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छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से है प्यार, कानपुर में अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर बरसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेश
26 अक्तू॰ 2026, 2:24 pm (3 दिन पहले)· 3

छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से है प्यार, कानपुर में अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर बरसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और इस दौरान राहुल गांधी तथा अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में आयोजित एक समारोह के दौरान अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा सियासी प्रहार किया है। हालांकि उन्होंने अपने भाषण में सीधे तौर पर अखिलेश यादव और राहुल गांधी का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों ही इशारों में दोनों नेताओं को छोटे मियां और बड़े मियां की संज्ञा देते हुए जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में देश के भीतर दो मियां सक्रिय हैं, जिनमें से एक छोटे मियां और दूसरे बड़े मियां हैं, और इन दोनों को ही घुसपैठियों से विशेष लगाव है। यह पूरा घटनाक्रम कानपुर के बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना के बाद नाना राव पेशवा पार्क में संपन्न हुआ, जहां उन्होंने 411 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के कार्यकाल की आलोचना की और कहा कि भगवान राम लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे थे। उन्होंने बताया कि हजारों साल पहले भगवान राम के आगमन के बाद से वहां आवागमन के लिए केवल एक टूटा-फूटा सड़क मार्ग ही उपलब्ध था, जबकि बिजली और बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव रहता था और चारों तरफ गंदगी पसरी रहती थी। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संस्कारों में ही गंदगी में रहना, गंदे कार्य करना और अंधेरे में डकैती डालने जैसी आदतें शामिल थीं, और उन्होंने अयोध्या के साथ भी यही सलूक किया। उन्होंने अयोध्या को न तो पर्याप्त बिजली दी और न ही वहां कोई विकास कार्य कराया, और जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अयोध्या के विकास के लिए रूपरेखा तैयार की तो इन दलों ने उसमें रोड़े अटकाना शुरू कर दिया।

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काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या का हो रहा है कायाकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है, जहां वर्ष 2017 से पहले एक साथ केवल बीस श्रद्धालु ही दर्शन कर पाते थे, वहीं आज बीस हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन करने की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। काशी अब पूरी तरह चमक उठी है और एक नए कलेवर के रूप में सामने आ चुकी है, जिसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री द्वारा किए गए कायाकल्प को जाता है। इसी प्रकार अयोध्या भी फिर से रोशन हो उठी है और रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ ही अयोध्या को एक बार फिर से त्रेता युग के वैभव की ओर ले जाया जा रहा है।

प्रदेश के धार्मिक स्थलों का विकास और सुरक्षा के उपाय

सरकार की भावी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा और वृंदावन को भी नए भव्य और दिव्य स्वरूप में ढाला जा रहा है, प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है, तथा मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, शुकतीर्थ और नैमिषारण्य का विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा बिठूर का विकास भी प्राथमिकता से किया जा रहा है। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेशभर में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर, सद्गुरु रविदास महाराज और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े लगभग चार हजार स्थलों की चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। जिन स्थलों पर छत नहीं है, वहां कैनोपी की व्यवस्था करके छत का प्रबंध किया जाएगा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम के साथ उनका सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, और इन चार हजार स्थानों पर यह कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है।

दंगाइयों को संरक्षण देने और घुसपैठियों को गले लगाने का आरोप

विपक्षी दलों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग दंगाइयों के यार रहे हों, अराजकता फैलाना और अंधेरे में रखकर डकैती डालना जिनका स्वभाव बन गया था और जिनके लिए पूरा प्रदेश ही उनका परिवार बन चुका था, वे लोग भला राज्य में क्या विकास कराएंगे। उन्होंने दोहराया कि देश में इस समय दो मियां हैं, जिनमें छोटे मियां और बड़े मियां शामिल हैं, जिन्हें बांग्लादेशी घुसपैठियों से बहुत प्यार है और वे उन्हें गले लगाते हैं, जबकि इसके विपरीत वे दलितों, वंचितों, गरीबों, अन्नदाता किसानों और युवाओं का लगातार अपमान करते हैं।

पुरानी घटनाओं और समाजवादी पार्टी के शासनकाल की याद

पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों को ही प्रदेश में लंबे समय तक शासन करने का मौका मिला था, लेकिन उस दौरान अन्नदाता किसान आत्महत्या करने के लिए विवश थे और गरीब व्यक्ति भूखों मरने को मजबूर होता था। युवाओं को नौकरियां नहीं मिलती थीं और यदि कुछ नियुक्तियां होती भी थीं तो उनमें उनके अधिकारों पर डाका डाल दिया जाता था। महिलाओं की सुरक्षा के मामले में समाजवादी पार्टी खुद एक बहुत बड़ा खतरा बन चुकी थी, जहाँ उनके गुंडे जगह-जगह जाकर व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जा करते थे और दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था।

कोसी कलां और मथुरा के जवाहर बाग दंगों का जिक्र

कोसी कलां के दंगे और मथुरा के जवाहर बाग की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी से जुड़ा एक नेता सैकड़ों एकड़ के पार्क पर अवैध कब्जा कर वहां निर्माण कार्य कर रहा था, और जब उसे हटाने के लिए पुलिस अधिकारी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव वहां गए तो समाजवादी पार्टी से जुड़े उन गुंडों ने दोनों पुलिस अधिकारियों की निर्मम हत्या कर दी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं थे, तो आम नागरिकों की क्या दशा रही होगी। इसके अलावा उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश महीनों तक सुलगता रहा, लोग भीषण ठंड में खुले आसमान के नीचे ठिठुर कर जान गंवा रहे थे, जबकि समाजवादी पार्टी के मुखिया कानों में तेल डालकर और चादर ओढ़कर गहरी नींद ले रहे थे।

अखिलेश यादव पर तंज और राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी

अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें एक बार सत्ता विरासत में मिल गई थी, लेकिन काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती है। प्रदेश की जनता उनके कारनामों को भली-भांति देख चुकी है और उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा चुकी है। उन्होंने सलाह दी कि सपने देखना बंद कर दिया जाए क्योंकि गद्दी भले ही विरासत में एक बार मिल सकती है, लेकिन बुद्धि विरासत में नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए धरातल पर उतरकर कड़ा प्रयास करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनकी हरकतों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि अब न तो उन्हें दोबारा गद्दी मिलने वाली है और बुद्धि तो उनके पास पहले से ही नदारद है।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में कितने करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में किन विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा?
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में अखिलेश यादव और राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला।
यह कार्यक्रम किस अवसर पर आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम कानपुर के बिठूर में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने भाषण के दौरान कौन से नए प्रतीकात्मक नाम इस्तेमाल किए?
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी के लिए 'छोटे मियां' और 'बड़े मियां' शब्दों का इस्तेमाल किया।
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टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·2 दिन पहले

अखिलेश और राहुल को 'छोटे मियां और बड़े मियां' बोलकर तंज कसना तो ठीक है, पर किसी फिल्मी डायलॉग जैसी इस बयानबाजी से असल मुद्दों पर बात कब होगी? क्या वाकई यूपी की जनता अब इन सियासी तानों से आगे बढ़कर सिर्फ विकास देखना चाहती है?

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

योगी जी ने भाषण में राहुल और अखिलेश को छोटे-बड़े मियां तो बोल दिया, लेकिन क्या यूपी के बाकी दलों को भी वो ऐसे ही इशारों में कुछ कहेंगे? जनता को इन बयानों से वाकई रोजगार या महंगाई पर कोई राहत मिलती दिखती है क्या?

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

रविकश जी, सही कह रहे हैं आप। पिछले साल जब मैं कानपुर गया था, तो सड़कों के हाल देखकर लगा था कि विकास सिर्फ कागजों पर है। इन बयानों से पेट नहीं भरता।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

हर बात पर राहुल-अखिलेश को खींचना ठीक नहीं, कानपुर के विकास की बात करते तो ज़्यादा अच्छा रहता।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

रोहन भाई, आप ठीक कह रहे हैं, पर क्या सीएम के पास इस बात के कोई ठोस सबूत हैं कि ये दोनों घुसपैठियों से मिले हुए हैं?

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