चाणक्य नीति: इन चार तरह के लोगों को कभी न बताएं घर की बातें, वरना बिखर जाएगी परिवार की खुशियांडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, अमेरिकी फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक रहा विश्व कप का आयोजनतेल बाजार में भारी गिरावट, क्या निवेशक कर रहे हैं जल्दबाजी या मध्य पूर्व की उम्मीदें हैं अतिरेकघर में रखा सोना अब भारत में उधार लेने का पसंदीदा जरिया बनता जा रहा हैअमेरिका में सुस्त पड़ी नौकरियों की रफ्तार, जुलाई के मध्य में 15 हजार पर सिमटा औसतअगस्त से बदल रहे हैं कई बड़े नियम, तत्काल बुकिंग से लेकर आईटीआर पेनल्टी और एलपीजी दाम तक जान लें पूरी डिटेलइंडोनेशियाई सेंट्रल बैंक के गवर्नर का अचानक इस्तीफा, क्या लौटने वाला है 1997 का भीषण आर्थिक संकटमहाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने के बाद भी शहीर शेख को क्यों झेलनी पड़ी थी बेरोजगारीमारुति सुजुकी ने टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ लॉन्च की 2026 ब्रेज़ा, ₹7.40 लाख से शुरू होती है कीमतभारतीय तटरक्षक बल के लिए दो बड़े नीतिगत सुधारों का ऐलान, राजनाथ सिंह ने लैंगिक समानता पर दिया जोर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पलटा फैसला, शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द, सरेंडर का आदेशमहाराष्ट्र
18 जुल॰ 2026, 7:29 pm (10 दिन पहले)· 0

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पलटा फैसला, शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द, सरेंडर का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लेकर डोंबिवली के डॉक्टर-नर्स मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके साथियों की जमानत रद्द कर दी है और उन्हें 19 जुलाई शाम 5 बजे तक सरेंडर करने का आदेश दिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ हुई मारपीट के मामले में खुद संज्ञान लेते हुए शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को मिली जमानत पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने म्हात्रे समेत उनके साथियों की जमानत रद्द करते हुए उन्हें तय समय तक सरेंडर करने का सख्त आदेश दिया है।

मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले पर हाईकोर्ट को हैरानी

शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर एक विशेष सुनवाई रखी गई, जिसमें रमेश म्हात्रे और उनके चार साथियों को पहले मिली जमानत को रद्द कर दिया गया। दरअसल, कल्याण के एक सरकारी अस्पताल में तीन डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था। इस घटना के फौरन बाद कल्याण की मजिस्ट्रेट अदालत ने म्हात्रे को जमानत दे दी थी। हाईकोर्ट ने इसी फैसले पर स्वतः संज्ञान लिया और मामले की सुनवाई अपने हाथ में ली। एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की बेंच ने सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट अदालत के इस रुख पर सीधे आश्चर्य जताया।

ये भी पढ़ें

19 जुलाई शाम 5 बजे तक सरेंडर नहीं तो कुर्क होगी संपत्ति

बेंच ने सुनवाई में स्पष्ट कहा कि पूरे मामले को अब तक बेहद हल्के में लिया गया है और यह रवैया गलत है। इसके बाद कोर्ट ने रमेश म्हात्रे को 19 जुलाई की शाम 5 बजे तक डोंबिवली पुलिस स्टेशन में पेश होकर सरेंडर करने का सख्त अल्टीमेटम दिया। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि अगर म्हात्रे तय समय सीमा में सरेंडर नहीं करते हैं, तो प्रशासन उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई कर सकता है। इसी सुनवाई में हाईकोर्ट ने डॉक्टर संगठनों को भी संबोधित करते हुए सोमवार को प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल वापस लेने की अपील की, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।

डॉक्टरों में नाराजगी, IMA महाराष्ट्र ने किया बंद का ऐलान

डोंबिवली में डॉक्टरों पर हुए हमले की खबर फैलते ही पूरे महाराष्ट्र के चिकित्सक समुदाय में भारी रोष देखने को मिला था और कई डॉक्टर संगठन पहले से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब इस मामले ने पूरी तरह नया मोड़ ले लिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी IMA महाराष्ट्र पहले ही घोषणा कर चुका है कि 20 जुलाई को पूरे 24 घंटे राज्यभर में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहेंगी। इसमें ओपीडी, पहले से तय सर्जरी और सामान्य चिकित्सा सेवाएं शामिल होंगी। हालांकि, संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी सेवाएं, ICU, प्रसूति और अन्य जीवनरक्षक सेवाएं इस बंद से पूरी तरह बाहर रहेंगी, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज पर कोई असर न पड़े।

22 जुलाई को होगी मामले की अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई के लिए तय की है, जिसमें आगे की कार्रवाई और सरेंडर की स्थिति पर विचार किया जाएगा। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि रमेश म्हात्रे कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तय समय पर सरेंडर करते हैं या नहीं, और डॉक्टर संगठन प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर आगे क्या रुख अपनाते हैं। हाईकोर्ट के सख्त रुख ने यह भी संदेश दिया है कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सवाल-जवाब

रमेश म्हात्रे कौन हैं?
वे शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद हैं जिन्हें डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों-नर्सों से मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
कोर्ट ने कल्याण मजिस्ट्रेट अदालत से मिली जमानत रद्द कर दी है और म्हात्रे को 19 जुलाई शाम 5 बजे तक सरेंडर करने को कहा है।
अगर म्हात्रे तय समय पर सरेंडर नहीं करते तो क्या होगा?
कोर्ट ने साफ कहा है कि ऐसा न करने पर उनकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है।
मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।
डॉक्टरों की तरफ से क्या ऐलान किया गया है?
IMA महाराष्ट्र ने 20 जुलाई को 24 घंटे के लिए राज्यभर में OPD और सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखने का ऐलान किया है।
क्या इमरजेंसी सेवाएं भी बंद रहेंगी?
नहीं, इमरजेंसी, ICU, प्रसूति और जीवनरक्षक सेवाएं इस बंद के दौरान भी चालू रहेंगी।
हाईकोर्ट की बेंच में कौन-कौन जज शामिल थे?
एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की बेंच ने यह सुनवाई की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR