पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, अस्पताल में मौतपश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला, बागुईआटी थाने में शिकायत दर्जराशिफल 29 अक्टूबर: उच्च के चंद्रमा के प्रभाव से 8 राशियों की बदलेगी किस्मत, हर तरफ से मिलेंगे लाभ के संकेतबिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी मुश्किलें गहरी, आय से अधिक संपत्ति मामले में दाखिल हुई सप्लीमेंट्री चार्जशीटसीवर और सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेगा 30 लाख मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देशमूलांक 4 दैनिक अंकज्योतिष 29 अक्टूबर: डिजिटल लेन-देन में बरतें सावधानी, जल्दबाजी से बचेंमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए धारा 18 बनी ढाल, सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्षचार राज्यों के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका, बीजेपी और सपा का दबदबाअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में एलन मस्क का बड़ा दांव, झोंके 7.6 करोड़ डॉलरमूलांक 2 राशिफल 29 अक्टूबर 2026: दिल की बातों और पैसों के लेन-देन में बरतें सावधानी
मिर्जापुर: द मूवी रिव्यू (2026): सिर्फ गालियों और डॉयलॉग का शोर, कहानी के मोर्चे पर पूरी तरह फिसड्डीमूवी रिव्यू
4 सित॰ 2026, 3:03 pm (55 दिन पहले)· 4

मिर्जापुर: द मूवी रिव्यू (2026): सिर्फ गालियों और डॉयलॉग का शोर, कहानी के मोर्चे पर पूरी तरह फिसड्डी

ओटीटी पर धूम मचाने वाली लोकप्रिय फ्रेंचाइजी अब बड़े पर्दे पर आ चुकी है, लेकिन कमजोर पटकथा और प्रेडिक्टेबल कहानी की वजह से यह फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है।

पूर्वांचल की गद्दी और दबदबे की खूनी जंग को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर घर तक पहुंचाने वाली लोकप्रिय कहानी अब 4 सितंबर 2026 को मिर्जापुर: द मूवी के रूप में सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है। हालांकि, सिल्वर स्क्रीन पर उतरने के बाद यह बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट दर्शकों को वह रोमांच देने में नाकाम साबित होता है जिसके लिए यह सीरीज जानी जाती थी। कहानी का मुख्य केंद्र कालीन भैया के साम्राज्य पर मंडराता बब्बन यादव का खतरा है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और बिखरे हुए घटनाक्रम के कारण सत्ता की यह लड़ाई अपनी शुरुआती चमक खो देती है। इसके बावजूद, मुन्ना भैया और गुड्डू पंडित के बीच के तीखे संवाद और पंकज त्रिपाठी की स्क्रीन प्रेजेंस इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी बनकर सामने आती है।

कमजोर कहानी और प्रेडिक्टेबल प्लॉट

पूरी फिल्म एक बार फिर मिर्जापुर के सिंहासन को हथियाने की होड़ पर टिकी हुई है, जहां इस बार मुख्य खलनायक की भूमिका में बब्बन यादव यानी रवि किशन नजर आते हैं। वह अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) को इस इलाके से बाहर खदेड़ने के लिए एक बड़ी साजिश बुनते हैं। इस पटकथा की सबसे बड़ी खामी यह है कि इसका डिजिटल सीरीज की मूल कहानी से कोई मजबूत और सीधा क्रिएटिव जुड़ाव महसूस नहीं होता है। ऐसा लगता है कि सीरीज के लोकप्रिय किरदारों को उठाकर सीधे बड़े पर्दे पर चस्पा कर दिया गया है। जिन दर्शकों ने इसके डिजिटल संस्करण को नहीं देखा है, उन्हें शुरुआती एक घंटे तक किरदारों के आपसी रिश्तों और उनके अतीत को समझने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। कहानी में कोई भी ऐसा नया या चौंकाने वाला मोड़ नहीं है जो दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रख सके।

ये भी पढ़ें

कलाकारों का अभिनय और कास्टिंग के फेर

अगर इस सिनेमाई पेशकश में कुछ सबसे ज्यादा सराहनीय है, तो वह इसके मुख्य कलाकारों का दमदार अभिनय है। कालीन भैया के किरदार में पंकज त्रिपाठी की ठंडी और खामोश लेकिन खतरनाक अदाकारी स्क्रीन पर साफ झलकती है। इसके अलावा मुन्ना भैया (दिव्येंदु) और गुड्डू पंडित (अली फजल) की जोड़ी जब भी पर्दे पर आती है, तो माहौल पूरी तरह बदल जाता है। दिव्येंदु का अलग अंदाज और अली फजल का आक्रामक रूप दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने में सफल रहता है। दोनों के बीच बोले जाने वाले वन-लाइनर्स थिएटर में तालियां बटोरने का काम करते हैं। हालांकि, मेकर्स से कास्टिंग के मामले में एक चूक यह हो गई कि मुख्य खलनायक के रूप में रवि किशन उस स्तर का खौफ पैदा करने में असफल रहते हैं जिसकी उम्मीद की जा रही थी। इसके विपरीत, दूसरे विलेन की भूमिका निभा रहे सुशांत सिंह यानी भैरव सिंह कर्णावट कहीं अधिक खतरनाक और प्रभावी नजर आते हैं। अगर उनका सामना सीधे तौर पर कालीन भैया के गिरोह से होता, तो ड्रामा और भी ज्यादा गहरा सकता था। वहीं दूसरी तरफ, बीना त्रिपाठी के रूप में रसिका दुग्गल, गोलू गुप्ता के किरदार में श्वेता त्रिपाठी और बबलू भैया के रूप में जीतेंद्र कुमार ने अपने-अपने किरदारों के साथ पूरी न्याय किया है।

निर्देशन और सिनेमैटिक अनुभव

एक ऐसी कहानी को जो वेब की दुनिया में लंबी अवधि में रची गई थी, उसे ढाई घंटे के फीचर फिल्म फॉर्मेट में समेटना एक बहुत बड़ा जोखिम था और निर्देशक इस मोर्चे पर कुछ लड़खड़ाते हुए दिखाई देते हैं। निर्देशक ने खून-खराबे, गालियों और तीखे डॉयलॉग जैसे लोकप्रिय तत्वों को बड़े पर्दे पर उतारने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह एक समान और कसा हुआ प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। फिल्म की रफ्तार में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहता है। सारा जोर सिर्फ किरदारों के भारी-भरकम इंट्रोडक्शन और ऐकड़ वाले संवादों पर रहता है, जिससे मुख्य कथानक बीच में ही बिखर जाता है। हालांकि, फिल्म के अंतिम बीस मिनटों को निर्देशक ने बेहद करीने से बुना है, जहां सभी प्रमुख किरदारों को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया जाता है। तकनीकी पहलुओं पर बात करें तो सिनेमैटोग्राफी बेहद प्रभावशाली है और कैमरावर्क ने पूर्वांचल की मिट्टी, तंग गलियों और नदी घाटों के माहौल को बहुत खूबसूरती से पर्दे पर जिंदा किया है।

बैकग्राउंड म्यूजिक उन जगहों पर जान फूंक देता है जहां स्क्रीनप्ले कमजोर पड़ जाता है, और जब भी इसका सिग्नेचर थीम सॉन्ग गूंजता है तो दर्शक झूम उठते हैं। हालांकि, फिल्म के गाने कहानी को गति देने के अलावा कोई खास यादगार छाप नहीं छोड़ पाते हैं। कुल मिलाकर यह फिल्म अपने बड़े नाम और उम्मीदों के मुताबिक पूरी तरह खरी नहीं उतरती, लेकिन कलाकारों के अभिनय के दम पर इसे एक बार देखा जा सकता है।

सवाल-जवाब

क्या 'मिर्जापुर: द मूवी' देखने लायक है?
यह फिल्म मुख्य रूप से वेब सीरीज के पुराने प्रशंसकों के लिए है, जो कलाकारों की एक्टिंग और गानों के लिए इसे देख सकते हैं, हालांकि कहानी के मामले में यह निराश करती है।
फिल्म में मुख्य खलनायक की भूमिका किसने निभाई है?
फिल्म में मुख्य विलेन के रूप में बब्बन यादव का किरदार रवि किशन ने निभाया है।
पंकज त्रिपाठी के किरदार का नाम क्या है?
पंकज त्रिपाठी ने इस फिल्म में पूर्वांचल के बाहुबली अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ कालीन भैया का किरदार निभाया है।
क्या इस फिल्म को देखने के लिए वेब सीरीज देखना जरूरी है?
हाँ, जिन दर्शकों ने ओटीटी पर 'मिर्जापुर' नहीं देखी है, उन्हें शुरुआती एक घंटे तक किरदारों के बैकग्राउंड को समझने में काफी परेशानी हो सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp