पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर एक नया बयान सामने आया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शामिक भट्टाचार्य ने एक तीखा और चर्चा में रहने वाला बयान देते हुए कहा है कि ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
वोट का अधिकार वापस दिलाने की बात
शामिक भट्टाचार्य का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल के आम नागरिकों को उनके वोट का वास्तविक अधिकार वापस दिलाया है। उनका दावा है कि राज्य के हर गली और मोहल्ले में इस बात की चर्चा हो रही है कि चुनाव आयोग ने इस बार बहुत ही निष्पक्ष और सही तरीके से चुनाव संपन्न कराए हैं। पिछले 70 सालों में ऐसा कार्य किसी ने नहीं किया था, इसलिए उनके हिसाब से ज्ञानेश कुमार इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के हकदार हैं।
विवादित बिल और राजनीतिक रुख
इसके साथ ही शामिक भट्टाचार्य ने राज्य में लाए गए एक विशेष बिल को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस बिल पर उठाए गए सवालों का जवाब दे सकती है। उनका यह भी कहना था कि पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी का रुख एक्सटॉर्शन के खिलाफ सख्त सहनशीलता न रखने का है और इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सभी कार्यकर्ता पूरी मेहनत से जुटे हुए हैं।
तकनीकी खामियों पर आगे का कदम
कानून से जुड़े मामलों पर बात करते हुए बीजेपी नेता ने स्वीकार किया कि यदि इस बिल में कोई तकनीकी त्रुटि या गलती रह गई थी जिसके कारण इसे वापस भेजा गया है, तो उस पर पूरी गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बिल आज नहीं तो कल निश्चित रूप से बनेगा और सरकार इसके हर पहलू पर लगातार काम करती रहेगी।
























