हरियाणा के करनाल जिले में स्थित सिंगड़ा गांव से बुधवार दोपहर अचानक गायब हुए दो साल के मासूम एकांश का शव गुरुवार की सुबह गांव के ही एक गंदे जोहड़ से बरामद किया गया। जिस बच्चे के सुरक्षित वापस लौटने की आस में पूरा परिवार रातभर जागकर प्रार्थनाएं करता रहा, उसकी मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे इलाके में शोक फैल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर करनाल के शवगृह में रखवा दिया है, जहां डॉक्टरों के विशेष मेडिकल बोर्ड और क्राइम टीम की निगरानी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
बुधवार दोपहर से लापता था मासूम, खोजी कुत्तों की भी ली गई मदद
सिंगड़ा गांव निवासी परिवार का दो वर्षीय बच्चा एकांश बुधवार दोपहर के समय संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर के आसपास से लापता हो गया था। काफी देर तक जब बच्चा कहीं दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों ने आसपास की गलियों और पड़ोस में उसकी तलाश शुरू की। घंटों खोजने के बाद भी जब मासूम का कोई सुराग नहीं लगा, तो परिवार ने तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें गांव पहुंचीं और घर के साथ-साथ पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान छेड़ दिया गया। बच्चे का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों के दस्ते को भी बुलाया गया, लेकिन देर रात तक मासूम के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे परिजनों की घबराहट लगातार बढ़ती चली गई।
तालाब में गिरने का संदेह, रातभर चला राहत एवं बचाव प्रयास
घर के पास ही गांव का एक बड़ा गंदा जोहड़ स्थित होने की वजह से परिजनों को शुरू से ही अंदेशा था कि खेल-खेल में एकांश पानी में गिर गया होगा। इसी गंभीर आशंका को देखते हुए निजी गोताखोर प्रगट सिंह को मौके पर बुलाया गया ताकि पानी के भीतर खोजबीन की जा सके। बुधवार रात करीब 11 बजे तालाब के अंदर उतरकर गोताखोरों ने सघन सर्च अभियान शुरू किया। गोताखोर रात करीब 12 बजे तक ठंडे और गंदे पानी में बच्चे को तलाशते रहे। हालांकि रात के समय अत्यधिक अंधेरा होने और पर्याप्त लाइट अथवा रोशनी का समुचित प्रबंध न होने के चलते तालाब के बड़े हिस्से में तलाशी पूरी नहीं की जा सकी। परिस्थितियों को देखते हुए रात के समय बचाव कार्य को कुछ घंटों के लिए स्थगित करना पड़ा, लेकिन परिजन सुबह रोशनी होने का इंतजार करते रहे।
सुबह फिर शुरू हुआ तलाशी अभियान, पानी में दिखाई दिया बच्चे का हाथ
गुरुवार की सुबह होते ही पुलिस बल और गोताखोरों की टीम एक बार फिर जोहड़ के किनारे एकत्र हुई और नए सिरे से तलाशी का काम शुरू किया गया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए निसिंग थाना प्रभारी भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटे रहे। गोताखोरों ने सुबह विशेष रूप से तालाब के उस हिस्से में पानी के भीतर खोज शुरू की, जहां रात में अंधेरे के कारण तलाशी नहीं ली जा सकी थी। अभियान के दौरान गोताखोर को पानी की सतह के भीतर मासूम का हाथ दिखाई दिया, जिसके बाद तुरंत बच्चे के शव को बाहर निकाला गया। चौबीस घंटे से चल रही खोज के इस दुखद अंत ने गांव के हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह, जांच में जुटी पुलिस
निसिंग थाना प्रभारी के अनुसार बच्चे के लापता होने की सूचना के बाद से ही पुलिस और बचाव दल लगातार सक्रिय थे। शव को बरामद करने के उपरांत कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए करनाल के सरकारी शवगृह में भिजवा दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम की पूरी कार्यवाही क्राइम टीम की मौजूदगी और डॉक्टरों के एक मेडिकल बोर्ड की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी। चिकित्सीय जांच पूरी होने के बाद ही शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस फिलहाल मामले के सभी संभावित कोणों पर बारीकी से तफ्तीश कर रही है, और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत की असल वजह और परिस्थितियों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।





















