राजस्थान हाईकोर्ट को लंबे इंतजार के बाद नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तैनात जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को इस पद पर नियुक्त करने की मुहर लगा दी है, जबकि राजस्थान हाईकोर्ट में अब तक सेवाएं दे रहे जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी अब जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह दोनों बदलाव ऐसे वक्त पर सामने आए हैं जब राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश पद को लेकर कुछ हफ्तों से सवाल उठ रहे थे, और अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद पूरी तस्वीर साफ हो गई है।
जस्टिस अग्रवाल अब राजस्थान की कमान संभालेंगे
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल फिलहाल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जज के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। नियुक्ति आदेश के मुताबिक जिस दिन वह राजस्थान हाईकोर्ट में पदभार ग्रहण करेंगे, ठीक उसी तारीख से उनकी नई नियुक्ति लागू मानी जाएगी। मतलब, अभी सिर्फ राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली है, कार्यभार संभालने की औपचारिकता आगे पूरी होगी। कानूनी हलकों का मानना है कि उनके छत्तीसगढ़ से राजस्थान आने के बाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक ढांचे और कामकाज के तरीके में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। जस्टिस अग्रवाल का अनुभव छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बतौर न्यायाधीश काम करने का रहा है, और अब उन्हें एक बड़े राज्य की न्यायपालिका की अगुवाई करने का जिम्मा मिला है।
भाटी को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की नई जिम्मेदारी
दूसरी तरफ, जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी, जो अब तक राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायिक कामकाज संभाल रहे थे, उन्हें जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही उनकी नई भूमिका का रास्ता साफ हो गया। जस्टिस भाटी राजस्थान हाईकोर्ट में पहले भी कई अहम मामलों की सुनवाई कर चुके हैं और वहां की न्यायिक व्यवस्था को करीब से समझते हैं। अब वह पूरी तरह अलग राज्य, जम्मू-कश्मीर, की उच्च न्यायपालिका की कमान संभालेंगे, जो उनके करियर में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
पद को लेकर क्यों मचा था बवाल
राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की कुर्सी को लेकर बीते कुछ समय से नियुक्ति और वरिष्ठता जैसे मुद्दों पर बहस छिड़ी हुई थी। इस पद के लिए किन नामों पर विचार किया जा रहा है, इसे लेकर कानूनी हलकों में लगातार चर्चा चल रही थी। इसी दौरान कॉलेजियम की सिफारिशों को लेकर भी सवाल उठे, जिसकी वजह से नियुक्ति प्रक्रिया कुछ समय तक अटकी रही और स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी रही। अब राष्ट्रपति की तरफ से जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के नाम पर औपचारिक मुहर लगने के बाद इस पूरे मसले पर विराम लग गया है।
दोनों हाईकोर्ट में बदलेगा न्यायिक नेतृत्व
इन दो नियुक्तियों का सीधा असर राजस्थान और जम्मू-कश्मीर, दोनों हाईकोर्ट के नेतृत्व पर पड़ेगा। राजस्थान हाईकोर्ट में पदभार संभालते ही जस्टिस अग्रवाल के सामने लंबित मामलों को निपटाने, अदालत के प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने और न्यायिक प्रक्रिया को रफ्तार देने जैसी चुनौतियां होंगी। वहीं जस्टिस भाटी को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के तौर पर बिल्कुल नए सिरे से जिम्मेदारी संभालनी होगी, जहां उन्हें स्थानीय न्यायिक व्यवस्था को समझने के साथ-साथ अपनी छाप छोड़नी होगी। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ ही अब दोनों नियुक्तियों की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और जल्द ही दोनों न्यायाधीश अपने-अपने नए पद पर पदभार ग्रहण कर सकते हैं।


















