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बिलासपुर के सेलर गांव की अनोखी पहल, दीवारों को बना दिया किताब ताकि बचपन से ही अफसर बनने का सपना हो साकारछत्तीसगढ़
27 जून 2026, 11:01 pm (31 दिन पहले)· 3

बिलासपुर के सेलर गांव की अनोखी पहल, दीवारों को बना दिया किताब ताकि बचपन से ही अफसर बनने का सपना हो साकार

बिलासपुर के सेलर गांव में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए गांव की दीवारों को सामान्य ज्ञान के सवालों से सजाया गया है, जहां हर तीन महीने में सवाल बदले जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित बेलतरा क्षेत्र के सेलर गांव ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बेहद अनूठा प्रयोग किया है। यहाँ बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पूरे गांव को ही एक खुली पाठशाला में तब्दील कर दिया गया है। गांव की गलियों की दीवारें अब सिर्फ कंक्रीट के ढांचे नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली खुली किताबें बन चुकी हैं। इस अनोखे प्रयास से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बच्चों के भीतर बचपन से ही देश के बड़े प्रशासनिक पदों पर पहुंचने का हौसला पैदा किया जा रहा है।

स्कूल की चारदीवारी से बाहर निकली शिक्षा

सेलर ग्राम पंचायत द्वारा शुरू की गई इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य पढ़ाई को केवल स्कूल के कमरों तक सीमित न रखकर उसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। जब भी बच्चे अपने घरों से बाहर निकलते हैं या स्कूल आते-जाते हैं, तो रास्ते में उन्हें दीवारों पर लिखे सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल दिखाई देते हैं। चलते-फिरते इन सवालों को पढ़ना, उनके जवाब सोचना और आपस में उन पर चर्चा करना अब इन बच्चों की दिनचर्या बन चुका है। इस प्रक्रिया से बच्चों के मन से पढ़ाई का बोझ कम हो रहा है और खेल-खेल में सीखने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

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हर तीन महीने में बदलेंगे सवाल और होगी परीक्षा

ज्ञान को लगातार नया और प्रासंगिक बनाए रखने के लिए पंचायत ने एक विशेष योजना तैयार की है। दीवारों पर लिखे गए इन सवालों को हर तीन महीने की अवधि में पूरी तरह बदल दिया जाएगा। इस तरह से बच्चों को पूरे साल में कुल 180 नए और महत्वपूर्ण प्रश्नों को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा। इतना ही नहीं, हर तीन महीने की अवधि पूरी होने पर इन्हीं सवालों के आधार पर एक प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन भी किया जाएगा। इस परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले और अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे बच्चों में आगे बढ़ने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा होगी।

ग्रामीण बच्चों का बढ़ेगा हौसला और बदलेगी तस्वीर

इस लीक से हटकर की गई कोशिश को गांव के अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि स्कूली स्तर से ही इस तरह की तैयारी मिलने से बच्चों का आत्मविश्वास मजबूत होगा और वे भविष्य में बड़ी परीक्षाओं में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकेंगे। सेलर गांव की यह पहल यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों और सोच नई हो, तो बिना किसी बड़े संसाधन या भारी-भरकम खर्च के भी शिक्षा के स्तर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। अब देखना होगा कि ज्ञान की इन दीवारों से सीखकर आने वाले समय में कितने बच्चे अपने जीवन की बड़ी मंजिलों को हासिल करते हैं।

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ के किस गांव में दीवारों को पाठशाला बनाया गया है?
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बेलतरा क्षेत्र में स्थित सेलर गांव में दीवारों को पाठशाला का रूप दिया गया है।
दीवारों पर लिखे गए सवाल कितने समय में बदले जाते हैं?
दीवारों पर लिखे गए शैक्षणिक और सामान्य ज्ञान के सवालों को हर तीन महीने में बदला जाता है।
साल भर में बच्चों को कुल कितने नए सवाल पढ़ने को मिलेंगे?
हर तीन महीने में बदलाव के साथ बच्चों को साल भर में कुल 180 नए सवाल पढ़ने और सीखने का मौका मिलेगा।
क्या बच्चों के मूल्यांकन के लिए कोई विशेष व्यवस्था की गई है?
हाँ, हर तीन महीने में इन दीवारों पर लिखे गए सवालों के आधार पर एक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना और ग्रामीण छात्रों में आत्मविश्वास और सीखने की आदत को विकसित करना है।
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