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भाजपा को मिलेगा पूर्व यूडीपी नेता जेमिनो मावथो का साथ, 12 सितंबर को होगा प्रवेशमेघालय
6 सित॰ 2026, 2:13 pm (25 दिन पहले)· 2

भाजपा को मिलेगा पूर्व यूडीपी नेता जेमिनो मावथो का साथ, 12 सितंबर को होगा प्रवेश

मई में यूडीपी विधायक पद से इस्तीफा देने वाले जेमिनो मावथो अपने समर्थकों के साथ 12 सितंबर को भाजपा में शामिल होंगे। मेघालय में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले यूडीपी के और भी विधायकों के पाला बदलने की चर्चा तेज हो गई है।

यूडीपी यानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व विधायक जेमिनो मावथो अब भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपने समर्थकों के साथ 12 सितंबर को भाजपा में शामिल होंगे।

समर्थकों के साथ बैठक के बाद लिया फैसला

जेमिनो मावथो ने रविवार को यह जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि यह फैसला शिलांग में एक दिन पहले हुई बैठक में समर्थकों से बातचीत के बाद लिया गया। इसी बैठक में तय हुआ कि वे 12 सितंबर को भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होंगे।

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यूडीपी में लंबी पारी के बाद अलग हुआ रास्ता

जेमिनो मावथो कोई साधारण नेता नहीं हैं। वे लंबे समय तक यूडीपी में उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे अहम पदों पर रहे। मई महीने में उन्होंने यूडीपी से इस्तीफा दे दिया था, और अब कुछ महीनों बाद उन्होंने भाजपा में जाने का ऐलान किया है।

2020-21 से ही चल रही थी बातचीत

भाजपा की तरफ से जेमिनो मावथो को शामिल करने की कोशिश कोई नई बात नहीं है। उनका कहना है कि भाजपा ने साल 2020-21 में ही उनसे संपर्क किया था और उस दौर में भी उनके पार्टी बदलने के संकेत मिलने लगे थे। हालांकि उस वक्त उन्होंने जल्दबाजी नहीं दिखाई और फैसला लेने से पहले वक्त लेना बेहतर समझा।

मेघालय में बड़े सियासी फेरबदल के आसार

जेमिनो मावथो का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब मेघालय की राजनीति में हलचल तेज है। 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले यूडीपी में बड़े पैमाने पर टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यूडीपी के कुल 12 विधायकों में से करीब नौ विधायक भाजपा का रुख कर सकते हैं, जिससे राज्य का सियासी समीकरण चुनाव से काफी पहले ही बदल सकता है।

सवाल-जवाब

जेमिनो मावथो कौन हैं?
वे यूडीपी (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी) के पूर्व विधायक हैं और पार्टी में उपाध्यक्ष व महासचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं।
जेमिनो मावथो भाजपा में कब शामिल होंगे?
वे अपने समर्थकों के साथ 12 सितंबर को भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होंगे।
उन्होंने यूडीपी कब छोड़ी थी?
उन्होंने मई महीने में यूडीपी से इस्तीफा दे दिया था।
क्या भाजपा ने पहले भी उनसे संपर्क किया था?
हां, उनके मुताबिक भाजपा ने 2020-21 में ही उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने उस वक्त फैसला लेने से पहले समय लेना बेहतर समझा।
क्या यूडीपी के और विधायक भी भाजपा में जा सकते हैं?
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यूडीपी के 12 में से करीब नौ विधायक भाजपा का रुख कर सकते हैं।
यह मामला मेघालय की राजनीति के लिए क्यों अहम है?
यह 2028 विधानसभा चुनाव से पहले यूडीपी में बड़े राजनीतिक फेरबदल की अटकलों के बीच सामने आया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 दिन पहले

जेमिनो मावथो का भाजपा में जाना और 2028 के चुनाव से पहले यूडीपी के नौ विधायकों के पाला बदलने की चर्चा इस बात का संकेत है कि पूर्वोत्तर राज्यों में क्षेत्रीय दलों की पकड़ कमजोर हो रही है और राष्ट्रीय दल अपनी जमीन मजबूत करने के लिए रणनीतिक रूप से बड़ी सेंधमारी कर रहे हैं। यदि यह अटकलें सच साबित होती हैं, तो राज्य का पूरा राजनीतिक समीकरण और शक्ति संतुलन पूरी तरह बदल जाएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·24 दिन पहले

यह घटनाक्रम सिर्फ़ एक पार्टी बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वोत्तर के वित्तीय और आर्थिक परिदृश्य पर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। जब क्षेत्रीय राजनीति में इस तरह के बड़े फेरबदल होते हैं, तो निवेशकों और कॉर्पोरेट जगत का रुख भी बदलता है। इस क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप्स और डिजिटल एसेट्स के विस्तार के लिए एक स्थिर राजनीतिक माहौल बेहद जरूरी है। यदि आने वाले समय में यूडीपी के अधिकांश विधायक भाजपा का दामन थामते हैं, तो केंद्र और राज्य के बीच नीतिगत तालमेल और बेहतर होगा, जिससे आर्थिक सुधारों और कारोबारी निवेशों को नई गति मिल सकती है।

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