राजस्थान के जोधपुर में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के परिसर से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल में तैनात एक युवा चिकित्सक का शव मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। मृतक की शिनाख्त अलवर के रहने वाले इकतीस वर्षीय डॉक्टर राज नरेश यादव के तौर पर की गई है। वह संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग से जुड़े हुए थे और प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। मंगलवार को उनकी तैनाती अस्पताल के मुख्य ऑपरेशन थियेटर में लगाई गई थी, जहाँ कामकाज के बीच ही वह अचानक लापता हो गए और बाद में अचेत पाए गए।
ऑपरेशन थियेटर से गायब होने के बाद शुरू हुई खोजबीन
बासनी पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी नितिन दवे ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि डॉक्टर राज नरेश मंगलवार को अपनी नियमित ओटी शिफ्ट संभाल रहे थे। दोपहर के पहर वह किसी कार्यवश सर्जरी कक्ष से बाहर निकले, परंतु करीब डेढ़ से दो घंटे की अवधि बीत जाने के उपरांत भी अपने कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटे। काफी विलंब होने पर उनके साथ काम कर रहे अन्य साथी डॉक्टरों को किसी अनहोनी का संदेह हुआ। सहयोगियों ने उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन उस ओर से कोई प्रत्युत्तर नहीं मिला। इसके बाद कर्मचारियों और चिकित्सकों ने मिलकर परिसर में उनकी खोजबीन आरंभ की।
बाथरूम का दरवाजा तोड़ने पर सामने आया सच
सहकर्मी तलाश करते हुए ऑपरेशन थियेटर परिसर में स्थित विश्राम कक्ष के समीप जा पहुँचे। वहाँ स्थापित शौचालय का किवाड़ भीतर से बंद था। लंबे समय तक खटखटाने तथा निरंतर पुकारने के बावजूद अंदर से कोई भी हलचल सुनाई नहीं दी। हालात को भांपते हुए मौजूद चिकित्साकर्मियों ने तुरंत बलपूर्वक दरवाजा तोड़ दिया। अंदर प्रवेश करते ही उन्होंने सहकर्मी को बेसुध गिरा हुआ पाया।
वहाँ मौजूद डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें बाहर निकाला और सीपीआर देने सहित आपातकालीन जीवनरक्षक प्रक्रियाएँ शुरू कीं। तमाम कोशिशों के बावजूद उनके शरीर में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः चिकित्सकों को उन्हें मृत घोषित करना पड़ा।
पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की संयुक्त जांच
हादसे की सूचना मिलते ही बासनी थाने का पुलिस दल मौके पर पहुँचा और शव को सुरक्षित मोर्चरी भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। डॉक्टर के परिजनों को इस बाबत सूचित कर दिया गया है और उनके जोधपुर आगमन पर शव परीक्षण संपन्न कराया जाएगा।
थानाधिकारी नितिन दवे ने स्पष्ट किया कि चिकित्सक द्वारा ऐसा घातक कदम उठाने की असली वजह अभी ज्ञात नहीं हो सकी है। पुलिस मामले के सभी तकनीकी पहलुओं तथा परिस्थितियों की छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के पश्चात ही मौत की वास्तविक वजह और समय का सटीक आकलन हो सकेगा। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन भी अपने आंतरिक स्तर पर इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच पड़ताल में जुट गया है, जबकि इस संबंध में संस्थान की ओर से कोई औपचारिक वक्तव्य अभी जारी नहीं किया गया है।





















