पश्चिम बंगाल की सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बेहद कड़ा संदेश जारी किया है। उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सीमा पार से आने वाले घुसपैठियों को जेल में रखकर सरकारी खर्च पर पालने की व्यवस्था अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ऐलान किया कि जो व्यक्ति जिस रास्ते से बांग्लादेश से अवैध रूप से राज्य की सीमा में घुसा है, उसे ठीक उसी रास्ते से वापस खदेड़ा जाएगा। ऐसे सभी तत्वों को सीमा पार भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक सीधे होल्डिंग स्टेशनों में रखा जाएगा ताकि वे स्थानीय आबादी के बीच घुल-मिल न सकें।
गौ संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून व्यवस्था पर जोर
सार्वजनिक सभा में मुख्यमंत्री ने पशु सुरक्षा के विषय को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दो टूक कहा कि गायों को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई जानी चाहिए क्योंकि हिंदू समाज उन्हें अत्यंत पवित्र मानता है। अपने संबोधन में उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति गौ माता को नुकसान पहुंचाने की गलती न करे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि इस निर्देश का उल्लंघन हुआ तो प्रशासन की ओर से अत्यंत कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने का संकल्प दोहराया।
अलगाववादी तत्वों पर शिकंजा और सीएए के तहत शरणार्थियों को सुरक्षा
सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा संवेदनशीलता का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी ताकतों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में उन समूहों को कतई सक्रिय नहीं रहने दिया जाएगा जो अलगाववादी नारे लगाते हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों को अपना दायरा बढ़ाने की छूट देने से साफ मना किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने हिंदू शरणार्थियों को पूर्ण सुरक्षा और कानूनी संरक्षण का ठोस भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सीएए के तहत वास्तविक हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने जनसभा में मौजूद लोगों को आश्वस्त किया कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि हिंदू शरणार्थी समुदाय का एक भी निर्दोष व्यक्ति जेल की सलाखों के पीछे न पहुंचे। यदि किसी को कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ा है तो उन्हें मुक्त कराने और सीएए के तहत वैध नागरिकता प्रदान करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने उन सभी पात्र लोगों से अपील की जिन्होंने अब तक नागरिकता पोर्टल पर आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी संकोच के तुरंत अपनी अर्जी दाखिल करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बिना अनुमति चलने वाले गैरकानूनी मदरसों को अनुमति नहीं दी जाएगी ताकि सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम कसी जा सके।
स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार और एम्स का प्रस्ताव
राज्य के सीमांत जिलों में बुनियादी जनसुविधाओं के विकास का खाका खींचते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि सरकारी अस्पतालों की दशा और कार्यप्रणाली में जल्द व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि रायगंज में एक नया एम्स स्थापित करने के लिए राज्य सरकार बहुत जल्द केंद्र सरकार को विधिवत प्रस्ताव भेजेगी। इसके अतिरिक्त जलपाईगुड़ी में एक समर्पित कैंसर अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा ताकि उत्तर बंगाल के गंभीर रोगियों को इलाज के लिए महानगरों की दौड़ न लगानी पड़े। राज्य की पुलिस व्यवस्था में आए सकारात्मक सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली अब पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह हो चुकी है।






















