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असम में सरकारी बसों का कायाकल्प, यात्रियों की सुरक्षा के लिए शुरू होगा स्मार्ट ट्रैकिंग और पैनिक बटन सिस्टमअसम
15 सित॰ 2026, 5:27 pm (16 दिन पहले)· 3

असम में सरकारी बसों का कायाकल्प, यात्रियों की सुरक्षा के लिए शुरू होगा स्मार्ट ट्रैकिंग और पैनिक बटन सिस्टम

असम राज्य परिवहन निगम (ASTC) अपनी बसों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) शुरू करने जा रहा है, जिससे यात्रियों को लाइव लोकेशन और ई-पेमेंट की सुविधा मिलेगी।

असम की सरकारी बस सेवाओं में एक बड़ा तकनीकी बदलाव होने जा रहा है। असम राज्य परिवहन निगम (ASTC) अपने पूरे बस बेड़े में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस आधुनिक प्रणाली के जरिए राज्य में सफर करने वाले यात्रियों को बसों की लाइव लोकेशन जानने, डिजिटल माध्यम से टिकट खरीदने और बेहतर सुरक्षा सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ होगा।

यात्री सुरक्षा और निगरानी पर विशेष जोर

इस नई तकनीक के तहत महिला यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए इन बसों में विशेष पैनिक यानी SOS बटन लगाए जाएंगे। ये पैनिक बटन सीधे राज्य के मुख्य कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे, जिससे आपातकाल में तुरंत मदद भेजी जा सकेगी। इसके अलावा, बसों के अंदर लाइव सीसीटीवी (CCTV) कैमरे भी लगाए जाएंगे। इस सतत निगरानी प्रणाली से न केवल असामाजिक तत्वों पर लगाम कसेगी, बल्कि यात्रियों का सफर भी पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक बनेगा।

लाइव लोकेशन और जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा

सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुगम बनाने के लिए सभी बसों में जीपीएस (GPS) आधारित ट्रैकिंग उपकरण लगाए जाएंगे। यह लाइव ट्रैकिंग सिस्टम राज्य के परिवहन विभाग के केंद्रीय निगरानी नेटवर्क से सीधे जुड़ा रहेगा। इस व्यवस्था से यात्रियों को अब बस स्टैंड पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि वे अपने मोबाइल पर ही बसों की सही स्थिति देख सकेंगे। साथ ही, परिवहन विभाग के अधिकारी भी विभिन्न रूटों पर बसों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख सकेंगे और बेड़े का बेहतर प्रबंधन कर पाएंगे।

डिजिटल टिकटिंग और स्मार्ट समय-सारणी

सुरक्षा और ट्रैकिंग के अलावा, ITMS के माध्यम से बसों के संचालन को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। बसों में ऑटोमेटेड टिकटिंग और डिजिटल भुगतान यानी ई-पेमेंट की सुविधाएं शुरू की जाएंगी। डिजिटल टिकटिंग लागू होने से यात्रियों को कैश की समस्या से मुक्ति मिलेगी और उनका समय भी बचेगा। इसके साथ ही, स्मार्ट शेड्यूलिंग की मदद से बसों के चलने के समय को इस तरह व्यवस्थित किया जाएगा कि यात्रियों को समय-सारणी को लेकर कोई भ्रम न रहे और वे अपनी यात्रा की सटीक योजना बना सकें।

सार्वजनिक परिवहन के नए युग की शुरुआत

इस बड़े बदलाव की घोषणा करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि इस तकनीक के आने से सरकारी बसें न केवल अधिक आधुनिक होंगी, बल्कि बेहद सुरक्षित भी बन जाएंगी। उन्होंने इस पहल पर खुशी जताते हुए एक्स (X) पर लिखा कि ITMS के लागू होने से तकनीक आम लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि स्मार्ट संचालन और मजबूत सुरक्षा तंत्र के साथ असम में सार्वजनिक परिवहन के एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।

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सवाल-जवाब

असम की ASTC बसों में कौन सी नई प्रणाली शुरू की जा रही है?
असम अपनी सरकारी बसों के बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) शुरू कर रहा है।
इस अपडेट में सुरक्षा के लिए क्या खास फीचर्स शामिल हैं?
बसों में आपातकालीन पैनिक/SOS बटन लगाए जाएंगे जो सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे, और साथ ही लाइव सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
यात्री बसों को कैसे ट्रैक कर सकेंगे?
बसों में जीपीएस उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे यात्री अपने मोबाइल पर बसों की लाइव लोकेशन देख सकेंगे और अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
क्या बसों में कैशलेस भुगतान की सुविधा मिलेगी?
हां, इस नई तकनीक के तहत यात्रियों के लिए डिजिटल टिकटिंग और ई-पेमेंट की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस परिवहन आधुनिकीकरण परियोजना की घोषणा किसने की?
इस अपग्रेड की घोषणा मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 दिन पहले

सार्वजनिक परिवहन में पैनिक बटन और लाइव सीसीटीवी कैमरे लगाना अपराध नियंत्रण तथा महिला सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे कदम असामाजिक तत्वों के मन में डर पैदा करते हैं और जांच के लिए डिजिटल साक्ष्य प्रदान करते हैं। हालाँकि, कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से इस प्रणाली की वास्तविक सफलता नियंत्रण कक्ष के रिस्पॉन्स टाइम पर निर्भर करेगी। जब भी कोई यात्री पैनिक बटन दबाए, तो परिवहन विभाग के मॉनिटरिंग रूम और स्थानीय पुलिस के बीच त्वरित समन्वय होना आवश्यक है, ताकि आपात स्थिति में मौके पर तुरंत मदद पहुँच सके।

Ravikash Gupta@ravikash·14 दिन पहले

करण की सुरक्षा संबंधी बात को आगे बढ़ाते हुए, इस डिजिटल कायाकल्प का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक पहलू इसका राजस्व और परिचालन दक्षता पर पड़ने वाला प्रभाव है। ई-पेमेंट और ऑटोमेटेड टिकटिंग से न केवल यात्रियों के लिए सहूलियत बढ़ेगी, बल्कि किराए के संग्रहण में होने वाले राजस्व रिसाव (revenue leakage) पर भी लगाम लगेगी। जीपीएस ट्रैकिंग और स्मार्ट शेड्यूलिंग की मदद से ASTC ईंधन की खपत कम कर सकती है और बेड़े का बेहतर आवंटन कर सकती है। सार्वजनिक परिवहन में यह डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर राज्य परिवहन निगमों की वित्तीय स्थिति सुधारने और दीर्घकालिक आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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