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असम में कैंसर देखभाल नेटवर्क ने चार साल में दीं लगभग 15 लाख सेवाएं, पांच नए अस्पताल भी जुड़ेंगेअसम
25 सित॰ 2026, 5:00 pm (6 दिन पहले)· 0

असम में कैंसर देखभाल नेटवर्क ने चार साल में दीं लगभग 15 लाख सेवाएं, पांच नए अस्पताल भी जुड़ेंगे

असम कैंसर केयर फाउंडेशन ने पिछले चार वर्षों में परामर्श, जांच, कीमोथेरेपी और सर्जरी सहित लगभग 15 लाख मरीज सेवाएं पूरी की हैं। राज्य सरकार अब धुबरी, नलबाड़ी, नगांव, शिवसागर और गोलपारा में पांच अतिरिक्त अस्पतालों के साथ इस नेटवर्क का और विस्तार करने जा रही है।

असम में विशेष ऑन्कोलॉजी सुविधाओं के विस्तार के साथ राज्य के स्वास्थ्य ढांचे ने एक बड़ा पड़ाव पार किया है। असम सरकार और टाटा ट्रस्ट्स की साझा पहल के तहत संचालित असम कैंसर केयर फाउंडेशन ने अपनी शुरुआत के लगभग चार वर्षों के भीतर मरीजों को करीब 15 लाख सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। इन चिकित्सा सेवाओं में ओपीडी परामर्श, रोग निदान परीक्षण, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और जटिल कैंसर सर्जरी शामिल हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर आधुनिक उपचार की पहुंच काफी सुलभ हुई है।

समीक्षा बैठक में सामने आए स्वास्थ्य सेवाएं विस्तार के आंकड़े

गुरुवार रात आयोजित असम कैंसर केयर फाउंडेशन की बोर्ड बैठक और वार्षिक आम बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने की। इस सत्र के दौरान राज्य में ऑन्कोलॉजी देखभाल और उससे जुड़ी अन्य स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति का व्यापक मूल्यांकन किया गया। एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने साझा किया कि इतने कम समय में दी गई सेवाओं का यह विशाल पैमाना समीक्षा के दौरान सामने आए सबसे प्रमुख परिणामों में से एक रहा।

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"जो आंकड़ा मुझे सबसे अधिक प्रभावित कर गया वह यह था कि अपनी स्थापना के मात्र चार वर्षों में हमारे अस्पतालों ने लगभग 15 लाख मरीज सेवाएं दी हैं, जिनमें परामर्श और जांच से लेकर कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी शामिल हैं।"

बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि राज्यव्यापी नेटवर्क तैयार होने से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी से बड़ी राहत मिली है। पहले मरीजों को उच्चस्तरीय कैंसर चिकित्सा के लिए दूरदराज के महानगरों की यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन अब वे अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्राप्त कर पा रहे हैं।

पांच नए जिलों में अस्पतालों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

मौजूदा समय में 12 विशेष केंद्रों के माध्यम से काम कर रहे इस नेटवर्क का दायरा और बढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य प्रशासन ने पांच नए जिलों में अस्पतालों की स्थापना की रूपरेखा तैयार की है, जिनमें धुबरी, नलबाड़ी, नगांव, शिवसागर और गोलपारा शामिल हैं। अधिकारियों को इन प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी आबादी को उनके नजदीकी क्षेत्रों में ही संपूर्ण ऑन्कोलॉजी देखभाल मिल सके।

असम कैंसर केयर फाउंडेशन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पूरे राज्य में एक सुदृढ़ कैंसर देखभाल तंत्र स्थापित करना और आम जनता के लिए महंगे कैंसर उपचार को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है। आने वाले समय में नए अस्पताल जुड़ने से पूर्वोत्तर क्षेत्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता में और बड़ा इजाफा होगा।

सवाल-जवाब

असम कैंसर केयर फाउंडेशन ने पिछले चार वर्षों में कितनी सेवाएं प्रदान की हैं?
फाउंडेशन ने अपनी स्थापना के लगभग चार वर्षों के भीतर मरीजों को करीब 15 लाख सेवाएं प्रदान की हैं।
इस नेटवर्क के तहत मरीजों को किस प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं?
मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, नैदानिक परीक्षण, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और कैंसर सर्जरी की सुविधाएं मिल रही हैं।
वर्तमान में असम में कितने विशेष कैंसर केंद्र संचालित हो रहे हैं?
वर्तमान में राज्य भर में 12 विशेष कैंसर देखभाल केंद्रों का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है।
असम कैंसर केयर फाउंडेशन किन दो पक्षों की संयुक्त पहल है?
यह असम सरकार और टाटा ट्रस्ट्स की एक संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य कैंसर उपचार को सुलभ और किफायती बनाना है।
किन नए जिलों में पांच अतिरिक्त कैंसर अस्पताल स्थापित किए जाएंगे?
ये नए अस्पताल धुबरी, नलबाड़ी, नगांव, शिवसागर और गोलपारा जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·5 दिन पहले

असम में इलाज घर के पास मिलने से लोगों को बाहर जाने की मजबूरी से बड़ी राहत मिली है।

Amit Patel@amit-patel·5 दिन पहले

रविकेश जी, सही बात है। क्या इन नए अस्पतालों के शुरू होने से दूसरे राज्यों के अस्पतालों पर मरीजों का दबाव वाकई कम होगा?

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·5 दिन पहले

असम में स्वास्थ्य सेवाओं का यह विस्तार देखकर मन प्रसन्न हुआ। चार साल में पंद्रह लाख लोगों को इलाज मिलना बहुत बड़ी राहत है, खासकर तब जब मरीजों को घर के पास ही सारी सुविधा मिल जाए। पाँच नए अस्पताल बनने से दूर-दराज के लोगों को महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

कैंसर जैसी बीमारी के इलाज के लिए अब लोगों को बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। चार साल में 15 लाख सेवाएं देना बहुत बड़ी राहत है, और पांच नए अस्पताल बनने से यह सुविधा और गांवों तक पहुंच जाएगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

करण, बात तो तुम्हारी ठीक है पर मुझे शक है कि इतने कम स्टाफ से पाँच नए अस्पतालों में भी वैसी ही क्वॉलिटी मिल पाएगी जैसी अभी मिल रही है।

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