बिहार के किसान लालबाबू सिंह ने शून्य बजट खाद से बदली खेती, 20 एकड़ में भारी बचतशानदार 360 डिग्री लाइट शो और संतुलित आवाज के साथ पेश हुआ JBL Pulse 6, जानिए खूबियां और कमियांअमेरिका में महंगाई के झटके के बाद बिटकॉइन संभला, बाजार में 930 मिलियन डॉलर की लिक्विडेशनअदन में राष्ट्रपति परिसर पर हूती मिसाइल गिरने से दो सुरक्षाकर्मियों की मौत, छह घायलमणिपुर के कामजोंग में घात लगाकर हमला, कुकी महिला की मौत और दो नागरिक लापतावैश्विक चिप और एआई स्टॉक्स में बिखराव के बीच भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार उछालसप्ताह में सिर्फ 35 घंटे काम: जानिए भारत से लेकर फ्रांस तक दुनिया भर में कामकाजी घंटों के क्या हैं नियमपश्चिम बंगाल में स्थित मां सती के पावन शक्तिपीठ और उनकी रहस्यमयी तांत्रिक परंपरापटना के सर्राफा बाजार में 7500 रुपये से शुरू हुईं सोने की अंगूठियां, धनतेरस पर हल्के आभूषणों की भारी मांगअजय देवगन की दृश्यम 3 ने पूरे किए दो हफ्ते, 14 दिनों में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर बटोरे 332 करोड़ रुपये
सीजेआई सूर्यकांत पर विवादित बयान: संजय राउत और निखिल वागले के खिलाफ आपराधिक अवमानना केस को अटॉर्नी जनरल की मंजूरीभारत
15 अक्तू॰ 2026, 11:15 pm (2 घंटे पहले)· 0

सीजेआई सूर्यकांत पर विवादित बयान: संजय राउत और निखिल वागले के खिलाफ आपराधिक अवमानना केस को अटॉर्नी जनरल की मंजूरी

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने सीजेआई सूर्यकांत और न्यायपालिका पर अनुचित बयानों को लेकर संजय राउत और निखिल वागले के खिलाफ अदालत की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15(1)(b) के तहत कानूनी कार्यवाही की सहमति दी है.

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर कड़ा कदम उठाते हुए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत और वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मुकदमा चलाने की आधिकारिक अनुमति दे दी है. यह मंजूरी अदालत की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15(1)(b) के प्रावधानों के अंतर्गत जारी की गई है. शीर्ष विधि अधिकारी से औपचारिक हरी झंडी मिलने के उपरांत अब सुप्रीम कोर्ट में इन दोनों प्रमुख हस्तियों के विरुद्ध अवमानना की अदालती प्रक्रिया शुरू होने की राह पूरी तरह खुल गई है.

एक्स पर की गई अमर्यादित पोस्ट और मांगी गई माफी

विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट से हुई थी. पत्रकार निखिल वागले ने 11 अक्टूबर को सीजेआई को लेकर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया था. दरअसल, यह मामला इंडिया ब्लॉक के नेताओं से जुड़ा हुआ था, जिन्होंने शीर्ष अदालत तक अपना विरोध मार्च निकालने से पहले मुख्य न्यायाधीश से भेंट के लिए समय की मांग की थी. मुख्य न्यायाधीश द्वारा इस आग्रह को अस्वीकार किए जाने संबंधी समाचार रिपोर्ट को पुनः साझा करते हुए वागले ने अपनी तल्ख टिप्पणी पोस्ट की थी.

ये भी पढ़ें

जब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया, तब निखिल वागले ने उक्त पोस्ट को अपने अकाउंट से हटा दिया. इसके अतिरिक्त, उन्होंने 15 अक्टूबर को अटॉर्नी जनरल को एक पत्र प्रेषित कर मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय से बिना शर्त क्षमायाचना भी की. यद्यपि उनकी तरफ से माफीनामा भेजा जा चुका है, फिर भी उनके पिछले आचरण को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी गई है.

लंदन में बैडमिंटन खेलने का दावा और दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश

दूसरी तरफ, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने 12 अक्टूबर को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए न्यायपालिका को लेकर एक विवादित दावा किया था. राउत ने आरोप लगाया था कि मुख्य न्यायाधीश सहित 60 से 70 न्यायाधीशों को लंदन में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते देखा गया था. बार एसोसिएशन ने इस दावे को पूरी तरह से भ्रामक और निराधार करार दिया.

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के 19 जून के पूर्व आदेश का उल्लेख करते हुए इस बात को स्पष्ट किया कि इंटरनेट पर प्रसारित तस्वीरें लंदन की नहीं हैं. वे छायाचित्र वास्तव में नवंबर 2024 में नई दिल्ली में संपन्न हुए एक खेल आयोजन के थे. वकीलों के संगठन का तर्क था कि जानबूझकर गलत संदर्भ वाली पुरानी तस्वीरों का सहारा लेकर न्यायिक तंत्र की निष्पक्षता और साख पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े करने का प्रयास किया गया.

अटॉर्नी जनरल का कड़ा रुख और न्यायपालिका की गरिमा

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने दोनों मामलों का परीक्षण करने के बाद पाया कि ये सार्वजनिक वक्तव्य अदालत की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने वाले हैं. उन्होंने अपनी सहमति में साफ लिखा कि निखिल वागले की टिप्पणी न केवल अपमानजनक थी, बल्कि उसका स्तर भी अत्यंत अशोभनीय था. इसी प्रकार, संजय राउत द्वारा जजों के राजनीतिक दल के कार्यक्रम में शामिल होने से संबंधित लगाए गए आरोपों को उन्होंने पूरी तरह मनगढ़ंत और तथ्यों से परे बताया.

शीर्ष विधि अधिकारी ने रेखांकित किया कि प्रथम दृष्टया दोनों कृत्य गंभीर रूप से निंदनीय हैं और उनका सीधा असर देश की सर्वोच्च अदालत तथा विशेष रूप से मुख्य न्यायाधीश की गरिमा को धूमिल करने वाला है. यद्यपि अटॉर्नी जनरल की सहमति अंतिम फैसला या सीधा दोषसिद्धि नहीं है, किंतु इस अनुमति के आधार पर अब सर्वोच्च न्यायालय स्वयं सुनवाई करके यह निश्चित करेगा कि संवैधानिक संस्थाओं के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने के इस प्रकरण में क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाए.

सवाल-जवाब

अटॉर्नी जनरल ने किन व्यक्तियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मंजूरी दी है?
अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की सहमति दी है.
यह सहमति किस कानून के तहत दी गई है?
यह कानूनी मंजूरी अदालत की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15(1)(b) के तहत प्रदान की गई है.
निखिल वागले पर क्या आरोप है?
निखिल वागले पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर 11 अक्टूबर को सीजेआई को लेकर अभद्र और अमर्यादित भाषा में पोस्ट लिखने का आरोप है.
संजय राउत ने न्यायपालिका को लेकर क्या दावा किया था?
संजय राउत ने 12 अक्टूबर को दावा किया था कि सीजेआई सहित 60 से 70 जजों को लंदन में भाजपा नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते देखा गया था.
संजय राउत के दावे पर दिल्ली हाईकोर्ट का क्या आदेश सामने आया?
दिल्ली हाईकोर्ट के 19 जून के आदेश के अनुसार, वायरल तस्वीरें लंदन की नहीं बल्कि नवंबर 2024 में नई दिल्ली में आयोजित खेल कार्यक्रम की थीं.
क्या निखिल वागले ने अपनी टिप्पणी पर कोई माफी मांगी है?
वागले ने विवादित पोस्ट हटा दी थी और 15 अक्टूबर को अटॉर्नी जनरल को पत्र लिखकर मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय से बिना शर्त माफी मांगी थी.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

न्यायपालिका पर इस तरह के अनर्गल बयान देना और बाद में माफी मांगना महज़ नाटक है। जबान फिसलने और जानबूझकर की गई बयानबाजी में फर्क होता है, कोर्ट को ऐसे मामलों में सख्ती दिखानी ही चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

करण, बात तो सही है पर निखिल वागले ने तो शुरू में ही माफी मांग ली थी, फिर भी इतनी सख्ती क्यों?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp