गोवा सरकार ने कुकिंग गैस पर बढ़ते खर्च से जूझ रहे परिवारों को राहत देने के लिए नई उज्ज्वला योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ऐलान किया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में पात्र परिवारों को खाना पकाने के ईंधन के लिए 3,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही गोवा तमिलनाडु के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है, जिसने साल में तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा पूरा किया है।
गोवा उज्ज्वला योजना में क्या मिलेगा
इस योजना के तहत गोवा सरकार हर वित्त वर्ष में एक बार करीब 3,000 रुपये की रकम सीधे डीबीटी के जरिए पात्र लाभार्थियों के खाते में भेजेगी। यह रकम तीन घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल लागत के बराबर रखी गई है, यानी लाभार्थियों को हर साल तीन सिलेंडर जितनी मदद मिल जाएगी। खास बात यह है कि इस योजना में किसी तरह की आय सीमा नहीं रखी गई है और न ही नौकरी या रोजगार से जुड़ी कोई शर्त लगाई गई है। एलपीजी के साथ-साथ पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ता भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकारी वेबसाइट विकासपीडिया के मुताबिक, यह सहायता राशि रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से परिवारों के बजट पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के मकसद से दी जा रही है। योजना में गृह आधार योजना और दयानंद सामाजिक सुरक्षा योजना (डीएसएसएस) के पहले से मौजूद लाभार्थियों के लिए अलग-अलग आवेदन श्रेणियां भी बनाई गई हैं, जबकि बाकी लोगों के लिए ओपन कैटेगरी रखी गई है।
कौन कर सकता है आवेदन, जानें पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का गोवा का निवासी होना जरूरी है और उसके पास वैध घरेलू एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन होना चाहिए। एक परिवार को सिर्फ एक ही घरेलू कनेक्शन पर यह फायदा मिलेगा, ताकि एक ही पते से कई-कई दावे न किए जा सकें। जो लोग पहले से गृह आधार योजना या डीएसएसएस के लाभार्थी हैं, वे अपनी तय श्रेणी के तहत आवेदन कर सकते हैं, जबकि इन दोनों योजनाओं से न जुड़े लोग ओपन कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं। योजना में कोई आय सीमा तय नहीं की गई है और न ही रोजगार की स्थिति के आधार पर कोई पाबंदी है। हालांकि व्यावसायिक यानी कमर्शियल एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन इस योजना के दायरे में नहीं आते। हर आवेदन की जांच संबंधित स्थानीय प्राधिकरण द्वारा की जाएगी, उसके बाद ही पैसा जारी होगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदकों को पूरी तरह भरा हुआ आवेदन फॉर्म, आधार कार्ड और बैंक पासबुक जमा करनी होगी। घरेलू एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन का प्रमाण देना अनिवार्य है, साथ ही आधार से जुड़ी ई-केवाईसी जानकारी भी देनी होगी। ओपन कैटेगरी में आवेदन करने वालों को अतिरिक्त रूप से अपना वोटर आईडी कार्ड यानी एपिक और तय प्रारूप में शपथ पत्र भी देना होगा। सत्यापन के दौरान अधिकारी जरूरत पड़ने पर कोई और दस्तावेज भी मांग सकते हैं, इसलिए आवेदकों को पहले से अपने कागजात तैयार रखने की सलाह दी गई है।
कैसे करें आवेदन, जानें पूरा तरीका
आवेदन की शुरुआत सबसे नजदीकी ग्राम पंचायत या नगर पालिका कार्यालय जाकर की जा सकती है, जहां से गोवा उज्ज्वला योजना का आवेदन फॉर्म लिया जा सकता है। इसके बाद आवेदक को अपनी सही लाभार्थी श्रेणी चुननी होगी, चाहे वह गृह आधार हो, डीएसएसएस हो या ओपन कैटेगरी, और फिर फॉर्म में निजी जानकारी, बैंक खाते का ब्योरा और ईंधन कनेक्शन की जानकारी भरनी होगी। इसके साथ सभी जरूरी दस्तावेज लगाकर पूरा भरा हुआ फॉर्म तय कार्यालय में जमा करना होगा। फॉर्म जमा होने के बाद अधिकारी आवेदक की पात्रता जांचेंगे और दस्तावेजों का मिलान करेंगे, और जिन आवेदकों को मंजूरी मिलेगी, उन्हें डीबीटी के जरिए मदद राशि भेज दी जाएगी।
गोवा में आवेदन की समयसीमा
इस योजना के आवेदन फॉर्म गोवा के 191 ग्राम पंचायतों और नगर पालिका कार्यालयों में पहले ही बांटे जा चुके हैं। लोग 5 सितंबर से 8 सितंबर के बीच पंचायत सचिवों, स्वयंपूर्णा मित्रों या तय स्थानीय अधिकारियों के जरिए अपने फॉर्म जमा कर सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि यह सालाना सहायता 9 या 10 सितंबर, 2026 से लाभार्थियों तक पहुंचना शुरू हो जाएगी। गौर करने वाली बात यह है कि यह योजना उस वादे के करीब साढ़े चार साल बाद लागू हो रही है, जो पहले किया गया था।
तमिलनाडु की अन्नपूर्णी सुपर सिक्स योजना
मुफ्त सिलेंडर का यह वादा करने वाला गोवा पहला राज्य नहीं है। इससे पहले तमिलनाडु ने अपनी अन्नपूर्णी सुपर सिक्स योजना शुरू की थी, जिसके तहत राज्य पात्र परिवारों को तीन मुफ्त एलपीजी गैस सिलेंडर देगा, जो चुनाव के दौरान किए गए छह सिलेंडर के वादे का आधा है। मुख्यमंत्री सी विजत ने इस योजना का ऐलान किया था। तमिलनाडु की इस योजना पर सालाना करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इससे राज्य के करीब 1.30 करोड़ परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि गोवा की योजना पहले ही लागू हो चुकी है, जबकि तमिलनाडु में सिलेंडर का यह फायदा पोंगल 2027 से ही मिलना शुरू होगा।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: केंद्र की राष्ट्रीय योजना
इन राज्य स्तरीय योजनाओं से अलग, केंद्र सरकार पूरे देश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) चला रही है, जिसमें भी लाभार्थियों को सब्सिडी की रकम डीबीटी के जरिए भेजी जाती है। पीएमयूवाई का लाभार्थी बिना किसी सिक्यॉरिटी डिपॉजिट और इंस्टॉलेशन चार्ज के मुफ्त एलपीजी कनेक्शन पाता है, जिसमें 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर या 5 किलो का सिलेंडर, घरेलू प्रेशर रेगुलेटर, 1.2 मीटर की सुरक्षा होज पाइप, डीजीसीसी बुकलेट, मुफ्त पहला रिफिल और मुफ्त दो बर्नर वाला चूल्हा शामिल है। समय के साथ पीएमयूवाई के कुछ नियम बदले गए हैं, अब लाभार्थियों को साल में 4 सब्सिडी वाले रिफिल मिलते हैं, जबकि पहले 9 मुफ्त रिफिल मिलते थे, और फिलहाल पहले चार रिफिल पर प्रति सिलेंडर 300 रुपये सब्सिडी दी जा रही है।
सितंबर 2026 में एलपीजी सिलेंडर के दाम
मौजूदा महीने में गोवा में 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 956 रुपये है, जबकि 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 10 रुपये बढ़कर 2,825 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। तमिलनाडु में घरेलू और कमर्शियल, दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडर गोवा से महंगे हैं। सितंबर 2026 में यहां 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 957.50 रुपये है, जबकि 19 किलो के सिलेंडर की कीमत 10.50 रुपये बढ़कर 2,916.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है।



















