भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने 3 नवंबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पूरे विपक्षी इंडिया ब्लॉक पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने एक हालिया स्टिंग ऑपरेशन के खुलासों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि विपक्षी खेमे के संबंध ऐसे तत्वों से हैं जो देश में अस्थिरता और उपद्रव भड़काने की साजिशों में लिप्त हैं। प्रवक्ता के अनुसार, विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और जनादेश का सम्मान करने के बजाय अराजक तौर-तरीकों के जरिए सत्ता तक पहुंचने की फिराक में है। उन्होंने कहा कि ऐसे रवैये के कारण ही राहुल गांधी की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं और वे लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।
गौरव भाटिया ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक प्रमुख और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय भारत की बढ़ती ताकत, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उसकी निष्ठा को सम्मान की नजर से देखता है। देश ने पिछले 12 वर्षों में निरंतर राजनीतिक व सामाजिक स्थिरता बनाए रखी है, जो हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। इसके विपरीत, विरोधी दल संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने और चुनी हुई सरकार को असंवैधानिक तरीकों से उखाड़ फेंकने की बातें कर रहे हैं। भाटिया ने सवाल उठाया कि जब जनता वोट के जरिए फैसला करती है, तो विपक्ष किस आधार पर सरकार को गिराने की बयानबाजी कर रहा है।
स्टिंग ऑपरेशन और सिंहासन के पागलपन का उदाहरण
भाजपा प्रवक्ता ने एक चर्चित काल्पनिक कहानी और लोकप्रिय वेब सीरीज के किरदार का हवाला देते हुए विपक्ष की राजनीतिक मानसिकता पर कटाक्ष किया। उन्होंने उस किरदार की मानसिकता का जिक्र किया जो हर हाल में तख्त हासिल करना चाहता है, भले ही इसके लिए पूरा मुल्क राख के ढेर में तब्दील हो जाए। भाटिया ने कहा कि विपक्ष की मौजूदा सोच भी ठीक वैसी ही नजर आती है, जहां सत्ता पाने की ललक में देश के अमन और सौहार्द की परवाह नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटकर और समाज में विभाजन पैदा करके राज करने की इच्छा किसी भी जिम्मेदार नेतृत्व को शोभा नहीं देती।
उन्होंने बताया कि इन साजिशों और अराजक हरकतों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत से सड़कों पर उतरी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' शीर्षक से आयोजित एक बड़े मार्च का नेतृत्व किया था। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक विशाल जनमार्च निकाला, जिसमें बड़ी तादाद में आम नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भाटिया ने रेखांकित किया कि देश की आम जनता कभी भी उग्र और हिंसक प्रदर्शनों को स्वीकार नहीं करती, क्योंकि शांति, कानून का पालन और संविधान में अटूट भरोसा ही भारत की वास्तविक पहचान और जनमानस का मूल स्वभाव है।
विपक्ष से जुड़े चेहरों और बयानों पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान गौरव भाटिया ने उन चेहरों के बयानों को सामने रखा जो स्टिंग ऑपरेशन के जरिए चर्चा में आए हैं और जिनके तार विपक्षी दलों से जुड़े होने का आरोप है। उन्होंने जमीयत उलेमा ए हिंद के मुंबई प्रमुख मौलाना सिराज खान के बयान को रेखांकित किया। सिराज खान ने कहा था कि जब समुदाय उठ खड़ा होगा तो किसी से संभाला नहीं जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि यह बात फ्रांस में हुए दंगों, आगजनी और लूटपाट जैसी परिस्थितियों के संदर्भ में कही गई थी। भाटिया ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों का मकसद हिंदू और मुस्लिम एकता को चोट पहुंचाना, सड़कों पर अशांति फैलाना और देश की संप्रभुता व भाईचारे के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करना है।
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता ने मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन के डीयू अध्यक्ष शाफवान के बयानों का भी विस्तार से उल्लेख किया। शाफवान ने कथित तौर पर चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि लंबे समय तक कोई सुरक्षित नहीं रहेगा और यदि 20 जुलाई जैसे हालात दोबारा पैदा हुए, तो देश में नेपाल और बांग्लादेश जैसी उथल-पुथल की स्थितियां बन सकती हैं। गौरव भाटिया ने कहा कि ये खुलासे साफ दर्शाते हैं कि विपक्षी नेतृत्व सामान्य लोकतांत्रिक तरीकों की बजाय विदेशी उपद्रवों की तर्ज पर अशांति पैदा करने का सपना देख रहा है।
लोकतंत्र पर चोट और चुनावी नतीजों का दावा
गौरव भाटिया ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वे मतपेटी के जरिए जीतने का भरोसा खो चुके हैं और अब सिर्फ व्यवधान खड़ा करके व्यवस्था को पटरी से उतारना चाहते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति का संदर्भ देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करेंगे। भाटिया के अनुसार, विपक्ष के ये 'दगे हुए कारतूस' देश के मजबूत लोकतंत्र को तनिक भी हिला नहीं पाएंगे क्योंकि देश की जनता पूरी तरह सतर्क है।
संबोधन के अंत में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी खेमा आंदोलन की आड़ में महिलाओं को ढाल बनाकर आगे करने की साजिश रचता है, जो बेहद आपत्तिजनक और संकीर्ण सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए उनका मोहरे के रूप में इस्तेमाल करना निंदनीय है। प्रवक्ता ने राहुल गांधी के आचरण पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विनाशकारी राजनीति करने वाले लोग कभी देश का निर्माण नहीं कर सकते।
















