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अखिलेश यादव का बड़ा हमला, बोले- स्पेशल समरी रिवीजन के जरिए जोड़े जा रहे फर्जी वोटरउत्तर प्रदेश
16 अक्तू॰ 2026, 11:23 pm (12 दिन पहले)· 1

अखिलेश यादव का बड़ा हमला, बोले- स्पेशल समरी रिवीजन के जरिए जोड़े जा रहे फर्जी वोटर

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के स्पेशल समरी रिवीजन अभियान पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए वोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं, जिस पर ओपी राजभर ने पलटवार किया है।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इन दिनों चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने चुनाव आयोग के स्पेशल समरी रिवीजन यानी एसएसआर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अखिलेश यादव का कहना है कि आयोग ने पहले एसआईआर के माध्यम से असली मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर किए और अब एसएसआर प्रक्रिया के जरिए फर्जी मतदाताओं को शामिल करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा घटनाक्रम भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर संचालित हो रहा है, लेकिन समाजवादी पार्टी के सभी कार्यकर्ता पूरी तरह मुस्तैद हैं और वे चुनाव आयोग को मतदाता सूची में एक भी फर्जी नाम नहीं जोड़ने देंगे।

सामने रखे गए वोटर लिस्ट में धांधली के सबूत

इससे पहले अखिलेश यादव ने बीते गुरुवार को प्रेस के सामने आकर आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में धांधली हुई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक ही मतदाता का नाम अलग-रहकर दस अलग-अलग स्थानों की सूचियों में दर्ज कर दिया गया है। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए वह विकास यादव नामक एक नए मतदाता को भी मीडिया के सामने लाए। अखिलेश ने बताया कि विकास यादव ने केवल एक ही जगह पर अपना वोट बनवाने के लिए आवेदन किया था, किंतु सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने मिलीभगत कर उसका नाम दस अलग-अलग सूचियों में डलवा दिया, ताकि चुनाव के दौरान फर्जी मतदान को अंजाम दिया जा सके।

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मतदाता सूचियों में बार-बार संशोधन पर आपत्ति

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में बार-बार किए जाने वाले बदलावों की आवश्यकता पर भी कड़ा प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने अपनी अपील दोहराते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग से हमारी यही मांग है कि वह सूची में केवल एक बार संशोधन करे और बार-बार प्रक्रिया को न दोहराए। जब आयोग ने पूरी तैयारी के साथ एसएसआर करने का निर्णय ले ही लिया है, तो नामांकन की अंतिम तिथि तक इसे स्थिर रहना चाहिए। उन्होंने आगे तीखा तंज कसते हुए कहा कि अब आम जनता और बहुत से लोग बीजेपी के साथ नहीं रहना चाहते हैं, और इसी बौखलाहट में यह सब किया जा रहा है। जब उनकी कोई भी राजनीतिक रणनीति सफल नहीं होती, तो वे इस तरह के तौर-तरीकों का सहारा लेते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि यदि आप एसएसआर को पलट दें, तो वह आरएसएस बन जाता है।

ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार

अखिलेश यादव द्वारा वोट चोरी और फर्जी वोटर जुड़वाने के गंभीर आरोपों के जवाब में मंत्री ओपी राजभर ने तुरंत मोर्चा संभाला। ओपी राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में अखिलेश यादव को अपनी आसन्न हार साफ नजर आ रही है, और इसी वजह से वे जनता के बीच मतदाता सूचियों को लेकर केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। राजभर ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को पूरी तरह से दुरुस्त और पारदर्शी कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयोग ने समाजवादी पार्टी के उन मतदाताओं के नाम हटाए हैं जो फर्जी थे, और यही कारण है कि विपक्षी नेता अत्यधिक परेशान हैं और इस तरह के बेबुनियाद बयान दे रहे हैं।

सवाल-जवाब

अखिलेश यादव ने किस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं?
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के स्पेशल समरी रिवीजन यानी एसएसआर पर सवाल उठाए हैं।
सपा प्रमुख ने क्या मुख्य आरोप लगाया है?
उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग के जरिए वोटर लिस्ट में फर्जी वोट जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
अखिलेश यादव ने सबूत के तौर पर किसका नाम सामने रखा?
उन्होंने विकास यादव नामक एक नए मतदाता का नाम सामने रखा, जिसका नाम दस जगहों पर जोड़े जाने का दावा किया गया।
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को अपनी हार साफ दिख रही है इसलिए वे वोटर लिस्ट के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·12 दिन पहले

हर बार चुनाव आते ही वोटर लिस्ट पर सवाल उठने लगते हैं, मुझे लगता है बात थोड़ी बढ़ाई जा रही है।

Ravikash Gupta@ravikash·12 दिन पहले

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की बात तो समझ आती है, पर बार-बार संशोधन पर चुनाव आयोग को यूं सीधे कठघरे में खड़ा करना थोड़ा जल्दबाजी लगता है। हर बार सिस्टम पर शक करना ठीक नहीं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 दिन पहले

रविकेश, विकास यादव वाला उदाहरण सचमुच चौंकाने वाला है कि एक ही नाम दस जगह कैसे पहुँच गया।

Rohan Verma@rohan-verma·12 दिन पहले

हर चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठना आम हो गया है। आयोग को इन शिकायतों पर पहले ही स्थिति साफ करनी चाहिए ताकि बाद में इस तरह का विवाद न बढ़े।

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 दिन पहले

रोहन भाई, चुनाव आते ही लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगना तो हर बार की बात है। मुझे नहीं लगता कि इस बार इसमें कोई बहुत नया दम है।

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