देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश ने भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। असम में बाढ़ के पानी ने लाखों लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है, तो पहाड़ी राज्यों में लगातार भूस्खलन की खबरें आ रही हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई है। यह चेतावनी मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक फैली है, जो बताती है कि इस बार मानसून का यह दौर कितना व्यापक है।
दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट, आंधी के साथ बारिश के आसार
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए मौसम विभाग ने 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच येलो अलर्ट जारी किया है। 30 जुलाई को यहां तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ भारी बारिश हो सकती है, जबकि इसके बाद 3 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला बने रहने का अनुमान है। इससे दिल्ली-NCR के लोगों को उमस से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में 30 जुलाई से पूरी तरह सक्रिय हुआ मानसून
उत्तर प्रदेश में 30 जुलाई से मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा और बरेली जैसे जिलों में 30 और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में 2 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। यानी पूरे प्रदेश में करीब एक हफ्ते तक बारिश थमने के आसार नहीं दिख रहे।
बिहार और राजस्थान में भी भारी बारिश की चेतावनी
- बिहार के कुछ हिस्सों में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 31 जुलाई से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश शुरू होने का अनुमान है।
- राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मध्यम से भारी और कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
दोनों राज्यों में जुलाई भर मानसून की फुहारें पड़ती रही हैं, और यह ताजा चेतावनी बताती है कि आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार और तेज हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रुकी, हिमाचल-जम्मू-कश्मीर में भी अलर्ट जारी
पहाड़ी राज्यों में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक हैं। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके बाद प्रशासन को यात्रा पर रोक लगानी पड़ी। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जुलाई से 4 अगस्त तक राज्य में व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहने की आशंका है।
हिमाचल प्रदेश में शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति समेत ज्यादातर जिलों में 30 और 31 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। वहीं जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में 30 जुलाई से 4 अगस्त तक बारिश का दौर बना रहेगा, और इस दौरान आंधी-तूफान भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
कुल मिलाकर मौसम विभाग का अनुमान यही बता रहा है कि अगस्त के पहले हफ्ते तक राहत की उम्मीद कम है, और यह अलर्ट राजधानी से लेकर मैदानी इलाकों और पहाड़ों तक एक के बाद एक जुड़ते जा रहे हैं।



















