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दशहरा पर रावण की राख घर लाना कितना शुभ, ज्योतिषी ने बताए ये खास वास्तु उपायउत्तराखंड
17 अक्तू॰ 2026, 7:43 pm (20 दिन पहले)· 1

दशहरा पर रावण की राख घर लाना कितना शुभ, ज्योतिषी ने बताए ये खास वास्तु उपाय

ऋषिकेश के ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय के अनुसार, विजयादशमी के दिन रावण दहन की राख को घर लाकर चारों कोनों में छिड़कने से वास्तु दोष दूर होते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है।

ऋषिकेश में विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय के बड़े प्रतीक के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। लोग इस दिन रावण दहन के जरिए असत्य पर सत्य की जीत का उत्सव मनाते हैं और घरों में सुख-शांति व खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी विशेष दिन पर भगवान श्री राम ने अहंकारी रावण का संहार कर माता सीता को उसके बंधन से मुक्त कराया था। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि अहंकार और बुराई चाहे जितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो जाए, अंत में विजय केवल सच्चाई और अच्छाई की ही होती है।

रावण दहन की राख से जुड़े वास्तु उपाय

ऋषिकेश के जाने-माने ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी है। इसी पावन दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध भी किया था, जिसके कारण इसे शक्ति की आराधना और विजय के विशेष उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर बुराई के प्रतीक के तौर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले जलाए जाते हैं। मान्यता यह कहती है कि रावण दहन के तुरंत बाद उसकी राख को सहेजकर घर लाना चाहिए और इसे आवास के चारों कोनों में छिड़कना चाहिए, जिससे सभी प्रकार के वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं और घर में धन लाभ के योग बनते हैं।

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नारियल और लाल कपड़े का विशेष महत्व

पंडित अखिलेश पांडेय के मुताबिक, सनातन धर्म में नारियल को अत्यंत पवित्र माना गया है और इसे मां लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा जाता है। जब इस पवित्र नारियल को एक लाल रंग के साफ कपड़े में लपेटकर अपने घर के पूजा मंदिर में स्थापित किया जाता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। हिंदू धर्म में लाल रंग को ऊर्जा, उत्साह और मां लक्ष्मी का सबसे प्रिय रंग माना गया है। इस आसान से उपाय को आजमाने से घर का पूरा माहौल पूरी तरह शुद्ध और ऊर्जावान हो जाता है।

सकारात्मक ऊर्जा का संचार और कलह का अंत

घर के हर एक कोने में सकारात्मक ऊर्जा का तीव्र प्रवाह होने लगता है, जिससे परिवार के सदस्यों का मन शांत रहता है और आपसी कलह हमेशा के लिए दूर हो जाती है। इस प्रकार के धार्मिक और वास्तु के उपाय करने से घर में बरकत और सुख-समृद्धि का स्थायी वास होने लगता है, जिससे जीवन में खुशहाली आती है।

सवाल-जवाब

दशहरा पर्व मुख्य रूप से किस बात का प्रतीक है?
दशहरा या विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत और भगवान राम द्वारा रावण के वध का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
रावण दहन की राख घर लाने से क्या लाभ होता है?
रावण दहन की राख को घर लाकर चारों कोनों में छिड़कने से सभी प्रकार के वास्तु दोष दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है।
सनातन धर्म में नारियल को किसका स्वरूप माना गया है?
सनातन धर्म में नारियल को बेहद पवित्र और मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है।
नारियल को किस रंग के कपड़े में लपेटना चाहिए?
नारियल को लाल रंग के कपड़े में लपेटकर घर के मंदिर में स्थापित करना चाहिए।
ऋषिकेश में इस विषय पर किसने जानकारी दी है?
ऋषिकेश के ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय ने इस विषय पर वास्तु उपाय साझा किए हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·19 दिन पहले

अमेरिका में ऐसी परंपराएं नहीं होतीं, लेकिन पिछले साल जब मैं भारत में था, तो मैंने लोगों को रावण दहन की राख संभालते देखा था। संस्कृति का अपना ही रंग है।

Ravikash Gupta@ravikash·19 दिन पहले

पिछले साल हमारे यहाँ भी पापा ने रावण दहन के बाद ऐसी ही राख लाने की बात की थी, तब मुझे लगा था कि ये सिर्फ अंधविश्वास है। पर सच कहूँ तो ऐसी छोटी-सी आस्था घर में एक अजीब सा सुकून ले आती है, खासकर जब नारियल लाल कपड़े में बंधकर मंदिर में रखा जाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 दिन पहले

रविकेश जी, बात आस्था और सुकून की ही तो है, वरना नियमों-नीतियों से परे भी बहुत कुछ ऐसा होता है जो घरों को जोड़े रखता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

बचपन में हमारे मोहल्ले में रावण दहन के बाद सब राख बीनने दौड़ते थे, मां कहती थी इसे घर लाओ तो बलाएं टलती हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

करण भाई, आपकी मां वाली बात सौ फीसदी सही है, बचपन में हम भी राख घर जरूर लाते थे।

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