राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन (एलएसआर) में बृहस्पतिवार से नियमित ऑफलाइन कक्षाएं फिर से बहाल की जा रही हैं। कालकाजी मंदिर के निकट स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ हुई कथित दुष्कर्म की गंभीर घटना और उसके तुरंत बाद संस्थान की चहारदीवारी के बेहद करीब हुई पुलिस मुठभेड़ के चलते परिसर में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी गई थीं। छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने कुछ समय के लिए पढ़ाई का माध्यम डिजिटल यानी ऑनलाइन कर दिया था, जिसे अब वापस क्लासरूम में स्थानांतरित किया जा रहा है।
छात्राओं की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
लेडी श्रीराम कॉलेज की प्राचार्या कनिका के. आहूजा ने इस प्रशासनिक निर्णय की पुष्टि करते हुए साफ किया कि संस्थान की दृष्टि में छात्राओं की सुरक्षा और उनका मानसिक कल्याण सबसे आगे है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कॉलेज प्रबंधन ने संकाय के सभी सम्मानित सदस्यों और अधिकृत काउंसलर से खास अपील की है कि वे हर छात्रा की परेशानी सुनने और उसे हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार मौजूद रहें। इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद से ही पूरे कॉलेज समुदाय, शिक्षकों और छात्राओं में आसपास के माहौल और आवागमन की सुरक्षा को लेकर भारी बेचैनी बनी हुई थी। प्रशासन ने सभी छात्राओं को सलाह दी है कि किसी भी प्रकार के तनाव या संशय की स्थिति में वे बिना झिझक अपने अध्यापकों अथवा काउंसलर से सीधे संवाद स्थापित करें।
आखिर क्यों आननफानन में स्थगित करनी पड़ी थीं कक्षाएं
संस्थान में फिजिकल कक्षाएं निलंबित करने का फैसला मंगलवार दोपहर के उस घटनाक्रम के बाद लिया गया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। आस्था कुंज पार्क की घटना के बाद जब दिल्ली पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी, तब पुलिस टीम ने एक आरोपी को कॉलेज के पिछले गेट के एकदम समीप रोकने की कोशिश की। पुलिस और आरोपी के बीच यह एनकाउंटर कॉलेज के प्रवेश द्वार से मात्र 50 मीटर की दूरी पर हुआ था। गोलियों की आवाज और परिसर के इतने निकट हिंसक कार्रवाई होने के कारण कक्षाओं में मौजूद छात्राओं और पूरे स्टाफ में भारी दहशत फैल गई थी। इसी तात्कालिक संकट को देखते हुए प्रबंधन ने छात्राओं को सुरक्षित रखने के मकसद से परिसर खाली कराया और कक्षाओं को अस्थायी रूप से ऑनलाइन माध्यम पर शिफ्ट करने का ऐलान किया था। उल्लेखनीय है कि पार्क में घटी इस जघन्य घटना की जानकारी सोमवार शाम को प्रकाश में आई थी।
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर रची गई थी पूरी साजिश
मामले में दिल्ली पुलिस की जांच से यह खुलासा हुआ कि 17 साल की पीड़िता घटना से ठीक पहले अपने एक पुरुष मित्र के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन करने पहुंची थी। इसके उपरांत दोनों जब आस्था कुंज पार्क पहुंचे, तो वहां तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे संपर्क साधा। उन तीनों लोगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताते हुए उन पर रौब जमाया। इसके बाद फर्जी पुलिसकर्मियों ने सुनियोजित तरीके से नाबालिग लड़की को उसके साथी से पूरी तरह अलग कर दिया और उसे धमकाते हुए पार्क के एक निर्जन और सुनसान कोने में खींच ले गए। एकांत में ले जाकर उन्होंने किशोरी का कथित यौन उत्पीड़न किया और दोनों को किसी को कुछ भी बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
परिसर में डर का साया और छात्राओं के कदम
इस पूरे प्रकरण के बाद कॉलेज परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छात्राओं में चिंता का माहौल देखा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई छात्राओं ने मानसिक शांति के लिए कुछ समय के लिए अपने-अपने घर लौटने का मन बनाया था, जबकि कैंपस में रहने वाली अन्य छात्राओं ने बाहर निकलते समय अकेले सफर करने से पूरी तरह परहेज करना शुरू कर दिया है। छात्राएं अब मेट्रो स्टेशन या बस स्टॉप तक आने-जाने के लिए समूहों में निकल रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
























