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अमृतसर में मां को पति पर हुआ शक, घर के पीछे जेसीबी से खुदाई कराई तो गड्ढे से निकला गायब बेटी का शवभारत
2 सित॰ 2026, 11:58 pm (19 दिन पहले)· 2

अमृतसर में मां को पति पर हुआ शक, घर के पीछे जेसीबी से खुदाई कराई तो गड्ढे से निकला गायब बेटी का शव

अमृतसर के मत्तेवाल क्षेत्र में चरित्र पर संदेह के चलते पिता पर 19 वर्षीय बेटी नवनीत कौर की हत्या का आरोप लगा है। मां की शिकायत पर जेसीबी से हुई खुदाई में घर के पीछे दफनाया गया शव बरामद हुआ।

अमृतसर जिले के मत्तेवाल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ चरित्र पर संदेह के चलते 19 वर्षीय युवती नवनीत कौर की उसके ही पिता ने कथित तौर पर हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के पिछवाड़े गड्ढे में दफना दिया। इस वारदात का खुलासा तब हुआ जब मृतका की मां सरबजीत कौर को अपने पति के संदिग्ध बयानों पर गहरा शक हुआ। इसके बाद मां ने एक जेसीबी मशीन बुलाकर घर के पीछे की जमीन खुदवाई, जिससे लापता बेटी का शव मिट्टी के नीचे से बरामद हो गया।

पारिवारिक विवाद और 31 अगस्त की अंतिम फोन कॉल

पुलिस को दिए गए बयान में सरबजीत कौर ने बताया कि उनके परिवार में दो बेटियां थीं। बड़ी बेटी 19 वर्षीय नवनीत कौर अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी थी। लगभग छह महीने पहले नवनीत अपने साथी के साथ घर छोड़ कर चली गई थी, हालांकि कुछ ही दिनों बाद वह सुरक्षित वापस लौट आई थी। इस घटना के बाद से ही परिवार में तनाव बना रहता था और पिता दोनों बेटों व बेटियों के आचरण पर लगातार संदेह करने लगे थे।

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घटनाक्रम की शुरुआत 25 अगस्त को हुई, जब सरबजीत कौर अपने मायके चली गई थीं और घर पर दोनों बेटियां अपने पिता के साथ मौजूद थीं। इसके बाद 31 अगस्त को नवनीत ने फोन करके अपनी मां को सूचित किया था कि पिता घर के पिछले हिस्से में एक बड़ा गड्ढा खोद रहे हैं। इस बातचीत के तुरंत बाद नवनीत का फोन बंद हो गया और उससे संपर्क पूरी तरह कट गया।

झूठे दावों से गहराया शक और पुलिस की कार्रवाई

बुधवार को जब सरबजीत कौर अपने मायके से वापस लौटीं, तो नवनीत घर पर नहीं मिली। जब उन्होंने अपने पति से बेटी के बारे में पूछा, तो उसने दावा किया कि नवनीत को अगले छह महीनों के लिए एक रिश्तेदार के घर भेज दिया गया है। पति के इस अचानक दिए गए जवाब और 31 अगस्त को खोदे जा रहे गड्ढे की बात याद आने पर मां का संदेह पक्का हो गया।

सरबजीत कौर ने बिना देर किए स्थानीय पुलिस को इस स्थिति की जानकारी दी। पुलिस की मौजूदगी में जब घर के पीछे बने गड्ढे की जेसीबी मशीन से खुदाई करवाई गई, तो वहां से नवनीत कौर का शव बाहर निकला। शुरुआती जांच के अनुसार, नवनीत की हत्या शव मिलने से लगभग दो दिन पहले की गई थी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे जमीन में गाड़ दिया गया था।

पुलिस ने 19 वर्षीय नवनीत कौर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। आरोपी पिता के खिलाफ हत्या और शव खुर्द-बुर्द करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मत्तेवाल थाना पुलिस घटना की विस्तृत जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

सवाल-जवाब

अमृतसर में यह घटना किस थाना क्षेत्र में हुई?
यह घटना अमृतसर जिले के मत्तेवाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव में सामने आई है।
पुलिस ने इस मामले में किसे आरोपी बनाया है?
पुलिस ने मृतका नवनीत कौर के पिता के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
बेटी की हत्या का पता मां को कैसे चला?
मां सरबजीत कौर ने पति की बात पर संदेह होने पर घर के पीछे जेसीबी से खुदाई कराई, जिससे दबा हुआ शव मिला।
मां को अपने पति पर पहली बार शक क्यों हुआ?
31 अगस्त को बेटी ने फोन पर पिता द्वारा गड्ढा खोदने की बात कही थी, और बाद में पति ने बेटी को रिश्तेदार के घर भेजने का झूठा दावा किया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·19 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि कैसे घरेलू हिंसा और पितृसत्तात्मक सोच समाज के हर कोने को प्रभावित कर रही है, जिसकी तुलना अक्सर अपराध आधारित फिक्शन या क्राइम थ्रिलर कहानियों से की जाती है। यह मामला इस बात का गंभीर उदाहरण है कि किस तरह पारिवारिक संदेह और हिंसक प्रवृत्तियाँ वास्तविक जीवन में कितनी भयानक त्रासदी पैदा कर सकती हैं, जिस पर मीडिया और समाज को गहराई से विचार करने की आवश्यकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·19 दिन पहले

यह घटना न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने और पितृसत्तात्मक सोच की गहरी विसंगतियों को भी उजागर करती है। ग्रामीण व अर्ध-शहरी परिवारों में ऑनर किलिंग जैसी कुप्रथाएं इस बात का प्रमाण हैं कि आज भी महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और स्वायत्तता को कितना खतरा है। इस मामले में पुलिस द्वारा की जा रही त्वरित कानूनी कार्रवाई और फोरेंसिक जांच से यह तय होना चाहिए कि दोषी को सख्त सजा मिले, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए और ऐसे अपराधों पर रोक लग सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 दिन पहले

यह वीभत्स घटना दर्शाती है कि पितृसत्तात्मक सोच और झूठी प्रतिष्ठा किस हद तक अंधी हो चुकी है कि एक पिता ने अपनी ही बेटी की जान ले ली। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जेसीबी से शव बरामदगी सराहनीय है, लेकिन न्याय की असली परीक्षा अदालत में होगी। यह अत्यंत आवश्यक है कि इस प्रकरण में साक्ष्यों को मजबूत कर स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह मामला महिलाओं के विरुद्ध हो रहे ऐसे जघन्य अपराधों में एक नजीर बने।

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

यह घटना पितृसत्तात्मक समाज में तथाकथित प्रतिष्ठा के नाम पर होने वाली हिंसा और घरेलू अपराधों की खतरनाक प्रवृत्ति को उजागर करती है। मां की सतर्कता से इस मामले का खुलासा तो हो गया, लेकिन इस तरह की वारदातों से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर पारिवारिक विवादों के मामलों में त्वरित पुलिसिया और सामाजिक हस्तक्षेप की सख्त आवश्यकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

रोहन वर्मा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह रेखांकित करना आवश्यक है कि 31 अगस्त को मृतका द्वारा अपनी मां को दिया गया फोन कॉल इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सबसे बड़ा डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य बना है। हालांकि मां की सूझबूझ और जेसीबी के इस्तेमाल से शव बरामद हो गया है, लेकिन अब पुलिस के लिए यह साबित करना कानूनी रूप से बेहद अहम होगा कि हत्या किस हथियार से और कैसे की गई। आगामी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन ही इस मामले में आरोपी पिता को अदालत से सजा दिलाने का मुख्य आधार तय करेगा।

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