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द वेट रिव्यू (2026): ईथन हॉक का दमदार अभिनय और 70 के दशक का कच्चा सर्वाइवल थ्रिलरमूवी रिव्यू
1 अक्तू॰ 2026, 3:03 am (28 दिन पहले)· 0

द वेट रिव्यू (2026): ईथन हॉक का दमदार अभिनय और 70 के दशक का कच्चा सर्वाइवल थ्रिलर

पैड्रिक मैकिन्ले के निर्देशन में बनी फिल्म 'द वेट' 1970 के दशक के कठोर सर्वाइवल सिनेमा की याद दिलाती है, जहाँ ईथन हॉक अपनी मजबूत अदाकारी से कहानी को संभालते हैं।

सनडांस में अपनी पहचान बनाने वाली निर्देशक पैड्रिक मैकिन्ले की पहली फीचर फिल्म 'द वेट' पर यह 'द वेट रिव्यू' (2026) एक ऐसी कहानी की पड़ताल करता है जो 1970 के दशक के क्लासिक मैन-वर्सेस-वाइल्ड सिनेमा की परंपरा पर आधारित है। रॉबर्ट रेडफोर्ड की मुख्य भूमिका वाली 'जेरेमिया जॉनसन' या 'द लास्ट हार्ड मेन' जैसी बेबाक और बीहड़ फिल्मों की झलक यहाँ साफ महसूस की जा सकती है। हालांकि इस फिल्म का समग्र प्रभाव इसके भारी-भरकम नाम की तुलना में थोड़ा हल्का रहता है और पटकथा कई जगह तयशुदा फॉर्मूले से चिपक कर चलती है, फिर भी यह प्रोजेक्ट बहुमुखी अभिनेता ईथन हॉक की बेजोड़ क्षमता का एक बेहतरीन प्रदर्शन बन जाता है।

मंदी के दौर का संघर्ष और आज़ादी का खतरनाक सौदा

फिल्म की शुरुआत में हमारा परिचय मर्फी नाम के एक ऑटो मैकेनिक से होता है, जिसका जीवन पूरी तरह बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। मंदी के उस दौर में वह बेरोजगार और बेघर है, और पुलिसकर्मियों के साथ हुई एक तीखी झड़प के बाद अदालत उसे सख्त लेबर कैंप की सजा सुना देती है। सलाखों के पीछे जाने से पहले वह अपनी बेटी पेनी से एक भावनात्मक वादा करता है कि जब भी वह रिहा होगा, उसे वापस लेने जरूर आएगा। यही एक संकल्प मर्फी की बुझती हुई उम्मीदों में जान फूँक देता है। चार महीने बाद मर्फी भारी बेड़ियों में जकड़े कैदियों के दल के साथ पत्थरों को तोड़ते हुए एक सुनसान सड़क के निर्माण में जुटा दिखाई देता है।

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कैंप के वार्डन क्लैंसी के साथ मर्फी का एक नाजुक तालमेल बनता है, जिसके बाद वार्डन उसके सामने एक ऐसा प्रस्ताव रखता है जिसे ठुकराना नामुमकिन है। सरकार सोने की खदानों पर अपना नियंत्रण कर रही है और अगला नंबर ब्लैक हॉक माइन का है। वार्डन मर्फी को यह जिम्मेदारी सौंपता है कि वह कैदियों के एक विशेष दल का नेतृत्व करते हुए 50 मील लंबे बीहड़ जंगली इलाके से गुजरे और तय मुलाकात स्थल पर सोने की ईंटें सुरक्षित पहुंचाए। यदि वह इस अभियान में सफल रहता है, तो उसे पूर्ण स्वतंत्रता मिल जाएगी। इस मोड़ से कहानी मंदी के दौर में फटेहाल कैदियों के एक खतरनाक मिशन में तब्दील हो जाती है।

ओरेगन के घने जंगल और जानलेवा बाधाएं

शुरुआती हिस्से में अपनी लय तलाशने के लिए जूझने के बाद कहानी ओरेगन के जंगली और बेरहम वातावरण में पहुंचकर अचानक रफ्तार पकड़ती है। मर्फी और उसके साथी कैदियों का मुकाबला जब उस दुर्गम कुदरत और आपस की नफरत से होता है, तो आकाश छूते चीड़ के पेड़ जेल की सलाखों जैसे प्रतीत होने लगते हैं। सफर के दौरान खतरों का तांता लग जाता है, जिनमें आवारा खानाबदोशों के साथ अचानक गोलीबारी, उफनती नदी में बहते विशाल लट्ठों से बचते हुए निकलना और चरमराते रस्सी के पुल को पार करने का बेहद डरावना दृश्य शामिल है। यह रोंगटे खड़े कर देने वाला पुल पार करने का सीन विलियम फ्रीडकिन की मशहूर थ्रिलर 'सॉसरर' के तनावपूर्ण पलों का स्पष्ट स्मरण कराता है।

मैकिन्ले ने इन एक्शन दृश्यों को बेहद कच्चे और व्यावहारिक अंदाज में पेश किया है। फिल्म के मिजाज में कई जगह एक हॉरर फिल्म निर्देशक की बारीकी नजर आती है। आसमान में चमकती कौंधती बिजली और गड़गड़ाहट के बीच एक घायल साथी की बेरहमी से की गई हत्या का दृश्य दर्शकों को भीतर तक झकझोर देता है।

किरदारों का आंतरिक दर्द और कलाकारों का प्रदर्शन

सफर के आगे बढ़ने के साथ ही दर्शकों पर यह स्पष्ट होता है कि फिल्म का शीर्षक सिर्फ सोने के वजन की ओर इशारा नहीं करता, बल्कि यह उन कैदियों के सीने में दबे गहरे आंतरिक दर्द और पछतावे का बोझ है जिसे वे अपनी बातचीत के जरिए धीरे-धीरे खोलते हैं। दुर्भाग्य से, इस समूह में केवल दो ही चरित्र अपनी छाप छोड़ने में सफल होते हैं। इनमें एक धूर्त और खतरनाक कैदी रैंकिन है, जिसे ऑस्टिन अमेलियो ने बखूबी निभाया है, और दूसरी भागी हुई मूल निवासी ऐना है, जिसका किरदार जूलिया जोन्स ने बहुत प्रभावी ढंग से निभाया है, हालांकि बाद में कहानी एक बेवजह की रोमांटिक कड़ी जोड़कर उसके असर को थोड़ा कमजोर कर देती है।

रसेल क्रो ने वार्डन क्लैंसी के रूप में एक सख्त, तंबाकू थूकने वाले तानाशाह की भूमिका निभाई है, जो उनके हालिया विलेन किरदारों की फेहरिस्त में एक और असरदार कड़ी जोड़ता है। पोस्टर पर भले ही उन्हें प्रमुख स्थान दिया गया हो, पर कहानी में उनका रोल सिर्फ मर्फी के सफर के आरंभ और अंत को जोड़ने वाले एक सिरे की तरह ही है। यह पूरी फिल्म वस्तुतः ईथन हॉक की है, जिनकी आंखों की संवेदनशीलता और ढलती उम्र के साथ सख्त होता चेहरा इस थके हुए नायक की भूमिका में जान फूंक देता है। हालांकि अंत में लिनर्ड स्किनर्ड के संगीत पर मुस्कुराते कलाकारों का क्रेडिट रोल दिखाना फिल्म के उदास और गंभीर माहौल को अचानक तोड़ देता है।

सवाल-जवाब

क्या द वेट देखने लायक है?
यदि आप 1970 के दशक के कच्चे सर्वाइवल सिनेमा और ईथन हॉक की गंभीर अदाकारी के प्रशंसक हैं, तो यह फिल्म जरूर देखने लायक है।
द वेट जैसी अन्य कौन सी फिल्में हैं?
यह फिल्म रॉबर्ट रेडफोर्ड की 'जेरेमिया जॉनसन', विलियम फ्रीडकिन की 'सॉसरर' और 'द लास्ट हार्ड मेन' जैसी सर्वाइवल थ्रिलर फिल्मों की याद दिलाती है।
फिल्म में मुख्य भूमिका किसने निभाई है?
फिल्म में मर्फी नाम के एक बेबस मैकेनिक और कैदी की मुख्य भूमिका ईथन हॉक ने निभाई है।
फिल्म में रसेल क्रो का किरदार क्या है?
रसेल क्रो ने जेल कैंप के सख्त वार्डन क्लैंसी की भूमिका निभाई है, जो मर्फी को आज़ादी के बदले सोना लाने का काम सौंपता है।
द वेट फिल्म का निर्देशन किसने किया है?
इस फिल्म का निर्देशन पैड्रिक मैकिन्ले ने किया है, और यह उनकी पहली फीचर फिल्म है।
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टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·27 दिन पहले

ईथन हॉक का अभिनय तो हमेशा की तरह बढ़िया लग रहा है, पर क्या फिल्म के अंत तक वो उम्मीद बची रहती है या सब कुछ बहुत पानी-पानी हो जाता है?

Ananya Iyer@ananya-iyer·27 दिन पहले

ईथन हॉक की अदाकारी और वो सस्पेंस से भरा रस्सी का पुल वाला सीन सचमुच थिएटर में देखने जैसा रोमांच देता है।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·27 दिन पहले

अनान्या, ईथन हॉक का वो रस्सी का पुल वाला सीन देखकर मुझे कॉलेज के दिनों का वो ट्रेक याद आ गया जब एक कमजोर लकड़ी के पुल पर मेरी सांसें अटक गई थीं। सच में डर लगता है।

Tanvi Desai@tanvi-desai·27 दिन पहले

ईथन हॉक ने इस सर्वाइवल थ्रिलर में जान डाल दी है। ओरेगन के जंगलों और वो रोंगटे खड़े करने वाले सस्पेंस सीन्स ने सीधे बड़े परदे वाले दौर की याद दिला दी, थिएटर्स में मजा आएगा।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·27 दिन पहले

तनवी, बिल्कुल सही कहा तुमने! ईथन हॉक का वो सस्पेंस वाला सीन और जंगलों का रोमांच सच में थिएटर में अलग मज़ा देगा।

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