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बिहार में मानसून आया तो जल्दी, पर बारिश नदारद; आज 26 जिलों में अलर्ट, 50 किमी/घंटा की हवा का खतराबिहार
17 जून 2026, 7:11 am (88 दिन पहले)· 2

बिहार में मानसून आया तो जल्दी, पर बारिश नदारद; आज 26 जिलों में अलर्ट, 50 किमी/घंटा की हवा का खतरा

बिहार में मानसून ने 15 साल में सबसे जल्दी 11 जून को दस्तक दी, फिर भी कई जिले अच्छी बारिश को तरस रहे हैं। आज 26 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी है, जहां वज्रपात और 50 किमी/घंटा तक की हवा चल सकती है।

बिहार में इस बार मानसून ने भले ही रिकॉर्ड रफ्तार से एंट्री मारी हो, लेकिन झमाझम बारिश का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। आमतौर पर जून के दूसरे पखवाड़े में पहुंचने वाला मानसून इस साल पूरे 15 वर्षों में सबसे जल्दी, यानी 11 जून को ही राज्य में आ गया था। समय से पहले पहुंची इस खुशखबरी ने किसानों से लेकर आम लोगों तक के चेहरे पर मुस्कान ला दी थी, मगर अब हालत यह है कि कई जिलों में सामान्य बारिश तक नसीब नहीं हो रही। यही वजह है कि लोग इस समय कड़ी उमस और चिपचिपी गर्मी से बुरी तरह परेशान हैं।

आज इन 26 जिलों में बरसेगा पानी, गिरेगी बिजली

मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार के लिए बिहार के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ वज्रपात और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो खुले में मौजूद लोगों के लिए खतरे की घंटी है।

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जिन जिलों को इस अलर्ट के दायरे में रखा गया है, उनमें पटना के आस-पास के इलाकों के अलावा पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और अरवल शामिल हैं।

आखिर क्यों सुस्त पड़ गया मानसून?

मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि मानसून ने बिहार की सीमा पार तो कर ली, पर इसके आगे बढ़ने की चाल इस समय बेहद धीमी हो गई है। इसकी सबसे बड़ी जड़ बंगाल की खाड़ी में है, जहां बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल काफी कमजोर पड़ चुका है। जब तक वहां से दमदार मानसूनी हवाएं आगे की ओर नहीं बढ़तीं, तब तक भारी बारिश के लिए जरूरी परिस्थितियां नहीं बन पाएंगी। इसी कमजोर सिस्टम का नतीजा है कि राज्य में सिर्फ इक्का-दुक्का जगहों पर छिटपुट या खंड-वर्षा हो रही है और पूरा मानसूनी तंत्र थमा हुआ सा महसूस हो रहा है।

राजधानी पटना का क्या रहेगा हाल

राजधानी की बात करें तो बुधवार को पटना के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं। शहर के कुछ चुनिंदा हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि मौसम वैज्ञानिक साफ कह रहे हैं कि दिन के वक्त गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद बहुत कम है।

उमस से कब मिलेगी असली राहत

व्यापक बारिश न होने की वजह से जमीन और वातावरण का तापमान नीचे ही नहीं उतर पा रहा। ऐसे में बादलों की आवाजाही और हवा में भरी हुई भारी नमी के चलते उमस का स्तर और ऊपर चढ़ेगा। कुल मिलाकर बिहारवासियों को इस भीषण गर्मी से असली राहत तभी मिलेगी, जब मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होगा। तब तक झमाझम बारिश के लिए लोगों को थोड़ा और सब्र करना होगा।

सवाल-जवाब

बिहार में मानसून इस साल कब पहुंचा?
मानसून ने 11 जून को बिहार में दस्तक दी, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे जल्दी है।
आज किन इलाकों में बारिश का अलर्ट है?
मौसम केंद्र ने पटना के आसपास के इलाकों समेत राज्य के कुल 26 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
हवा की रफ्तार कितनी तक जा सकती है?
अलर्ट वाले इलाकों में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, साथ में वज्रपात की भी आशंका है।
मानसून आने के बाद भी अच्छी बारिश क्यों नहीं हो रही?
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है, जिससे मानसूनी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रहीं और भारी बारिश की स्थिति नहीं बन रही।
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