुलिस को सौंपने की लिखापढ़ी और औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। फिलहाल इस बात की गहराई से छानबीन की जा रही है कि इस पूरी वारदात में इन दोनों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे और वे लूट के बाद किस रास्ते से होते हुए राजस्थान की सीमा तक पहुंचे थे। सीमाई इलाकों में बरती गई सतर्कता के कारण ही इतनी बड़ी सफलता चंद घंटों के भीतर हासिल हो सकी है।



















