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बारां के बरानी गांव में नहर के तेज बहाव में बहने से 6 वर्षीय मिलन सहरिया की मौत, 6 किलोमीटर दूर मिला शवराजस्थान
21 अग॰ 2026, 7:18 pm (35 दिन पहले)· 1

बारां के बरानी गांव में नहर के तेज बहाव में बहने से 6 वर्षीय मिलन सहरिया की मौत, 6 किलोमीटर दूर मिला शव

बारां जिले के बरानी गांव में नहर में नहाते समय पैर फिसलने से 6 साल का मासूम मिलन सहरिया बह गया। सिविल डिफेंस टीम ने शुक्रवार सुबह 6 किलोमीटर दूर से शव बरामद किया।

राजस्थान के बारां जिले में एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां नहर में नहाने गया छह साल का मासूम बालक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। सदर थाना क्षेत्र के बरानी गांव में हुए इस हादसे के बाद बालक का शव घटनास्थल से लगभग 6 किलोमीटर दूर बावन माता की झोपड़ियां गांव के पास नहर से बरामद किया गया। मृत बालक की पहचान मिलन सहरिया के रूप में हुई है। सिविल डिफेंस की टीम ने शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।

नहर किनारे खेलते समय अचानक फिसला पैर

घटनाक्रम के अनुसार, बरानी गांव में रहने वाले राहुल पेशे से मजदूर हैं और अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। गुरुवार शाम को उनका 6 वर्षीय बेटा मिलन सहरिया गांव के ही एक अन्य बच्चे के साथ पास स्थित नहर पर नहाने गया था। नहाने के दौरान अचानक मिलन का संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वह नहर के तेज पानी में बहने लगा। साथ मौजूद दूसरे बालक ने जब मिलन को बहते देखा, तो उसने तुरंत भागकर आसपास के ग्रामीणों को इस बात की सूचना दी। मासूम के नहर में डूबने की खबर फैलते ही स्वजनों और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

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सिविल डिफेंस टीम का देर रात तक रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सिविल डिफेंस की बचाव टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम के गोताखोरों और कर्मचारियों ने उफनती नहर के पानी में उतरकर बालक की खोजबीन शुरू की। गुरुवार देर शाम तक सिविल डिफेंस के सदस्य नहर के तेज बहाव के बीच मासूम की तलाश में जुटे रहे। हालांकि, पानी की गति बहुत तेज होने के कारण गोताखोरों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत और घंटों चले तलाश अभियान के बावजूद देर रात तक बालक का कोई सुराग नहीं मिल सका, जिससे रेस्क्यू कार्य में रुकावट आई।

6 किलोमीटर दूर मिला शव, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

गुरुवार रात तक कोई सफलता न मिलने के बाद शुक्रवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। सुबह के समय घटनास्थल से लगभग 6 किलोमीटर दूर बावन माता की झोपड़ियां गांव के निकट ग्रामीणों ने नहर में एक बालक का शव तैरता हुआ देखा। इसकी सूचना तुरंत सिविल डिफेंस की टीम को दी गई। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए शव को नहर से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव को बारां के जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी की गईं।

इस दर्दनाक हादसे के बाद से बरानी गांव में गहरा शोक व्याप्त है और मासूम मिलन के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने एक बार फिर तेज बहाव वाली नहरों के आसपास सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी खतरनाक नहरों के पास बच्चों की आवाजाही को रोकने और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम उठाने के लिए कड़े उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सवाल-जवाब

बारां में यह नहर हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा राजस्थान के बारां जिले में सदर थाना क्षेत्र के बरानी गांव में गुरुवार शाम को हुआ।
नहर में बहे बालक की पहचान क्या है?
मृत बालक की पहचान 6 वर्षीय मिलन सहरिया के रूप में हुई है, जिसके पिता राहुल गांव में मजदूरी करते हैं।
हादसा किस वजह से हुआ?
मिलन एक अन्य बच्चे के साथ नहर पर नहाने गया था, जहां अचानक पैर फिसलने से वह तेज बहाव में बह गया।
बालक का शव कहां और कितनी दूरी पर मिला?
सिविल डिफेंस टीम को बालक का शव शुक्रवार सुबह दुर्घटनास्थल से करीब 6 किलोमीटर दूर बावन माता की झोपड़ियां गांव के पास नहर में मिला।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·34 दिन पहले

बरानी गांव की यह दुर्घटना केवल एक स्थानीय आपदा नहीं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन प्रणालियों में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को दर्शाती है। तीव्र बहाव वाली नहरों के पास फेंसिंग या चेतावनी बोर्ड जैसे बुनियादी सुरक्षा उपायों का अभाव ऐसे जानलेवा हादसों को सीधा न्योता देता है। यदि स्थानीय प्रशासन ने समय रहते निवारक उपाय नहीं किए और सार्वजनिक सुरक्षा नीति को सख्त नहीं बनाया, तो इस तरह के जोखिम भरे क्षेत्रों में मासूमों की जान का खतरा लगातार बना रहेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

यह अत्यंत हृदयविदारक घटना ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों और नहरों के पास सुरक्षा उपायों की गंभीर अनदेखी को उजागर करती है। जब एक दैनिक मजदूर परिवार का मासूम बच्चा इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता है, तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक और ढांचागत सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता है। इस तरह के संवेदनशील इलाकों में फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड और नियमित गश्त जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अनमोल जीवन असमय न गंवाने पड़ें।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

यह हादसा प्रशासनिक उदासीनता और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुरक्षा ढांचे की कमी का स्पष्ट प्रमाण है। एक दैनिक मजदूर के बच्चे की इस तरह से जान जाना समाज के वंचित वर्ग के लिए सुरक्षा उपायों के अभाव को दर्शाता है। यदि समय रहते नहरों के पास फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड जैसे सुरक्षा मानक लागू नहीं किए गए, तो इस प्रकार के दुखद हादसे भविष्य में भी प्रशासनिक तंत्र की पोल खोलते रहेंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

यह दुखद घटना ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों के पास बुनियादी सुरक्षा उपायों की घोर कमी को उजागर करती है। बिना फेंसिंग या चेतावनी बोर्ड वाली तेज बहाव की नहरें बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। यदि स्थानीय प्रशासन ने समय रहते सुरक्षा दीवारें या चेतावनी संकेत लगाए होते, तो इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी। अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन ग्रामीण इलाकों की सभी प्रमुख नहरों के आसपास सुरक्षा का ऑडिट करे और लापरवाही बरतने वाले विभागों की जवाबदेही तय की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·34 दिन पहले

यह हादसा ग्रामीण इलाकों में अनियंत्रित जल प्रवाह और बच्चों की सुरक्षा के बीच के बड़े अंतर को स्पष्ट करता है। जब तक सिंचाई और स्थानीय प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और नियमित गश्त जैसी निवारक व्यवस्थाएं नहीं करते, तब तक इस तरह की त्रासदियों से बचना मुश्किल होगा।

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