तुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानवृश्चिक राशिफल 25 सितंबर 2026: 12वें भाव में शुक्र जगाएगा सुख-सुविधाओं की चाहत, बजट और सेहत का रखें ध्यानपंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचार को किया यादजीनियस एक्ट के तहत स्टेबलकॉइन के सख्त नियमों पर फेडरल रिजर्व ने मांगी जनता से रायदैनिक राशिफल 25 सितंबर 2026: कुंभ में चंद्रमा और राहु की युति से ग्रहण योग, जानें सभी 12 राशियों का हालचीन और अमेरिका के बीच टकराव से दोनों को नुकसान, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वाशिंगटन में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर दिया जोरगाजा युद्ध में पीछे न हटने के पीछे नेतन्याहू ने सुनाई 1967 की दास्तान, भाई के वो 5 शब्द बने इजरायल की सैन्य नीतिसऊदी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों के बाद तेल की कीमतों में उछाल, तुर्किये और पाकिस्तान के साथ आपात बैठकसिंह राशिफल 25 सितंबर 2026: साझेदारी और कागजी सौदों में रखें स्पष्टता, रिश्तों में पुरानी बातें न दोहराएंकेदारनाथ में पांच महीने के भीतर 50 मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा, आरटीआई में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
भाजपा की जयपुर नगर निगम चुनाव में बड़ी जीत, लेकिन महापौर पद की प्रबल दावेदार ज्योति खंडेलवाल को वार्ड 110 में मिली शिकस्तराजस्थान
14 सित॰ 2026, 4:51 pm (11 दिन पहले)· 4

भाजपा की जयपुर नगर निगम चुनाव में बड़ी जीत, लेकिन महापौर पद की प्रबल दावेदार ज्योति खंडेलवाल को वार्ड 110 में मिली शिकस्त

जयपुर नगर निगम चुनावों में भाजपा बहुमत की ओर बढ़ रही है, लेकिन महापौर पद की प्रमुख दावेदार मानी जा रही ज्योति खंडेलवाल वार्ड 110 से चुनाव हार गई हैं।

जयपुर नगर निगम चुनावों में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ अपना बोर्ड बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हालांकि, इस बड़ी चुनावी सफलता के बीच पार्टी को एक अप्रत्याशित और बड़ा झटका लगा है। वार्ड नंबर 110 से भाजपा की प्रत्याशी ज्योति खंडेलवाल चुनाव हार गई हैं। उन्हें जयपुर नगर निगम के महापौर पद के लिए सबसे मजबूत और संभावित उम्मीदवारों में से एक माना जा रहा था। इस अप्रत्याशित हार के बाद मेयर पद की रेस से उनका नाम बाहर हो गया है, जिससे उनके समर्थकों में भारी मायूसी का माहौल देखा जा रहा है।

ज्योति खंडेलवाल का राजनीतिक सफर और अनुभव

ज्योति खंडेलवाल जयपुर की राजनीति में एक बेहद सक्रिय और जाना-पहचाना चेहरा रही हैं। वह साल 2009 से 2014 तक कांग्रेस की तरफ से जयपुर की महापौर रह चुकी हैं। साल 2009 के निगम चुनाव में उन्होंने सीधे मुकाबले में भाजपा की सुमन शर्मा को शिकस्त दी थी और जयपुर की पहली महिला महापौर बनने का गौरव हासिल किया था। इसके बाद, साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें जयपुर संसदीय सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उस चुनाव में उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के बाद, अक्टूबर 2023 में उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले लें थी। चालू नगर निगम चुनावों में भाजपा ने उन्हें वार्ड 110 से पार्षद का टिकट दिया था, जो कि सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित सीट है।

ये भी पढ़ें

दावेदारी का मजबूत आधार और भाजपा का प्रदर्शन

पूर्व में पांच साल तक महापौर के रूप में कार्य करने का प्रशासनिक अनुभव ज्योति खंडेलवाल की दावेदारी का सबसे बड़ा मजबूत पक्ष माना जा रहा था। एक पूर्व महापौर होने के कारण पूरे जयपुर शहर में उनकी अच्छी पहचान थी। पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता और एक मजबूत महिला चेहरे के रूप में उनकी छवि ने मेयर पद के लिए उनके दावे को बेहद मजबूत बना दिया था। भाजपा को भी उनकी जीत का पूरा भरोसा था, लेकिन चुनावी परिणाम उम्मीदों के विपरीत रहे। हालांकि, इस व्यक्तिगत हार के बावजूद, कुल 150 वार्डों वाले जयपुर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनना अब तय माना जा रहा है। मतगणना की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है, लेकिन भाजपा बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच चुकी है।

वार्डों के चुनावी नतीजे और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट

जयपुर नगर निगम के अब तक के नतीजों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 75 वार्डों पर विजय हासिल कर ली है। दूसरी ओर, कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार काफी कमजोर रहा है और वह अब तक केवल 50 वार्डों में ही जीत दर्ज कर पाई है। इस बार के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और 12 निर्दलीयों ने जीत हासिल की है। इसके अतिरिक्त, तकनीकी कारणों से सात वार्डों के चुनावी नतीजों को फिलहाल रोक कर रखा गया है, जिनका परिणाम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बाद में जारी किया जाएगा। इस बार के चुनाव में वार्ड नंबर 146 की सीट भी काफी चर्चा में रही, जहां AIMIM समर्थित प्रत्याशी फिरोजा बानो ने जीत हासिल की है। फिरोजा बानो के चुनाव प्रचार में खुद ओवैसी और हनुमान बेनीवाल ने हिस्सा लिया था और उनके समर्थन में बड़ी जनसभाएं की थीं।

सवाल-जवाब

जयपुर नगर निगम चुनाव में किसने जीत हासिल की?
भाजपा ने 150 में से 75 वार्डों में जीत दर्ज की है और वह बोर्ड बनाने की स्थिति में है, जबकि कांग्रेस को केवल 50 सीटें मिली हैं।
ज्योति खंडेलवाल की हार क्यों महत्वपूर्ण है?
वह 5 साल के प्रशासनिक अनुभव वाली पूर्व महापौर हैं और उन्हें भाजपा की ओर से मेयर पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था।
ज्योति खंडेलवाल ने किस वार्ड से चुनाव लड़ा और वह किस श्रेणी के लिए आरक्षित था?
उन्होंने वार्ड 110 से चुनाव लड़ा था, जो सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित सीट थी।
वार्ड 146 का क्या परिणाम रहा?
एआईएमआईएम समर्थित प्रत्याशी फिरोजा बानो ने ओवैसी और हनुमान बेनीवाल के आक्रामक चुनाव प्रचार के बाद इस चर्चित सीट पर जीत हासिल की।
कुछ वार्डों के नतीजे क्यों रोके गए हैं?
तकनीकी कारणों से 7 वार्डों के नतीजों को रोका गया है, जिन्हें राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बाद में जारी किया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp