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NPS में ₹50,000 का यह निवेश 80C की सीमा के बाद भी कर देगा हजारों की टैक्स बचत, जानें पूरा हिसाबमनी
22 जून 2026, 9:47 pm (92 दिन पहले)· 3

NPS में ₹50,000 का यह निवेश 80C की सीमा के बाद भी कर देगा हजारों की टैक्स बचत, जानें पूरा हिसाब

इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 80CCD(1B) टैक्सपेयर्स को 80C की ₹1.5 लाख की सीमा से ऊपर ₹50,000 की अतिरिक्त छूट देता है, जिससे कुल कर योग्य आय ₹2,00,000 तक घटाई जा सकती है। यह फायदा केवल NPS के टियर-1 अकाउंट में निवेश करने पर मिलता है।

आपने धारा 80C की ₹1.5 लाख की सीमा भर दी है और लग रहा है कि अब टैक्स बचाने का कोई और रास्ता नहीं बचा? तो इनकम टैक्स एक्ट का सेक्शन 80CCD(1B) आपके लिए एक बिल्कुल अलग दरवाजा खोलता है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के टियर-1 अकाउंट में सिर्फ ₹50,000 का अतिरिक्त निवेश करके आप उस सीमा से परे एक और बड़ी टैक्स छूट पा सकते हैं, और इस तरह दोनों मिलाकर आपकी कर योग्य आय कुल ₹2,00,000 तक कम हो सकती है।

कुल छूट का गणित कैसे बनता है

सेक्शन 80C में PPF, ELSS, लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम जैसे साधनों पर ₹1.5 लाख की छूट मिलती है। इसके ऊपर, सेक्शन 80CCD(1B) के जरिए NPS टियर-1 में ₹50,000 लगाने पर ₹50,000 की कटौती अलग से क्लेम की जा सकती है। दोनों को जोड़ने पर आपकी कुल छूट ₹2,00,000 तक पहुंच जाती है।

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आपकी बचत इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस टैक्स स्लैब में हैं। जो लोग 30 प्रतिशत के सबसे ऊंचे स्लैब में आते हैं, वे इस प्रावधान का फायदा उठाकर हर साल करीब ₹15,000 का टैक्स बचा सकते हैं, और यह आंकड़ा सेस को छोड़कर है। 20 प्रतिशत स्लैब वाले करदाताओं के लिए यह सालाना बचत लगभग ₹10,000 होती है।

टियर-1 और टियर-2 में फर्क समझना जरूरी है

यहां एक बात खास ध्यान देने वाली है। ₹50,000 की यह अतिरिक्त छूट केवल NPS के टियर-1 अकाउंट पर लागू होती है, जिसे परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट भी कहते हैं। NPS का टियर-2 अकाउंट एक स्वैच्छिक बचत खाता है जिसमें पैसे निकालना आसान होता है, लेकिन वह इस टैक्स लाभ के दायरे में नहीं आता। इसलिए निवेश करते वक्त यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पैसा टियर-1 में ही जाए।

यह सुविधा ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले सभी करदाताओं के लिए है, चाहे वे नौकरीपेशा हों या स्वरोजगार से जुड़े हों।

60 साल के बाद निकासी और पेंशन का प्रावधान

NPS सिर्फ टैक्स बचाने का जरिया नहीं है, यह रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा भी देता है। जब आप 60 साल के हो जाते हैं, तो कुल जमा कॉर्पस का 60 प्रतिशत हिस्सा एकमुश्त निकाला जा सकता है और यह पूरी रकम टैक्स-फ्री होती है। बाकी बचे 40 प्रतिशत से एन्युटी खरीदना जरूरी है, जो हर महीने नियमित पेंशन की व्यवस्था करती है।

जल्दी शुरुआत से बन सकता है करोड़ों का कॉर्पस

वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि करियर के शुरुआती या मध्य पड़ाव में यह ₹50,000 का सालाना निवेश मार्केट-लिंक्ड रिटर्न और कंपाउंडिंग की ताकत से लंबी अवधि में करोड़ों रुपये का रिटायरमेंट फंड बना सकता है। यह निवेश महंगाई को भी मात देने में सक्षम है। विशेषज्ञों की राय है कि मार्च के आखिरी हफ्तों में हड़बड़ाहट में टैक्स प्लानिंग करने के बजाय साल की शुरुआत से ही NPS में मासिक SIP या एकमुश्त निवेश शुरू करें। इससे न केवल मौजूदा वित्त वर्ष में टैक्स की राहत मिलेगी, बल्कि बुढ़ापे के लिए एक ठोस आर्थिक आधार भी तैयार होगा।

सवाल-जवाब

सेक्शन 80CCD(1B) क्या है और यह 80C से कैसे अलग है?
सेक्शन 80CCD(1B) एक अलग टैक्स प्रावधान है जो NPS टियर-1 में ₹50,000 के निवेश पर 80C की ₹1.5 लाख की सीमा से ऊपर अतिरिक्त छूट देता है, जिससे कुल कर योग्य आय ₹2,00,000 तक घट सकती है।
इस सेक्शन से कितना टैक्स बचाया जा सकता है?
30 प्रतिशत टैक्स स्लैब वाले करदाता हर साल करीब ₹15,000 (सेस छोड़कर) और 20 प्रतिशत स्लैब वाले लगभग ₹10,000 सालाना बचा सकते हैं।
क्या यह छूट NPS के टियर-2 अकाउंट पर भी मिलती है?
नहीं, यह ₹50,000 की अतिरिक्त छूट केवल NPS के टियर-1 अकाउंट पर लागू होती है। टियर-2 एक स्वैच्छिक बचत खाता है और इस टैक्स लाभ के दायरे में नहीं आता।
60 साल की उम्र में NPS से पैसा कैसे निकाला जा सकता है?
60 साल पर कुल जमा कॉर्पस का 60 प्रतिशत हिस्सा टैक्स-फ्री एकमुश्त निकाला जा सकता है, जबकि बचे 40 प्रतिशत से एन्युटी खरीदनी होती है जो नियमित मासिक पेंशन देती है।
क्या स्वरोजगार वाले लोग भी इस सेक्शन का फायदा उठा सकते हैं?
हां, यह सुविधा ओल्ड टैक्स रिजीम में नौकरीपेशा और स्वरोजगार दोनों तरह के करदाताओं के लिए उपलब्ध है।
क्या मार्च के आखिर में निवेश करना सही रहेगा?
वित्तीय सलाहकार मार्च में हड़बड़ाहट की जगह साल की शुरुआत से ही मासिक SIP या एकमुश्त निवेश की सलाह देते हैं, ताकि कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिल सके।
NPS में निवेश पर क्या मार्केट-लिंक्ड रिटर्न मिलता है?
हां, NPS का निवेश इक्विटी और डेट में होता है और यह मार्केट-लिंक्ड रिटर्न देता है, जो लंबी अवधि में महंगाई को मात देने और करोड़ों का कॉर्पस बनाने में सहायक हो सकता है।
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