उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में आवारा कुत्तों के जानलेवा हमलों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घटित घटनाओं में कुत्तों के झुंड ने दो मासूमों को अपना शिकार बनाया। बेहट क्षेत्र में हुए खौफनाक हमले में 12 वर्षीय बालक ने दम तोड़ दिया, वहीं चिलकाना क्षेत्र में घर के बाहर खेल रहे 4 वर्षीय बच्चे को कुत्तों ने बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। इन घटनाओं के सामने आने के बाद से स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष और भय व्याप्त है।
मंदिर के पास खेल रहे बच्चे पर चार कुत्तों का हमला
पहली दर्दनाक वारदात बुधवार को बेहट थाना क्षेत्र में सामने आई। 12 वर्षीय मन्नू अपनी मां राजवती के साथ पास के एक मंदिर में गया हुआ था। मंदिर परिसर में जब मां पूजा-अर्चना की तैयारियों में लगी हुई थीं, उसी दौरान मन्नू उनसे थोड़ी दूरी पर चला गया। तभी वहां घूम रहे चार आवारा कुत्तों के एक झुंड ने अचानक बालक को घेर लिया और उस पर हिंसक हमला बोल दिया।
बेहट थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र दीक्षित के अनुसार, कुत्तों ने मन्नू के चेहरे और गर्दन पर बेहद गंभीर रूप से काटकर नोंच डाला। बच्चे और उसकी मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से कुत्तों को खदेड़कर बच्चे को उनके चंगुल से छुड़ाया। लहुलुहान हालत में मन्नू को फौरन नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया।
घर के बाहर खेल रहे चार वर्षीय शादान पर भी हमला
इससे पहले मंगलवार शाम को कुत्तों के हमले की दूसरी घटना चिलकाना थाना क्षेत्र अंतर्गत सुल्तानपुर कस्बे के कोठीवाला मोहल्ले में घटित हुई। यहां रहने वाला चार वर्षीय शादान अपने घर के ठीक बाहर खेल रहा था। उसी समय अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उस मासूम पर हमला कर दिया और उसे जमीन पर पटक कर काटने लगे।
चिलकाना थाने के प्रभारी निरीक्षक अक्षय शर्मा ने जानकारी दी कि कुत्तों के हमले में शादान बहुत बुरी तरह घायल हो गया। चीख सुनकर दौड़े परिजनों और पड़ोसियों ने बमुश्किल उसे बचाया। गंभीर रूप से जख्मी बच्चे को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर चिकित्सा के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया।
रिहायशी इलाकों में बढ़ता खतरा और नागरिकों की चिंता
एक के बाद एक 24 घंटे के भीतर हुई इन दोनों घटनाओं ने सहारनपुर के निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों के बढ़ते झुंड विशेषकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। खुले रास्तों पर घूमते हिंसक कुत्तों के डर से परिजन बच्चों को घर से बाहर भेजने से भी कतराने लगे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कानूनी कदम और उचित कार्रवाई की जा रही है।























