अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के वास्ते देश और दुनिया के कोने-कोने से आ रहे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की सहूलियत को प्राथमिकता देते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया गया है। राज्य स्मार्ट सिटी योजना के दायरे में रामपथ से जुड़ी करीब बारह प्रमुख सड़कों और तंग गलियों का कायाकल्प किया जाएगा। इन मार्गों के निर्माण और सौंदर्यीकरण पर तकरीबन चालीस करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम की तरफ से टेंडर प्रक्रिया को भी अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
बारह सड़कों और गलियों का होगा विकास
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि रामपथ के निर्माण और उसके भव्य सौंदर्यीकरण के बाद इसके आसपास की कई ऐसी संपर्क सड़कें और गलियां थीं जिनकी हालत अपेक्षाकृत ठीक नहीं थी। ऐसे सभी मार्गों को सर्वे करके चिह्नित किया गया है और राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत उनके समग्र विकास का खाका तैयार किया गया है। इस पूरी योजना के अंतर्गत कुल बारह सड़कों को शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इन तमाम रास्तों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करके तैयार किया जाएगा। सड़क निर्माण के साथ-साथ वहां पर पानी की निकासी के लिए पुख्ता इंतजाम, रास्तों के किनारे आधुनिक लाइटिंग और मजबूत सीसी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इन तमाम बदलावों से बरसात के दिनों में जलभराव की पुरानी समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी और स्थानीय लोगों को आवाजाही करने में बड़ी राहत महसूस होगी।
रामपथ से जुड़ी बसावटों की बदलेगी सूरत
परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद निर्माण कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। काम मुकम्मल होने के बाद रामपथ के आसपास के इलाकों का पूरा परिदृश्य बदलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इन रास्तों से आने-जाने वाले स्थानीय रहवासियों के साथ-साथ अयोध्या नगरी में पधारने वाले श्रद्धालुओं को भी उच्च स्तर की बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। दरअसल रामपथ इस शहर के सबसे अहम और व्यस्त मार्गों में शुमार है और जो लोग सीधे राम मंदिर तक पहुंचना चाहते हैं उनके लिए इसका विशेष महत्व है। रामपथ के विकसित हो जाने के बाद से ही इसके आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव और श्रद्धालुओं की आवाजाही में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इससे जुड़ी गलियों और प्रमुख संपर्क मार्गों को आधुनिक बनाने की आवश्यकता शिद्दत से महसूस की जा रही थी।
जल निकासी और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर
इस नई विकास योजना के अंतर्गत केवल पक्की सड़कें ही नहीं बनाई जा रही हैं बल्कि जल निकासी और मजबूत प्रकाश व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों को मानसून सीजन के दौरान होने वाली कठिनाइयों से बड़ी राहत मिलने की संभावना है और साथ ही रात के वक्त इन रास्तों से गुजरना काफी सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। नगर निगम का यह स्पष्ट तौर पर मानना है कि इन सभी रास्तों का कायाकल्प पूरा होने के बाद रामपथ से सटे इलाकों में बुनियादी सहूलियतें और अधिक सुदृढ़ हो जाएंगी। इससे अयोध्या के संपूर्ण शहरी विकास को एक नई गति मिलेगी और यहां आने वाले हर एक श्रद्धालु तथा आम नागरिक के लिए सफर करना बेहद आसान हो जाएगा।





















