बगहा के लौकरिया थाना क्षेत्र में आम के पेड़ से लटकता एक शव पहली नजर में आत्महत्या का मामला लग रहा था, लेकिन पुलिस की पड़ताल ने इसे एक सोची-समझी हत्या की कहानी में बदल दिया। जांच में सामने आया कि पति ने अपनी पत्नी की गला दबाकर जान ले ली और फिर शव को पेड़ से लटकाकर पूरे मामले को खुदकुशी का रंग देने की कोशिश की।
कैसे सामने आई सच्चाई
घटनास्थल और शव की स्थिति से जुटाए गए सबूतों ने ही आत्महत्या की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। जैसे-जैसे पुलिस के हाथ साक्ष्य लगते गए, खुदकुशी की थ्योरी कमजोर पड़ती चली गई और जांच का रुख मृतका के परिवार की ओर मुड़ गया।
बगहा एसपी के निर्देश पर रामनगर एसडीपीओ रागिनी कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इसी टीम ने महज 24 घंटे के भीतर पूरी गुत्थी सुलझा ली और आरोपी पति को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
10 जून की रात मिला था शव
जानकारी के अनुसार, 10 जून की रात नरकटी गांव के एक आम बगीचे में एक महिला का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था। अगले दिन शव की पहचान गरकटी गांव की रहने वाली 24 वर्षीय हेमलता कुमारी के रूप में हुई।
जांच के सिलसिले में जब पुलिस मृतका के घर पहुंची, तो वहां मौजूद उसका पति गौतम काजी पुलिस को देखते ही भागने लगा। पुलिस ने उसे दबोच लिया और पूछताछ शुरू की। यही भागने की कोशिश आरोपी पर शक को और गहरा कर गई।
खेत में हत्या, फिर पेड़ पर लटकाया
पूछताछ में गौतम काजी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि घरेलू विवाद के दौरान पत्नी से उसकी बहस हुई और उसने उसकी पिटाई की। इसके बाद वह उसे ईख के खेत में ले गया और वहीं गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
आरोपी के मुताबिक, हत्या के बाद उसने कुछ समय तक शव को छिपाए रखा और रात के अंधेरे में उसे आम के पेड़ से लटका दिया, ताकि मौत को आत्महत्या का मामला दिखाया जा सके। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर असली हत्या स्थल की पहचान की और कई अहम साक्ष्य भी बरामद किए।
दहेज प्रताड़ना और हत्या का मुकदमा
पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एसपी रामानंद कौशल ने कहा कि पुलिस इस मामले में त्वरित सुनवाई की मांग करेगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि दोषी को जल्द से जल्द सजा मिले। फिलहाल पुलिस की त्वरित और वैज्ञानिक जांच ने यह दिखा दिया कि अपराध को छिपाने की कोशिश ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई।













