सरकारी स्कूलों में मीडिया बैन पर बरसे अखिलेश यादव, बुनियादी सुविधाओं की बदहाली छुपाने का लगाया आरोपभारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों संग नरेंद्र मोदी की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, सुशासन और AI के इस्तेमाल का दिया निर्देशदक्षिण क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना संपत्ति विभाजन पर सहमत, अमित शाह ने महिला सुरक्षा पर दिया जोरमूलांक 3 अंक राशिफल 21 अगस्त: रिश्तों में खामोशी से बचें और ऑफिस मीटिंग में खुलकर रखें अपनी रायमूलांक 1 अंक राशिफल 21 अगस्त 2026: जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें, करियर और आर्थिक मामलों में बरतें सतर्कतास्टार प्लस के लोकप्रिय शो 'तेरे लिए' के 16 साल, कैलाश खेर का टाइटल ट्रैक आज भी सोशल मीडिया पर मचा रहा धमालचीनी की बढ़ती कीमतों के बीच 10 लाख टन कर-मुक्त आयात को मंजूरी, अरविंद केजरीवाल ने एथनॉल नीति पर उठाए सवालपुणे महारैली से पहले राहुल गांधी ने पूछा सवाल, भारतीय महिला होने के क्या हैं मायनेनई दिल्ली में मिले भारत और जापान के रक्षा मंत्री, समुद्री सुरक्षा और रक्षा तकनीक पर बनी सहमतिस्कॉटियाबैंक का अनुमान, 1.41 के स्तर की ओर बढ़ सकता है ब्रिटिश पाउंड
बिडदी के फार्महाउस पर कर्नाटक एफडीए का छापा, 4.91 करोड़ रुपये की नकली दवाओं का जखीरा जब्तभारत
19 अग॰ 2026, 10:46 pm (1 दिन पहले)· 1

बिडदी के फार्महाउस पर कर्नाटक एफडीए का छापा, 4.91 करोड़ रुपये की नकली दवाओं का जखीरा जब्त

कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीम ने बिडदी स्थित एक फार्महाउस पर छापेमारी कर बिना लाइसेंस चल रहे री-पैकेजिंग और री-लेबलिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। मौके से लगभग 4.91 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण क्षेत्र के पास स्थित बिडदी में फर्जी दवा निर्माण और री-लेबलिंग के एक बड़े काले कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FDA) के ड्रग एन्फोर्समेंट विंग ने 18 अगस्त को एक फार्महाउस में चल रही अवैध लैब पर गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बिना किसी वैध लाइसेंस के चलाई जा रही फार्मास्यूटिकल री-पैकिंग और री-लेबलिंग यूनिट को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने मौके से 4 करोड़ 91 लाख 49 हजार 575 रुपये मूल्य की दवाएं, पैकेजिंग मशीनरी और फर्जी स्टैंप बरामद किए हैं।

सस्ती और एक्सपायर्ड दवाओं को महंगे ब्रांड्स में बदलने का तरीका

अवैध री-लेबलिंग का यह पूरा खेल बिडदी के कुरुबाकेरेनहल्ली क्षेत्र में स्थित फार्महाउस नंबर 34 से संचालित किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि गिरोह के सदस्य पड़ोसी राज्यों से बेहद सस्ती दर पर दवाएं और इंजेक्शन खरीदते थे। इसके बाद उन दवाओं को नए शीशियों (वायल) में भरकर बहुराष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल कंपनियों और महंगे इंपोर्टेड ब्रांड्स के नाम से फर्जी लेबल चिपका देते थे। फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क में फ़ाइज़र जैसे नामी ब्रांड के नाम का भी अवैध इस्तेमाल किया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि वायल पर लगे स्कैनिंग और बार कोड पूरी तरह फर्जी थे और स्कैन करने पर कोई जानकारी नहीं देते थे। इसके अलावा, भारी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाओं को भी दोबारा पैक करके बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।

ये भी पढ़ें

जब्त किए गए महंगे इंजेक्शन और उपकरणों का ब्योरा

छापेमारी के दौरान ड्रग एन्फोर्समेंट विंग ने कई गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले महंगे एंटीबायोटिक और लाइफ-सेविंग इंजेक्शन बरामद किए हैं। जब्त की गई सामग्री की सूची इस प्रकार है

  • Cefiavigent 2.5 Injection: 5,640 वायल
  • Hizlam Injectables: 1,531 वायल
  • Xavitaz Injection: 470 वायल
  • EMBLAVEO Injection: 264 वायल
  • Zavicefta Injection: 165 वायल
  • अन्य महत्वपूर्ण इंजेक्शन: Tigynt IV, Tigvnet, Aztreo और Trezam की कई खेप
  • सामग्री एवं मशीनरी: 30 बॉक्स एक्सपायर्ड दवाएं, वायल भरने वाली मशीनें, फर्जी रैपर, पैकेजिंग सामग्री और जाली स्टैंप

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई

कर्नाटक एफडीए ने इस फर्जीवाड़े को मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा करार दिया है। नकली, एक्सपायर्ड और कम गुणवत्ता वाली दवाओं को प्रीमियम ब्रांड बताकर बेचे जाने से मरीजों की सुरक्षा पर सीधा संकट खड़ा होता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस दवाओं का निर्माण, री-पैकेजिंग, भंडारण और बिक्री करना ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 का सीधा उल्लंघन है। कानून के अनुसार, इस प्रकार के गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों को 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की कड़ी सजा दिए जाने का प्रावधान है।

बाजार में इन नकली दवाओं की आपूर्ति रोकने के लिए कर्नाटक एफडीए ने तत्काल कदम उठाए हैं। जब्त किए गए सभी बैच नंबरों और रिकॉर्ड को एफडीए के आधिकारिक पोर्टल पर ब्लॉक कर दिया गया है ताकि कोई भी मेडिकल स्टोर या सप्लायर इन्हें बेच न सके। इसके अतिरिक्त, जब्त की गई दवाओं के नमूनों को सरकारी प्रयोगशाला में रासायनिक संरचना, स्टेरिलिटी और पोटेंसी की जांच के लिए भेजा गया है।

फार्महाउस का मालिकाना हक और आरोपियों की भूमिका

जांच में सामने आया है कि जिस फार्महाउस में यह अवैध धंधा चल रहा था, उसका मूल मालिक सिद्धया नाम का व्यक्ति है। सिद्धया ने इस फार्महाउस को प्रशांत नाम के व्यक्ति को पट्टे (लीज) पर दिया हुआ था। प्रशांत ने परिसर की देखरेख और दैनिक संचालन का जिम्मा अपने रिश्तेदार तेजस को सौंपा था। जिस समय एफडीए टीम ने छापेमारी की, उस समय मौके पर प्रभु देव गौड़ा नाम का व्यक्ति नकली दवाओं और री-पैकेजिंग सामग्री के साथ मौजूद था। अधिकारियों ने प्रभु देव गौड़ा को हिरासत में ले लिया है, जबकि रैकेट से जुड़े अन्य मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

सवाल-जवाब

कर्नाटक एफडीए की यह छापेमारी किस तारीख को और कहां हुई?
यह छापेमारी 18 अगस्त को बेंगलुरु के पास बिडदी स्थित कुरुबाकेरेनहल्ली के फार्महाउस नंबर 34 में की गई।
छापेमारी में कुल कितने रुपये की दवाएं और सामान जब्त हुआ?
कार्रवाई के दौरान 4 करोड़ 91 लाख 49 हजार 575 रुपये मूल्य की दवाएं, पैकेजिंग मशीनरी और फर्जी सामग्री जब्त की गई।
फार्महाउस में किस तरह का फर्जीवाड़ा चल रहा था?
दूसरे राज्यों से सस्ती दवाएं मंगवाकर नए वायल में भरी जाती थीं और उन पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों (जैसे फ़ाइज़र) के महंगे लेबल और फर्जी स्कैनिंग कोड लगाकर बेचा जाता था।
रेड के दौरान मौके से किस आरोपी को गिरफ्तार किया गया?
फार्महाउस में नकली दवाओं और पैकेजिंग सामान के साथ मौजूद आरोपी प्रभु देव गौड़ा को गिरफ्तार किया गया।
नकली दवा बनाने के मामले में कानून के तहत कितनी सजा का प्रावधान है?
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत आरोपी पाए जाने पर कम से कम 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR