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अलवर में पतंग लूटने के दौरान बड़ा हादसा, 400 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 9 वर्षीय भानुराजस्थान
1 सित॰ 2026, 7:18 am (24 दिन पहले)· 2

अलवर में पतंग लूटने के दौरान बड़ा हादसा, 400 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 9 वर्षीय भानु

अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में पतंग पकड़ने की दौड़ के दौरान एक बच्चा 400 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा। प्रशासनिक और बचाव दलों के संयुक्त प्रयासों के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।

अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बुटोली गांव में एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां सोमवार की शाम को एक मासूम बच्चा खुले पड़े बोरवेल में जा गिरा। इस घटना के बाद से ही स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल मौके पर मुस्तैद हो गए थे, जिसके बाद कई घंटों की लंबी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।

पतंग लूटने के दौरान हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, 9 वर्षीय बालक भानु सोमवार की शाम को आसमान में उड़ रही पतंग को लूटने के लिए दौड़ रहा था। दौड़ते समय उसका ध्यान नीचे नहीं गया और उसका पैर अचानक से एक खुले बोरवेल पर रखे पत्थर पर जा पड़ा। पत्थर के अपनी जगह से हिलकर हटने के कारण बालक सीधे बोरवेल के भीतर जा गिरा। बताया जा रहा है कि यह बोरवेल करीब 400 फीट गहरा था, जिसमें बच्चा लगभग 40 फीट की गहराई पर जाकर अटक गया था।

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प्रशासन और टीमों का त्वरित रेस्क्यू अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया और एसडीएम मनीषा रेशम, तहसीलदार मनीष कुमार शर्मा, डीएसपी नरेंद्र कुमार तथा एसएचओ राजेश कुमार तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। जिला प्रशासन के निर्देश पर राहत कार्यों को तेज करते हुए मौके पर तीन जेसीबी मशीनों की मदद से खुदाई का कार्य शुरू किया गया। इसके अलावा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी तुरंत घटनास्थल पर बुलाई गईं और बचाव कार्य में जुट गईं।

सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती

अनेक घंटों की कड़ी मशक्कत और राहत टीमों के अथक प्रयासों के बाद आखिरकार बच्चे को बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही वहां मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने राहत की सांस ली और खुशी का माहौल बन गया। इसके तुरंत बाद प्रशासन ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी स्वास्थ्य देखभाल की जा रही है।

सवाल-जवाब

यह घटना किस जिले में हुई?
यह घटना राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के बुटोली गांव में हुई।
बोरवेल कितना गहरा था और बच्चा कहां अटका था?
बोरवेल करीब 400 फीट गहरा था और बच्चा लगभग 40 फीट की गहराई पर जाकर अटक गया था।
बचाव कार्य में कौन-कौन सी टीमें शामिल थीं?
बचाव कार्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की टीमें जुटी थीं।
बच्चे को बाहर निकालने के बाद क्या किया गया?
सुरक्षित बाहर निकालने के बाद बच्चे को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·23 दिन पहले

अलवर की यह घटना प्रशासन और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है। खुले बोरवेल लगातार मासूमों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। हालांकि इस मामले में त्वरित रेस्क्यू से बड़ी टल गई, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह अनिवार्य है कि जिला प्रशासन पूरे क्षेत्र में बिना ढके बोरवेलों का तत्काल सत्यापन कर उन्हें सील करे और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 दिन पहले

यह घटना एक गंभीर कानूनी और प्रशासनिक चूक की ओर इशारा करती है। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद खुले बोरवेल का मिलना भारतीय दण्ड संहिता और संबंधित सुरक्षा अधिनियमों के तहत भारी लापरवाही की श्रेणी में आता है। अब यह आवश्यक है कि पुलिस इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए बोरवेल के मालिक के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करे, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाही पर रोक लग सके।

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