फर्रुखाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर में एक साथ होते हैं बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, महाभारत काल से जुड़ा है गहरा इतिहासपुणे प्लांट में बनने लगी लैंड रोवर डिफेंडर, कीमतों में 34 लाख रुपये तक की भारी कटौतीसावन में बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम क्या है, एक गलती से बेकार हो सकती है पूजाक्विंस की मेरिनो वूल टी-शर्ट बाजार में क्यों मचा रही है धूमवियतनाम में आर्थिक रफ्तार 2027 तक रहेगी तेज, 11 फीसदी तक पहुंच सकती है विकास दरड्यून: पार्ट थ्री का फाइनल ट्रेलर रिलीज, पॉल अत्रेइदेस और चानी के बीच भयंकर टकराव की झलकयमन से मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद रियाद में धमाके, उधर होर्मुज में तेल टैंकर में लगी आगअमेरिकी डॉलर की मजबूती से टूटा यूरो, तकनीकी स्तर पर 1.1113 का अहम सपोर्ट क्षेत्र बेहद संवेदनशीलऐप्पल ने जारी किया iOS 27.2 अपडेट, सिरी एआई में नई भाषाएं और सुरक्षा पैच शामिलजीमेल और ड्राइव के डेटा से गूगल दिखा रहा विज्ञापन, ऐसे रोकें
80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से घोषणा, 6 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य तयभारत
15 अग॰ 2026, 12:12 pm (74 दिन पहले)· 0

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से घोषणा, 6 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य तय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में लखपति दीदी योजना का दायरा दोगुना करने का ऐलान किया है। दिसंबर 2025 तक 3 करोड़ का लक्ष्य हासिल होने के बाद अब 6 करोड़ महिलाओं को आजीविका से जोड़ा जाएगा।

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने वंदे मातरम् और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक नागरिक के हृदय में वंदे मातरम् की गूंज है और हर घर तथा हर मन में तिरंगा पूरी शान से लहरा रहा है। इस ऐतिहासिक संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश की नारी शक्ति को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से लखपति दीदी योजना का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर अब 6 करोड़ महिलाओं तक करने का निर्णय लिया है।

दिसंबर 2025 तक पूरा हुआ पिछला लक्ष्य, अब नया अध्याय

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने दिसंबर 2025 तक 3 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का प्रारंभिक लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया था। इस बड़ी सफलता के बाद अब सरकार का अगला चरण 3 करोड़ और महिलाओं को स्थायी तथा विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ना है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण महिलाओं की आय केवल एक बार न बढ़े, बल्कि उनकी मासिक और वार्षिक आय में निरंतर बढ़ोतरी बनी रहे, जिससे वे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

ये भी पढ़ें

लखपति दीदी योजना का स्वरूप और शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी योजना की परिकल्पना 15 अगस्त 2023 को दिए गए अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में की थी, जिसके बाद इसे वर्ष 2024 में औपचारिक रूप से लागू किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की वार्षिक पारिवारिक आय को न्यूनतम 1 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंचाना है। इस योजना का क्रियान्वयन केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत सुचारू रूप से किया जा रहा है।

किन्हें माना जाता है लखपति दीदी और क्या हैं मानक

सरकारी मानकों के अनुसार, लखपति दीदी उन स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिला सदस्यों को कहा जाता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय कम से कम 1,00,000 रुपये या इससे अधिक हो। इस आय की निरंतरता जांचने के लिए एक विशेष पैमाना तय किया गया है। महिला की आय की गणना कम से कम चार कृषि सीजन अथवा व्यावसायिक चक्रों के आधार पर की जाती है, जिसमें औसतन 10,000 रुपये से अधिक की मासिक आय होना अनिवार्य है ताकि आय का प्रवाह स्थायी बना रहे।

वित्तीय सहायता, तकनीक और बाजार का एकीकृत ढांचा

लखपति दीदी कार्यक्रम केवल वित्तीय मदद देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभिन्न सरकारी विभागों, मंत्रालयों, निजी क्षेत्र और बाजार के हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करता है। इसके तहत महिलाओं को विविध आजीविका गतिविधियां चुनने का अवसर दिया जाता है। इस रणनीति में सुनियोजित योजना, संपत्ति निर्माण, समय पर ऋण एवं फाइनेंस की उपलब्धता, आधुनिक तकनीक और बाजार तक पहुंच शामिल है। इसके अलावा, सभी स्तरों पर योजना के सही कार्यान्वयन और निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि ग्रामीण स्तर पर हर लाभार्थी को इसका पूरा लाभ मिल सके।

सवाल-जवाब

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लखपति दीदी योजना को लेकर क्या घोषणा की गई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखपति दीदी योजना का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं तक करने की घोषणा की।
3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का प्रारंभिक लक्ष्य कब पूरा हुआ?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया था।
लखपति दीदी किसे कहा जाता है?
स्वयं सहायता समूह (SHG) की उस महिला सदस्य को लखपति दीदी कहा जाता है जिसकी वार्षिक पारिवारिक आय कम से कम 1,00,000 रुपये या उससे अधिक हो।
आय की निरंतरता जांचने के लिए क्या मानक तय किए गए हैं?
महिला की आय कम से कम चार कृषि सीजन या व्यावसायिक चक्रों के आधार पर मापी जाती है, जिसमें औसत मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक होनी चाहिए।
यह योजना किस मंत्रालय और मिशन के तहत लागू की जा रही है?
यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत लागू की जा रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·73 दिन पहले

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्वयं सहायता समूहों की मजबूत होती पृष्ठभूमि को देखते हुए, लखपति दीदी योजना का यह नया दायरा राज्य के सामाजिक-आर्थिक ढांचे को बदलने में बेहद अहम साबित होगा। विशेषकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड के जिलों में, जहां महिला आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण महिलाएं कृषि और कुटीर उद्योगों से जुड़ रही हैं, यह लक्ष्य उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को स्थायी मजबूती देगा।

Ravikash Gupta@ravikash·73 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस योजना का दायरा छह करोड़ महिलाओं तक पहुंचना ग्रामीण भारत में डिजिटल और वित्तीय समावेशन की गति को भी तीव्र करेगा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी इन महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और डिजिटल लेन-देन के दायरे में लाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के औपचारिकरण को बड़ा बल मिलेगा, जो दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp