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देहरादून में 400 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे का दावा, बीजेपी नेता विनोद कश्यप की मौत से जुड़े सवालउत्तराखंड
16 जून 2026, 6:08 pm (42 दिन पहले)· 1

देहरादून में 400 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे का दावा, बीजेपी नेता विनोद कश्यप की मौत से जुड़े सवाल

देहरादून के बैरागीवाला और कुशालपुर इलाके में करीब 400 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप लगे हैं, और बीजेपी नेता विनोद कश्यप की हाल की मौत को कुछ स्थानीय लोग इन्हीं भूमि विवादों से जोड़ रहे हैं।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का पछवादून इलाका इन दिनों कई वजहों से सुर्खियों में है। बैरागीवाला और कुशालपुर क्षेत्र में कानून व्यवस्था के सवालों के साथ साथ सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे और तेजी से बदलती आबादी की बनावट को लेकर चर्चा गरम है। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यहां बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि हड़पी गई है।

कितनी जमीन पर कब्जे का दावा

स्थानीय लोगों के मुताबिक बैरागीवाला और कुशालपुर इलाके में करीब 400 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया है। इनमें से लगभग 90 बीघा भूमि ऐसी बताई जा रही है जो कब्रिस्तान के लिए चिन्हित की गई थी। लोगों का आरोप है कि सालों से चले आ रहे इस अतिक्रमण के कारण पूरे क्षेत्र की सूरत बदल गई है और जनसंख्या की संरचना में भी साफ बदलाव दिखाई देने लगा है।

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विनोद कश्यप की मौत और भूमि विवाद का कोण

इलाके में हाल ही में हुई विनोद कश्यप की मौत को कुछ स्थानीय लोग इन्हीं जमीन विवादों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस स्तर पर मामले की जांच जारी है। मृतक विनोद कश्यप के भाई, जो सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के जरिए तरह तरह के मामले उठाते रहे हैं, उनका कहना है कि बाहरी राज्यों से लोगों को लाकर सरकारी जमीन पर कब्जा कराया गया। उनका दावा है कि कब्जे का दायरा 400 बीघा से भी ज्यादा हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में वे कई बार प्रशासन को शिकायतें दे चुके हैं।

कब्रिस्तान की जमीन पर गड़बड़ी का आरोप

दूसरी ओर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष खालिद मंसूर ने आरोप लगाया है कि कब्रिस्तान के लिए चिन्हित करीब 90 बीघा जमीन में गड़बड़ी की गई है। उनका कहना है कि इस भूमि के प्रबंधन और इस्तेमाल को लेकर गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी शिकायत संबंधित विभागों के साथ साथ वक्फ बोर्ड तक भी पहुंचाई गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पहले भी हट चुका है बड़ा अतिक्रमण

यह याद रखने वाली बात है कि कुछ साल पहले हाईकोर्ट के आदेश पर विकासनगर क्षेत्र में शक्ति नहर के दोनों किनारों पर बसी यूजेवीएनएल की जमीन से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया था। उस कार्रवाई में एक हजार से अधिक निर्माणों के साथ साथ धार्मिक ढांचों को भी हटाया गया था। यानी इस इलाके में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कोई नई बात नहीं है।

विधायक का सत्यापन का ऐलान

स्थानीय विधायक सहदेव पुंडीर का कहना है कि क्षेत्र में सरकारी भूमि और वहां बसे लोगों का व्यापक सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी बातचीत की जाएगी और जहां कहीं भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां नियमों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई होगी।

आगे क्या देखना अहम होगा

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि अगर सरकारी जमीन पर सालों तक कब्जे होते रहे तो संबंधित विभागों की निगरानी आखिर कितनी कारगर रही। साथ ही यह भी देखना दिलचस्प रहेगा कि प्रस्तावित सत्यापन अभियान सिर्फ एक प्रशासनिक खानापूर्ति बनकर रह जाता है या फिर इसके आधार पर जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई भी होती दिखती है।

सवाल-जवाब

कितनी सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप है?
स्थानीय लोगों का दावा है कि बैरागीवाला और कुशालपुर इलाके में करीब 400 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है, जबकि विनोद कश्यप के भाई का कहना है कि यह दायरा इससे भी ज्यादा हो सकता है।
कब्रिस्तान के लिए कितनी जमीन चिन्हित थी?
करीब 90 बीघा भूमि कब्रिस्तान के लिए चिन्हित बताई जा रही है, जिसमें गड़बड़ी का आरोप है और शिकायत वक्फ बोर्ड तक पहुंचाई गई है।
क्या विनोद कश्यप की मौत भूमि विवाद से जुड़ी है?
कुछ स्थानीय लोग ऐसा मानते हैं, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की जांच जारी है।
प्रशासन अब क्या करने जा रहा है?
विधायक सहदेव पुंडीर के मुताबिक सरकारी भूमि और वहां बसे लोगों का व्यापक सत्यापन होगा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चर्चा होगी और अवैध कब्जे मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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