वेस्टइंडीज के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने पर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने उठाए सवाल, टीम चयन पर जताई नाराजगीमूलांक 4 दैनिक राशिफल 15 अक्टूबर: राहु बढ़ा सकता है मानसिक उलझन, कार्यक्षेत्र और धन प्रबंधन में बरतें सावधानीराजस्थान में आईटीआई का कायाकल्प करने की शुरुआत, भिवाड़ी क्लस्टर पर खर्च होंगे 241 करोड़ रुपयेबिहार के राजकीय पक्षी को समर्पित पटना का अनूठा पंडाल, 1000 कृत्रिम गौरैया और घोंसलों के बीच होगा मां दुर्गा का पूजनभीलवाड़ा के धौड़ में चुनावी सभा के बीच विधायक गोपीचंद मीणा के वाहन पर पथराव, शीशा चकनाचूररांची के हजदा में आदिवासियों ने पत्थरों पर उकेरा संविधान, जमीन बचाने के लिए पांचवीं अनुसूची को बनाया ढालघरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए पलामू में शक्ति सदन की तैयारी, तीन वर्ष तक मिल सकेगा सुरक्षित ठिकानानवरात्रि में गरबा के बीच जलता हुआ घड़ा और तीन तालियों का गहरा आध्यात्मिक संदेशभीलवाड़ा के 200 साल पुराने चौथ मातेश्वरी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, चढ़ाया गया 30 फीट ऊंचा ध्वजरणजी ट्रॉफी में कप्तानी पारी के बाद पृथ्वी शॉ का बड़ा बयान, कहा अपनी पुरानी गलतियां सुधार कर राष्ट्रीय टीम में करूंगा वापसी
अमेठी में किसानों की ई-फार्मर रजिस्ट्री शुरू, योजनाओं के लिए अब एक ही डिजिटल पहचान होगी जरूरीभारत
15 अक्तू॰ 2026, 8:14 am (2 घंटे पहले)· 0

अमेठी में किसानों की ई-फार्मर रजिस्ट्री शुरू, योजनाओं के लिए अब एक ही डिजिटल पहचान होगी जरूरी

अमेठी में किसानों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सुचारू रूप से देने के लिए ई-फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जा रहा है। किसान आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और खतौनी के साथ नजदीकी सेवा केंद्रों पर अपना डिजिटल पंजीकरण करा सकते हैं।

कृषि क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की दिशा में अब किसानों के लिए विशेष डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है। पारंपरिक कागजी औपचारिकताओं को पीछे छोड़ते हुए सभी कृषि प्रक्रियाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। इसी क्रम में किसानों को ई-फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे समय रहते अपनी डिजिटल पहचान तैयार कर सकें और किसी भी आगामी योजना के लाभ से वंचित न रहें। जिन काश्तकारों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें जागरूक कर जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कृषि योजनाओं में क्यों अहम है यह डिजिटल पंजीकरण

काश्तकारों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि ई-फार्मर रजिस्ट्री कराना उनके लिए क्यों आवश्यक है। उप कृषि निदेशक सतेंद्र कुमार के अनुसार यह रजिस्ट्री किसानों के लिए कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। सरकार की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं तक सीधी पहुंच बनाने के लिए यह व्यवस्था आधार बनेगी। इस व्यवस्था के लागू होने से किसानों को एक ही कार्ड, एक इकाई और एकल आईडी पर विभिन्न सरकारी लाभ एक साथ उपलब्ध होंगे। आने वाले समय में शुरू होने वाली नई कृषि स्कीमें, सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रम और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी वित्तीय सुविधाएं सीधे इसी डिजिटल आईडी से जुड़ी होंगी। इसके अलावा धान और गेहूं की सरकारी खरीद, कृषि यंत्रीकरण सब्सिडी और प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रमों में भी ई-फार्मर रजिस्ट्री की मुख्य भूमिका रहेगी।

ये भी पढ़ें

गोल्डन कार्ड की तरह करेगा काम, कागजी झंझटों से मिलेगी राहत

सतेंद्र कुमार का कहना है कि यह व्यवस्था भविष्य में किसानों के लिए एक तरह से गोल्डन कार्ड का काम करेगी। एक बार डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज हो जाने के बाद किसानों को हर सरकारी काम के लिए बार-बार खतौनी निकलवाने या दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराने की मजबूरी नहीं रहेगी। इससे न केवल किसानों के समय और धन की बचत होगी, बल्कि बार-बार तहसील के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी। एकल डिजिटल पहचान के माध्यम से ही किसान की जोत का पूरा विवरण और संबंधित योजनाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के मिल सकेगा।

पंजीकरण की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

ई-फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया जितनी महत्वपूर्ण है, इसे पूरा करना भी उतना ही सरल रखा गया है। पंजीकरण कराने के लिए किसानों को अपने साथ तीन प्रमुख दस्तावेज लेकर जाने होंगे

  • आधार कार्ड: किसान की व्यक्तिगत पहचान के सत्यापन हेतु।
  • मोबाइल नंबर: ओटीपी सत्यापन और योजना संबंधी सूचनाएं प्राप्त करने के लिए।
  • खतौनी की प्रति: कृषि भूमि का आधिकारिक रकबा और रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए।

किसान अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र, राजकीय बीज भंडारण केंद्र अथवा कृषि विभाग द्वारा लगाए जाने वाले विशेष कैंप कार्यालयों पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। विभाग की ओर से किसानों से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी केंद्र पर पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी करें।

सवाल-जवाब

ई-फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?
पंजीकरण के लिए किसान को अपना आधार कार्ड, सक्रिय मोबाइल नंबर और जमीन की खतौनी की प्रति साथ ले जानी होगी।
अमेठी में किसान ई-फार्मर रजिस्ट्री कहां करवा सकते हैं?
यह रजिस्ट्री नजदीकी जन सुविधा केंद्र (CSC), राजकीय बीज भंडारण केंद्र और कृषि विभाग के कैंप कार्यालयों पर कराई जा रही है।
ई-फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को क्या मुख्य लाभ मिलेगा?
किसानों को एक ही डिजिटल आईडी पर केसीसी, बीज वितरण, कृषि यंत्रीकरण और अनाज खरीद जैसी सभी योजनाओं का लाभ एक साथ मिलेगा।
क्या इस रजिस्ट्री के बाद बार-बार खतौनी की नकल जमा करनी पड़ेगी?
नहीं, यह व्यवस्था गोल्डन कार्ड की तरह काम करेगी और बार-बार खतौनी निकालने या कागजी नकल देने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Ravikash Gupta@ravikash·17 मिनट पहले

अमेठी में किसानों के लिए डिजिटल आईडी का यह चक्कर तो ठीक है, पर जिन बुजुर्ग किसानों को स्मार्टफोन चलाना नहीं आता, उनके लिए ये सब संभालना बाद में कितना मुश्किल होगा? कोई बताएगा?

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

अमेठी के कैंप में एक बुजुर्ग किसान से बात हुई थी, मोबाइल में ओटीपी आते ही उनके चेहरे पर जो सुकून आया था, वो देखने लायक था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp