कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित मारतहल्ली और व्हाइटफील्ड क्षेत्र में एक अजीबोगरीब आपराधिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां कानून के हाथ अपहरणकर्ताओं के साथ-साथ खुद पीड़ितों तक भी पहुंच गए। पुलिस ने तेजी से कदम उठाते हुए बंधक बनाए गए दो सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स को छुड़ाया और फिरौती वसूलने वाले गिरोह को दबोच लिया। हालांकि, कार्रवाई के दौरान कहानी पूरी तरह पलट गई जब किडनैपिंग की साजिश रचने वाली 21 वर्षीय युवती ने छुड़ाए गए एक युवक पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप जड़ दिया। इसके बाद अधिकारियों ने अपहरण के आरोप में 11 लोगों को और दुष्कर्म के मामले में दोनों टेक कर्मियों को हिरासत में लेकर कानूनी शिकंजा कस दिया।
पिता की अर्जी और छह घंटे का बचाव अभियान
इस पूरे मामले की शुरुआत बुधवार, 28 अक्टूबर को हुई जब आंध्र प्रदेश के निवासी रमना ने स्थानीय मारतहल्ली थाने पहुंचकर गुहार लगाई। रमना ने अधिकारियों को सूचित किया कि उनका 23 वर्षीय बेटा बी. महेंद्र और उसका हमउम्र साथी येरीबोयिना तरुण, जो शहर के तकनीकी क्षेत्र में काम करते हुए मारतहल्ली में एक साथ रहते हैं, अचानक रहस्यमय ढंग से गायब हो गए हैं। परिजनों के अनुसार, बुधवार तड़के 2:50 बजे से 6:00 बजे के बीच दोनों युवकों को अज्ञात लोगों द्वारा जबरन उठा लिया गया था और बाद में परिवार से धन की मांग की जाने लगी थी।
मामले की नजाकत को देखते हुए मारतहल्ली पुलिस निरीक्षक पुनीत बी.एन. के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल गठित किया गया। पुलिस दल ने व्हाइटफील्ड डिवीजन के विभिन्न इलाकों में लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाली और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स के साथ-साथ तकनीकी निगरानी के जरिए संदिग्धों का पीछा शुरू किया। लगभग छह घंटों की सघन घेराबंदी के बाद जांचकर्ताओं ने उस ठिकाने का पता लगा लिया जहां दोनों बंधकों को छुपाकर रखा गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला और मौके से अपहरण में लिप्त सभी 11 लोगों को पकड़ लिया।
प्रतिशोध से फिरौती तक पहुंची साजिश
जांच के दौरान पकड़ी गई 21 वर्षीय युवती और उसके साथियों ने जो खुलासा किया, उसने जांच दल को भी हैरत में डाल दिया। युवती ने पूछताछ में बताया कि शनिवार, 24 अक्टूबर की दरम्यानी रात 1:30 बजे से सुबह 4:00 बजे के दौरान बी. महेंद्र ने उसके साथ कथित तौर पर ज्यादती की थी। इस घटना के फौरन बाद कानूनी मदद मांगने या थाने जाने के स्थान पर उसने खुद सबक सिखाने का फैसला किया और अपने संपर्कों के साथ मिलकर योजना बनाई।
जांच के मुताबिक, शुरुआत में यह कदम केवल निजी बदले की भावना से उठाया गया था ताकि आरोपियों को सबक सिखाया जा सके। परंतु बंधक बनाने के पश्चात गिरोह की नीयत डोल गई और उन्होंने बी. महेंद्र के परिवार से भारी रकम ऐंठने के लिए फिरौती का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब पुलिस ने दोनों सॉफ्टवेयर कर्मियों को रिहा कराया, तब युवती ने औपचारिक तौर पर यौन उत्पीड़न की तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने बलात्कार की एक अलग प्राथमिकी दर्ज करते हुए बी. महेंद्र और उसके रूममेट येरीबोयिना तरुण दोनों को फौरन गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों की सूची
अपहरण और उगाही के इस जाल में शामिल 11 लोगों की पहचान पुलिस ने विस्तृत रूप से साझा की है। इनमें 24 वर्षीय गैलेटी राजा कुमार उर्फ राज, 21 वर्षीय मुख्य षड्यंत्रकारी युवती, 23 वर्षीय मर्रीपति मंजूनाथ उर्फ मंजू, 22 वर्षीय चिनीगेपल्ली लोकनाथ, 22 वर्षीय बांडलापल्ली सुहेल, 22 वर्षीय गंगारेड्डीगारी नरेंद्र रेड्डी, 24 वर्षीय शिवा सुब्रमण्यम, 30 वर्षीय सलीम पाशा, 31 वर्षीय नईम पाशा, 26 वर्षीय शबाज और 20 वर्षीय गाली राजेश शामिल हैं। कानून को हाथ में लेने, गैरकानूनी रूप से बंधक बनाने और जबरन वसूली के तहत इन सभी के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।















