चार राज्यों के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका, बीजेपी और सपा का दबदबाअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में एलन मस्क का बड़ा दांव, झोंके 7.6 करोड़ डॉलरमूलांक 2 राशिफल 29 अक्टूबर 2026: दिल की बातों और पैसों के लेन-देन में बरतें सावधानीअमेरिका में मतदान केंद्रों पर ICE की हरकतों पर नजर रखने के लिए उतरे हजारों वॉलंटियर्समूलांक 3 राशिफल 29 अक्टूबर: बैंक और पेमेंट से जुड़े रिकॉर्ड में न बरतें लापरवाहीझारखंड की इस रहस्यमयी नदी की रेत में चमकता है सोना, जानिए क्या है इसके पीछे का पूरा सचलातूर में 28 साल के किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बयां किया कर्ज का दर्दएमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद अमित शाह का कांग्रेस पर तंज, बोले- बैलट बॉक्स इस्तीफा दोत्रिपुरा में नए नर्सिंग कैंपस का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हेल्थकेयर एजुकेशन को दी नई मजबूतीबिहार विधान परिषद चुनाव में बड़ा उलटफेर, शिक्षक सीटों पर सभी मौजूदा पार्षदों की हार से भाजपा को तगड़ा झटका
डांट से नाराज होकर घर से निकलीं दो छात्राएं, एक महीने बाद राजस्थान से सुरक्षित वापसीपश्चिम बंगाल
4 अग॰ 2026, 3:11 am (86 दिन पहले)· 0

डांट से नाराज होकर घर से निकलीं दो छात्राएं, एक महीने बाद राजस्थान से सुरक्षित वापसी

पश्चिम बंगाल के बर्दवान जीआरपी ने करीब एक महीने की जांच के बाद मेमारी की दो लापता स्कूली छात्राओं को राजस्थान से बरामद कर परिवार को सौंप दिया। छात्राएं डांट से नाराज होकर घर से निकली थीं और काम की तलाश में राजस्थान पहुंच गई थीं।

करीब एक महीने तक चली सघन तलाशी के बाद पश्चिम बंगाल के बर्दवान रेलवे पुलिस यानी जीआरपी ने राजस्थान से दो लापता स्कूली छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सुरागों और अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी को खंगालने के बाद पुलिस टीम 31 जुलाई को राजस्थान के फूलबाग इलाके तक पहुंची और वहां से दोनों छात्राओं को बरामद किया। जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 2 अगस्त को दोनों को उनके परिवार के हवाले कर दिया गया।

ऐसे शुरू हुई पूरी घटना

मामला 1 जुलाई का है, जब मेमारी इलाके की दो स्कूली छात्राएं रोज़ की तरह स्कूल के लिए घर से निकली थीं। पुलिस के मुताबिक उस दिन कुल पांच छात्राएं एक साथ घर से निकली थीं, जिनमें से तीन तो स्कूल पहुंच गईं, लेकिन बाकी दो मेमारी में ही रुक गईं और आगे नहीं बढ़ीं। आरोप है कि इन दोनों छात्राओं ने अपने पास रखे करीब दो हजार रुपये और कुछ चांदी के गहने बेचकर एक मोबाइल फोन खरीदा। इसके बाद बिना घरवालों को कुछ बताए वे पहले बिहार गईं और वहां से आगे राजस्थान पहुंच गईं।

ये भी पढ़ें

परिवार की शिकायत पर जीआरपी ने संभाली जांच

बेटियों के लापता होने पर परिजनों ने सबसे पहले मेमारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन जांच के दौरान सामने आया कि मामला बर्दवान जीआरपी के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए 14 जुलाई को परिवार ने बर्दवान जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलते ही जीआरपी ने अपनी जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और अलग-अलग सुरागों को जोड़ते हुए आखिरकार दोनों छात्राओं का सुराग राजस्थान में ढूंढ निकाला।

डांट से नाराज होकर घर से निकली थीं दोनों

बरामदगी के बाद पूछताछ में दोनों छात्राओं ने पुलिस को बताया कि वे घर में हुई डांट-फटकार से नाराज होकर काम की तलाश में निकली थीं। राजस्थान पहुंचकर वे एक फैक्ट्री के गोदाम में रहने लगी थीं। पुलिस को शक है कि किसी ने वहां उनके रहने और काम की व्यवस्था कराई थी, इसी सिलसिले में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

करीब एक महीने की मेहनत के बाद मिली कामयाबी

करीब एक महीने तक चली लगातार जांच और पड़ताल के बाद दोनों छात्राओं की सुरक्षित बरामदगी और परिवार को सौंपे जाने को बर्दवान जीआरपी की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि छात्राओं को घर से भागने में किसी और का हाथ तो नहीं था, और हिरासत में लिए गए व्यक्ति की भूमिका को लेकर जांच जारी है।

सवाल-जवाब

छात्राएं कब से लापता थीं?
वे 1 जुलाई से लापता थीं और करीब एक महीने बाद बरामद हुईं।
उन्हें कहां से बरामद किया गया?
31 जुलाई को राजस्थान के फूलबाग इलाके से।
उन्हें परिवार को कब सौंपा गया?
जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 2 अगस्त को।
छात्राएं घर से क्यों निकली थीं?
घर में हुई डांट-फटकार से नाराज होकर वे काम की तलाश में निकली थीं।
राजस्थान में वे कहां रह रही थीं?
वे एक फैक्ट्री के गोदाम में रह रही थीं।
क्या किसी को हिरासत में लिया गया है?
हां, उनके रहने और काम की व्यवस्था कराने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस ने छात्राओं का पता कैसे लगाया?
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर।
बर्दवान जीआरपी थाने में शिकायत कब दर्ज हुई?
14 जुलाई को परिवार ने बर्दवान जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp